- बॉम्बे हाई कोर्ट ने बाबा सिद्दीकी हत्या मामले के आरोपी आकाशदीप सिंह को जमानत दे दी है.
- आरोपी को हर दूसरे सोमवार पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी और पासपोर्ट जमा करना अनिवार्य होगा.
- आकाशदीप को पंजाब के फाजिल्का जिले से गिरफ्तार किया गया था और वह इस मामले में 24वां आरोपी है.
बॉम्बे हाई कोर्ट ने पूर्व विधायक बाबा सिद्दीकी हत्याकांड मामले में सोमवार को आरोपी आकाशदीप सिंह को सशर्त जमानत दे दी है. पंजाब का रहने वाला आकाशदीप इस केस में जमानत पाने वाला पहला आरोपी है. अदालत में सुनवाई के दौरान आकाशदीप के वकीलों ने दलील दी कि उसके खिलाफ एजेंसियों के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है. बाबा सिद्दीकी की मुंबई में 12 अक्टूबर 2024 को गोली मारकर के हत्या कर दी गई थी.
जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने साफ कहा कि आरोपी को जमानत दी जा रही है, लेकिन इसका असर बाकी आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर नहीं पड़ेगा. कोर्ट ने जमानत के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं. इनके तहत आरोपी को हर दूसरे सोमवार को संबंधित पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगानी होगी. इसके अलावा वह ट्रायल कोर्ट की इजाजत के बिना राज्य से बाहर नहीं जा सकेगा और उसे अपना पासपोर्ट भी जमा करना होगा.
27 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी
21 साल के आकाशदीप सिंह को पंजाब के फाजिल्का जिले से गिरफ्तार किया गया था. मुंबई क्राइम ब्रांच ने पंजाब की एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के साथ मिलकर यह कार्रवाई की थी. आकाशदीप इस केस में 24वां गिरफ्तार आरोपी था. अब तक इस हत्याकांड में 27 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है.
हालांकि आरोपी की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी कि आकाशदीप के खिलाफ ठोस सबूत नहीं हैं. उन्होंने कहा कि सिर्फ एक आरोपी के साथ कॉल रिकॉर्ड का जिक्र है और वह भी हत्या से काफी पहले का है, जिसके कारण आरोपी का इस वारदात से सीधा संबंध नहीं बनता है.
कोर्ट ने इसलिए दी आकाशदीप को जमानत
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से साफ तौर पर पूछा कि आकाशदीप की भूमिका क्या थी और उसके खिलाफ कौन-सा पुख्ता सबूत मौजूद है. उपलब्ध दस्तावेजों और दलीलों को देखने के बाद कोर्ट ने माना कि फिलहाल जमानत देने से जांच पर असर नहीं पड़ेगा और इसी आधार पर आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया गया.
गौरतलब है कि 12 अक्टूबर 2024 को तीन बार कांग्रेस के विधायक बाबा सिद्दीकी की मुंबई के बांद्रा इलाके में उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के दफ्तर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बाद में इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई के नाम से सामने आई थी. यह मामला अब भी जांच के दायरे में है और बाकी आरोपियों को लेकर कोर्ट में सुनवाई जारी है.
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