Parliament Special Session LIVE: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में संबोधन के दौरान कहा कि आज सुबह से चर्चा शुरू हुई है. जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं. उस समय समाज की मनोस्थिति और नेतृत्व की क्षमता उस पल को कैप्चर करके एक राष्ट्र की अमानत बना देती है, एक मजबूत धरोहर तैयार कर देती है. उन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह वैसा ही पल है. आवश्यकता तो ये थी कि 25-30 वर्ष पहले जब आवश्यकता महसूस हुई तो हम इसको लागू कर देते और काफी परिपक्वता तक पहुंचा देते, आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर सुधार भी होते. यही लोकतंत्र की ड्यूटी होती है. हमारी हजारों वर्ष की लोकतंत्र की विकास यात्रा रही है. विकास यात्रा में नया आयाम जोड़ने का शुभ अवसर सदन के सभी साथियों को मिला है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब भाग्यवान हैं कि हमें ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति निर्धारण की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का सौभाग्य मिल रहा है. मैं चाहता हूं कि सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें. हम सब मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं. हमारी शासन व्यवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने के लिए जा रहे हैं. मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला है.
Here are the LIVE Updates of Parliament Special Session
Parliament LIVE Updates: जब 543 को समय नहीं मिलता तो 850 को कैसे मिलेगा...सपा सांसद राम शिरोमणि शर्मा
सपा सांसद राम शिरोमणि शर्मा ने कहा कि आज सांसदों की संख्या 543 है और सभी को अपने क्षेत्र और देश के सांसदों को मुद्दे उठाने का समय नहीं मिल पाता. ऐसे में 850 सांसदों को कहां से समय मिलेगा. महिलाओं का आऱक्षण 33 फीसद से 50 फीसद होना चाहिए.
भारत के लोकतंत्र का पुनर्निर्माण...महिला आरक्षण और परिसीमन पर दिल्ली बीजेपी सांसद
दिल्ली की बीजेपी सांसद कमलजीत सहरावत ने कहा कि ये तीनों विधेयक आपस में जुड़े हुए हैं. ये विधेयक महिलाओं को अधिक सशक्त बनाते हैं और भविष्य के राजनीतिक ढांचे को तैयार करते हैं. ये कानून नहीं बल्कि भारत के लोकतंत्र का पुनर्निर्माण है.
ये बड़ा परिवर्तन लाने वाला कदम...महिला आरक्षण पर बीजेपी सांसद महिमा कुमारी
बीजेपी सांसद महिमा कुमारी ने कहा कि पीएम मोदी ने एक सपने का साकार किया है. जो त्याग महिला कर सकती है वो कोई नहीं कर सकता. महिलाओं में क्षमता की कोई कमी नहीं है. मौका मिलने पर उन्होंने खुद को साबित किया है. ये बड़ा परिवर्तन लाने वाला कदम है. मैं अपने क्षेत्र और देश में जब कहीं निकलती हूं तो देखती हूं कि महिलाएं हर सेक्टर में खास भूमिका निभा रही है लेकिन उन्हें जब तक निति निर्माण में समान योगदान नहीं मिलेगा तब तक उनका पूर्ण योगदान सामने नहीं आएगा.
ये महज विधेयक नहीं बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय...महिला आरक्षण पर बीजेपी सांसद भारती पारधी
बीजेपी सांसद भारती पारधी ने कहा कि ये महज विधेयक नहीं बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है. हम आज महिलाओं को शक्ति नहीं दे रहे बल्कि उनकी शक्ति को मान्यता दे रहे हैं. ये सिर्फ सीटों का आरक्षण नहीं बल्कि सोच का परिवर्तन है. 33 प्रतिशत के आरक्षण का निर्णय सिर्फ ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और क्रांति की दिशा में नया कदम है. मोदी सरकार ने सबका साथ सबका विकास का रास्ता अख्तियार किया है ये उसी का उदाहरण है.
सांसद बढ़ाने पर देश पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा...दमन और दीव के निर्दलीय सांसद उमेशभाई बाबूभाई पटेल
दमन और दीव के निर्दलीय सांसद उमेशभाई बाबूभाई पटेल ने कहा कि हम सांसदों की सीट बढ़ाने की बात कर रहे हैं, जबकि हमें देश के नागरिकों की सीट बढानी चाहिए. जब तक आम आदमी का जीवन नहीं सुधरेगा तब तक कोई परिवर्तन नहीं होगा. सांसद बढ़ाने से देश पर आर्थिक बोझ भी बढ़ेगा क्योंकि जितने सांसद उतनी सैलरी, फ्री का हवाई सफर, घर जैसी अलग अलग तरह की सुविधाएं. साथ ही सांसद न रहने पर पेंशन. सैनिकों को पेंशन मिले ना मिले लेकिन सांसदों को मिलेगी.
Parliament LIVE Updates: सरकार धोखा कर रही है...परिसीमन और महिला आरक्षण पर इकरा चौधरी
सपा की कैराना सांसद इकरा चौधरी ने कहा कि सरकार धोखा करने जा रही है. ये लोग चाहते हैं कि ये अपने हिसाब से परिसीमन करें और महिलाओं को उनके अधिकारों से दूर रखें. महिला बिल तो पास हो चुका है. चिंता इस बात की है कि ये परिसीमन के जरिए किस तरह राजनैतिक लाभ उठाना चाह रहे हैं. अब महज 3 सालों में ऐसा क्या बदल गया. क्या संविधान बदल गया और सरकार की जरूरतें बदल गई. जब चुनाव हो रहे हैं तब जाहिर है कि सरकार इसका फायदा उठाना चाह रही है. ये सिर्फ राजनीतिक मौकापरस्ती है. सरकार जानबूझकर पुराने आकंड़ों का यूज करना चाह रही है जबकि सरकार जनगणना कराने में विफल रही.

उत्तर दक्षिण पर राज करेगा...परिसीमन पर ओवैसी का दावा
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच आर्थिक योगदान और कर ढांचे को लेकर बयान देते हुए कहा कि देश में उत्तर राज करेगा, जबकि खर्च दक्षिण वहन करेगा. ओवैसी ने कहा कि देश को मिलने वाले कुल टैक्स में 21 फीसदी हिस्सा दक्षिण भारत से आता है, जबकि भारत की जीडीपी में दक्षिण का योगदान करीब 30 फीसदी है. उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2022‑23 में दक्षिण भारत का योगदान 3.46 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि देश की कुल आबादी में दक्षिण भारत की हिस्सेदारी केवल 19 फीसदी है.
ये मुल्क को कमजोर करने की हरकत...महिला आरक्षण और परिसीमन पर ओवैसी
ओवैसी ने कहा कि गृह मंत्री ने कहा कि तेलंगाना में 25 सीट होगी. मैं अपील करता हूं अगर आप वाकई सच्चे हैं तो मैंने एक अमेडेटमेंट मूव लेकर आया हूं आप सपोर्ट कर दीजिए उसे. जब कानून की बात हो रही है तो उसमें लिख क्यों नहीं रहे 50 फीसद वाली बात. लेकिन आप लिखते ही नहीं. ये मत करिए क्योंकि ये मुल्क को कमजोर करने की हरकत होगी.
महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में क्या बोले ओवैसी
असुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं इस बिल की मुखालफत में खड़ा हूं. अगर ये तीन कानून बन जाएंगे तो विपक्ष की आवाज नहीं के बराबर संसद में होगी. आबादी के हिसाब से सीट दी जाएगी. मतलब जिसकी जितनी ज्यादा आबादी उसकी उतनी ज्यादा सीट और कम वाले की कम. अगर यूपी- बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान, हरियाणा को मिला लें तो यहां पर 392 सीट होगी और सरकार बनाने को 34 सीट की जरूरत होगी.

Parliament LIVE Updates: नेताओं पर सबसे ज्याद यौन शोषण के आरोप...पूर्णिया सांसद पप्पू यादव
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि सबसे ज्यादा यौन शोषण के आरोप नेताओं पर है उसके बाद पदाधिकारी. नोएडा में बेटियों के साथ कितनी ज्यादती की गई है. महिला आरक्षण के पक्ष में सब है. उनके अधिकार और सम्मान की बात हम करते हैं. इस सत्र की क्या जरूरत थी. ऊपर से आपने परिसीमन भी जोड़ दिया, जब आपको परिसीमन का पता ही नहीं. आप जनगणना की बात कर रहे हैं लेकिन जाति जनगणना की नहीं.
दक्षिण को कोई नुकसान नहीं होगा...बीजेपी सांसद महिला आरक्षण और परिसीमन पर
बीजेपी सांसद शंशाक मणि ने कहा कि कई लोगों ने अनेकों दलील की. हमारी तरफ से साफ किया गया कि दक्षिण को कोई नुकसान नहीं होगा. हमारी नारी शक्ति ने प्राचीन काल से ही हमें नवाचार दिया. 33 प्रतिशत महिलाओं के आने से नई सोच का उद्गम होगा. हम वैश्विक स्तर पर नया संदेश देंगे.
Parliament LIVE Updates: अगर परिसीमन अच्छा नहीं होगा तो परिणाम भी अच्छे नहीं होंगे...संसद में सपा सांसद देवेश शाक्य
सपा सांसद देवेश शाक्य ने कहा कि हम चाहते हैं कि अगर सरकार महिलाओं की वाकई हितैषी है तो इसे आज ही लागू कर दें. लेकिन अगर परिसीमन अच्छा नहीं होगा तो इसके परिणाम भी अच्छे नहीं होंगे. बहुत सी महिलाएं ऐसी है जिन्हें आज तक न्याय नहीं मिला. मैं मांग करता हूं कि सभी को न्याय मिले. पहले जाति जनगणना कराए फिर आगे की प्रक्रिया हो.
हमारी सरकार ने कहा जा जी ले अपनी जिंदगी...बीजेपी सांसद कंगना रनौत
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने कहा कि मैं सभी को बधाई दे रही हूं कि हम इतिहास का हिस्सा बने. आज पीएम मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार ने जो किया है, ये ठीक वैसा ही है. जैसा कि दिलवाले दुल्हनिया में कहा जाता है कि जा सिमरन जी ले अपनी जिंदगी. आज हमारी सरकार ने इस भारत की बेटियों को कहा है कि सारे पिंजरे टूट गए हैं सारी दीवारें टूट गई है जी ले अपनी जिंदगी
Parliament LIVE Updates: सोनिया गांधी ने 2024 में महिला आरक्षण लागू करने को कहा...कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद
कांग्रेस के मोहम्मद जावेद ने कहा कि सोनिया गांधी ने गुजारिश की थी कि इस महिला आरक्षण को 2024 में ही लागू कर दिया जाए और अगर लागू कर देते तो बात कुछ और हो जाती. लेकिन सरकार ने तब क्या कहा, तब सरकार ने ये कहा कि हम जनगणना कराएंगे फिर परिसीमन. ऐसे में इसको अभी लाने का क्या मकसद. दरअसल ये नहीं चाहते कि जनगणना में जाति का पता चलें.
संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन पर प्रियंका ने क्या कुछ कहा, प्वाइंटर्स में जानिए
- कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक को सत्ता बनाए रखने का बहाना करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा.
- प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यदि परिसीमन से जुड़े प्रावधानों वाला विधेयक पारित होता है, तो देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा.
- उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण को लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए और जाति जनगणना के बिना परिसीमन नहीं होना चाहिए.
- अपने भाषण में प्रियंका गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के हंसने पर तंज कसते हुए इसे सोची‑समझी राजनीतिक कुटिलता बताया.
- उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने ओबीसी मुद्दे को हल्के में लिया और सवाल उठाया कि क्या वे जातिगत जनगणना से डरते हैं.
- प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार विधेयक इसलिए लाई है क्योंकि वह ओबीसी को वास्तविक भागीदारी नहीं देना चाहती.
- उनका आरोप है कि 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन किया गया तो ओबीसी वर्ग का हक छीना जाएगा, जिसे कांग्रेस कभी स्वीकार नहीं करेगी.
- कांग्रेस महासचिव ने कहा कि जिस “राजनीति की बू” का जिक्र प्रधानमंत्री करते हैं, वह इस विधेयक में पूरी तरह मौजूद है.
- उन्होंने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री सच में महिलाओं का सम्मान करते, तो महिला आरक्षण का राजनीतिक इस्तेमाल नहीं करते.
- प्रियंका गांधी ने कहा कि यदि सरकार ईमानदार होती तो महिला आरक्षण को मौजूदा सीटों के भीतर ही लागू किया जा सकता था, जिससे बिना प्रक्रिया वाले परिसीमन से देश को नुकसान न होता.
जब तक जाति जनगणना नहीं तब तक महिला आरक्षण लागू नहीं...जेएमएम सांसद जोबा माझी
जेएमएम सांसद जोबा माझी ने कहा कि सत्ता पक्ष ने कहा कि 2029 से लागू हो जाएगा, 2011 के आधार पर परिसीमन होगा और महिला आऱक्षण सुनिश्चित करेंगे. 15 साल में देश की जनसंख्या में बदलाव आया है. जब जनगणना शुरू हुई तो ब्यौरा देश के सामने क्यों नहीं है. ऐसी कौन सी मजबूरी की संसद का विशेष सत्र बुलाया गया. जो सरकार महिलाओं के वोटों का अतिक्रमण करती है वो ही महिला आरक्षण की बात करती है जो हास्यापद है. विधेयक को इस तरह लाना हमें उचित नहीं लगता. जब तक आप जातिगत जनगणना नहीं करेंगे तब तक इसे लागू नहीं किया जा सकता.
परिसीमन को पहनाया जा रहा है महिला आरक्षण विधेयक का अमली जामा...संसद में मनीष तिवारी
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि ये परिसीमन का विधेयक है जिसके ऊपर महिला आरक्षण का अमली जामा चढ़ाया गया. महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित हो गया उसमें साफ कहा था कि जो जनगणना होगी उसके आधार पर परिसीमन होगा और फिर सबकुछ होगा. पिछले 30 महीने में ऐसा क्या बदल गया कि 2023 की जनगणना की बात करने वाली सरकार आज 16 साल पहले 2011 की जनगणना पर पहुंच गई. इस बहस में अब तक इस बारे में पता नहीं चला

सरकार की नियत पर शक...महिला आरक्षण बिल पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद
सपा पार्टी के फैजाबाद से सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि जो बिल लाया गया है उससे सरकार की नियत पर शंका हो रही है. अगर लाना चाहते हैं तो पहले जाति जनगणना की बात करिए.
Amit Shah in Parliament: Live: लोकसभा में गृह मंत्री के संबोधन की खास बातें
- संसद के विशेष सत्र में तीन विधेयकों को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी आने की आशंकाओं को सिरे से खारिज किया. उन्होंने लोकसभा में स्पष्ट किया कि यह एक भ्रामक नैरेटिव है और प्रस्तावित बदलावों के बाद दक्षिणी राज्यों की ताकत घटने के बजाय बढ़ेगी.
- अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि यह धारणा बनाई जा रही है कि इन विधेयकों के लागू होने से दक्षिण भारत की लोकसभा में हिस्सेदारी कम हो जाएगी, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल उलट है. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी क्षेत्र को नुकसान पहुंचाना नहीं, बल्कि जनसंख्या के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है.
- गृह मंत्री ने संभावित परिसीमन के बाद सीटों में होने वाली वृद्धि के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि कर्नाटक में वर्तमान 28 सीटें बढ़कर 42 होंगी. इसी तरह, आंध्र प्रदेश में 25 से बढ़कर 38 सीटें होंगी, और तेलंगाना में 17 से बढ़कर 26 सीटें होंगी.
- तमिलनाडु और केरल को लेकर आश्वासन देते हुए गृह मंत्री शाह ने कहा कि तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी और केरल की सीटें 20 से बढ़कर 30 होंगी. उन्होंने आगे कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की राजनीतिक शक्ति में वृद्धि होगी, न कि कमी.
- गृह मंत्री के अनुसार, वर्तमान में लोकसभा की 543 सीटों में दक्षिणी राज्यों के 129 सांसद हैं. प्रस्तावित वृद्धि के बाद यह संख्या बढ़कर 195 तक पहुंच सकती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे दक्षिण भारत की आवाज संसद में और मजबूत होगी. अमित शाह ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा.
- गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि जो लोग यह कह रहे हैं ये बिल सत्ता की लालसा में लाया गया है, वो हमारी शक्ति ज्यादा मान रहे हैं. 130 करोड़ लगों के मत को कौन अपने हिसाब से बदल सकता है और अगर कर पाते तो हम तो जीत ही नहीं पाते हम तो विपक्ष में बैठे थे.
- जनमत को अपने हिसाब से नहीं बदला जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र को इस देश से कोई खत्म नहीं किया जा सकता, इमरजेंसी के वक्त ऐसा करने वालों को लोगों ने खत्म कर दिया.
ये बिल सत्ता की लालसा में लाया गया, विपक्ष के इस आरोप पर आया गृह मंत्री का जवाब
गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि जो कह रहे हैं ये बिल सत्ता की लालसा में लाया गया है, वो हमारी शक्ति ज्यादा मान रहे हैं. 130 करोड़ के जनमत को कौन अपने हिसाब से बदल सकता है और अगर कर पाते तो हम तो जीत ही नहीं पाते हम तो विपक्ष में बैठे थे. जनमत को अपने हिसाब से नहीं बदला जा सकता. मैं कहता हूं इस देश से कोई भी लोकतंत्र से खत्म नहीं किया जा सकता, जिन्होंने इमरजेंसी के वक्त ऐसा किया उन्हें लोगों ने खत्म कर दिया.

लोकसभा में परिसीमन पर अमित शाह का बयान, दक्षिणी राज्यों की सीटें बढ़ने का अनुमान
संसद के विशेष सत्र के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन को लेकर दक्षिणी राज्यों में प्रतिनिधित्व घटने की आशंकाओं पर जवाब दिया. लोकसभा में बोलते हुए उन्होंने संभावित आंकड़े पेश किए और कहा कि प्रस्तावित ढांचे में किसी भी क्षेत्र को नुकसान नहीं होगा. अमित शाह के अनुसार, कर्नाटक में लोकसभा सीटें 28 से बढ़कर 42 हो सकती हैं, आंध्र प्रदेश की सीटें 25 से 38, तेलंगाना की 17 से 26 और तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 तक पहुंच सकती हैं. उन्होंने कहा कि ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि परिसीमन के बाद भी दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी नहीं आएगी.
Amit Shah in Parliament: Live: परिसीमन में क्या वाकई दक्षिण भारत की सीटें हो जाएगी कम, संसद में हकीकत बता रहे हैं अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव, भ्रांति फैलाई जा रही है कि जो तीन विधेयक है, उनके आने से दक्षिण की संख्या कम हो जाएगा और नुकसान हो जाएगा. इसके लागू होने से कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से 42 हो जाएगी.
Priyanka Gandhi in Parliament: 543 सीटों पर ही मिले महिलाओं को आरक्षण...लोकसभा में प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी ने कहा कि इन्हीं 543 सीटों में महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं मिल रहा है. इसी में महिलाओं का आरक्षण मिल जाए. शुभ काम भी हो जाएगा और परिसीमन से देश का नुकसान भी नहीं होगा. देश के इतिहास में महत्वपूर्ण कदम उठाने पर पीएम मोदी का नाम ऐतिहासिक पन्नों में लिखा जाएगा.
Parliament LIVE Updates: महिला आरक्षण पर क्या बोल रही हैं प्रियंका गांधी
- प्रियंका गांधी ने कहा कि संविधान सबका है, किसी एक का हक छीन इसे नहीं चलाया जा सकता है. इसमें संसद का 50 फीसद विस्तार प्रस्तावित है लेकिन इसमें कोई ठोस आधार नहीं है इसे कैसे लागू किया जाएगा इस बारे में कोई एक बात नहीं है.
- हमारे लोकतंत्र की व्यवस्था में इतने बड़े परिवर्तन की व्यवस्था है लेकिन इन्हें उससे कुछ नहीं करना. जिस तरह असम में हुआ वैसे ही बाकी जगहों पर करना चाह रहे हैं.
- परिसीमन के तहत पूरे देश को भागीदारी तय की जाएगी. अगर ये विधेयक पारित होता है तो समझ लीजिए लोकतंत्र खत्म हो रहा है.
- एक तरफ महिला आरक्षण की बड़ी-बड़ी बातें और दूसरी तरफ ओबीसी का हक छीना जा रहा है. चुनाव के लिए अपनी पार्टी को मजबूत किया जा रहा है.
- पूरी योजना बना रखी है अगर चाणक्या आज जिंदा होते तो वो भी चौंक जाते हैं. इस दौरान संसद में हंसी का माहौल भी देखने को मिला
Parliament LIVE Updates: इसमें राजनीतिक बू घुली है...महिला आरक्षण पर संसद में प्रियंका गांधी
प्रियंका गाधी ने कहा कि साल 2018 में राहुल ने एक पत्र मोदी जी को लिखा उसमें ये कहा कि ये आरक्षण 2019 तक लागू हो जाना चाहिए. आज की चर्चा महिला आरक्षण पर नहीं है जो प्रारूप हमने पढ़ा उससे पूरी चर्चा ही बदल गई. इसमें लिखा है कि संसद में महिला आरक्षण 2029 लागू हो. फिर कहा गया कि इसे लागू करने के लिए सीटों की संख्या 850 तक हो जाए और इन्हें बढ़ाने के लिए एक परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना पर काम करेगा. ऊपर से इसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं लगती. लेकिन इसमें राजनीतिक बू घुली हुई है.

Parliament LIVE Updates: महिला आरक्षण पर बोल रही हैं प्रियंका गांधी
कांग्रेस सांसद प्रियंका गाधी ने कहा कि ये वो मुद्दा है जो देश की हर महिला के दिल का मुद्दा है. इसका बैकग्राउंड ये है कि इसकी शुरुआत की नेहरु के दौर से हुई. 1928 में एक रिपोर्ट तैयारी हुई, जिसे कांग्रेस की कार्य समिति को सौंपा गया. उसमें मूल अधिकारों की सूची बनाई. कराची कांग्रेस अधिवेशन में इस प्रस्ताव को पारित किया और वहीं से ये बात हुई कि महिलाओं की भागीदारी हो.
Parliament LIVE Updates: हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं बल्कि परिसीमन के खिलाफ...संसद में श्रीनगर के सांसद
जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने कहा कि हम सब महिला आरक्षण के लिए खिलाफ नहीं है. इस बिल के जरिए पहला ऐतराज है कि माइनोरिटी का संतुलन बिगाड़ा जाए. कश्मीर में हमने इसे झेला है और हम नहीं चाहते हैं ऐसा ही परिसीमन हो. दूसरा सवाल ये है कि हमने जब हम इस मुल्का का हिस्सा बने तो हमने कुछ प्रोटेक्सन मांगे, आज वो सब खत्म हो गए. जिनका मकसद सिर्फ इतना था कि कुछ खास लोग ही ये फैसला ना लें.
PM Modi in Parliament: मैं अति पिछड़े वर्ग से आता हूं, लेकिन मेरा दायित्व सभी वर्गों को साथ लेकर चलने का है: मोदी
पीएम मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह अति पिछड़े वर्ग से आते हैं, लेकिन उनका दायित्व है कि समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलें. प्रधानमंत्री ने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर अपने विचार रखते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक समझदारी इसी में हैं कि हमें जमीनी स्तर पर महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व को स्वीकार करना होगा.’’
मोदी ने महिला आरक्षण पर समाजवादी पार्टी के रुख का परोक्ष जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आप देश की बहनों पर, उनकी समझदारी पर भरोसा तो करो. एक बार 33 प्रतिशत बहनों को यहां आने तो दो, उन्हें निर्णय करने दो. उनकी सामर्थ्य परनिर्णय क्यों।उनकी सामर्थ्य पर आशंका क्यों है, उन्हें एक बार आने तो दो.’’ इस दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव कहते सुने गए, ‘‘प्रधानमंत्री जी आप खुद पिछड़े वर्ग से आते हैं, इसके बाद भी पिछड़ों का ख्याल नहीं रख रहे। यह पूरा देश देख रहा है.’’
Womens Reservation Bill: ये कोई सुधार का विधेयक नहीं...महिला आरक्षण बिल पर आरजेडी सांसद
आरजेडी के सांसद अभय कुमार सिन्हा ने कहा कि ये कोई चुनावी सुधार का विधेयक नहीं है इसे जितनी जल्दी में लाया गया उससे सरकार की मंशा साफ दिखती है. जो सरकार 2021 की जनगणना सालों तक टालती रही. वहीं सरकार आज जल्दी में इसे ला रही है. जल्दबाजी में लिए फैसले हमेशा गलत साबित होते हैं ये उसी का उदाहरण है.
Parliament LIVE Updates: क्या आप महिलाओं की भूमिका केवल वोटर्स की रखना चाहते हैं...संसद में बांसुरी स्वराज
बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि आज महिलाएं पूरे के पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रही है. साइंस से लेकर तमाम क्षेत्रों में सिर्फ राजनीति को छोड़कर. मैं पूछना चाहती हूं कि विपक्ष से कि क्या आप महिलाओं की भूमिका केवल वोटर्स की रखना चाहते हैं. अगर हम विधानसभा में जाए तो वहां महिलाएं बेहद कम है. मैं सभी दलों का शुक्रिया करना चाहती हूं जिन्होंने इसका समर्थन किया. मुझे अचंभा है कि मेरे विपक्ष के साथी 2029 तक लागू करने का समर्पण नहीं दिखा रहे हैं.
Parliament LIVE Updates: ये बिल महज का कागज का टुकड़ा नहीं...सांसद शांभवी
लोजपा (रामविलास) पार्टी की सांसद शाम्भवी ने कहा कि ये बिल महज कागज का टुकड़ा नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान में है. ये सदियों की बंदिशों को तोड़ने का ऐलान है. महिलाओं को सम्मान देने का सुनहरा अवसर है. बिहार की जीविका दीदी देश के लिए उदाहरण बनी है.
Parliament LIVE Updates:स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा आज का दिन...शिवसेना सांसद नरेश गणपत म्हस्के
शिवसेना सांसद नरेश गणपत म्हस्के ने महिला आरक्षण पर बोलते हुए कहा कि आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा क्योंकि आधी आबादी को उसका अधिकार देने जा रहे हैं जिसको सालों तक वोटबैंक समझा गया. भारत की नारी ने हर कालखंड में स्वयं को साबित किया. आधुनिक युग में भी दुनिया ने हमारी महिलाओं का लोहा माना. अवसर मिलने पर भारत की बेटियां शून्य से शिखर का सफर तय कर सकती है.
PM Modi in Parliament: महिला आरक्षण और परिसीमन पर संसद में पीएम मोदी क्या बोले, 10 प्वाइंटर्स में जानिए
- महिला आरक्षण विधेयक पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण है. ऐसे मौके समाज की सोच और नेतृत्व की क्षमता से देश की स्थायी धरोहर बनते हैं.
- प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण की जरूरत 25–30 साल पहले ही महसूस हो चुकी थी और तभी इसे लागू कर देना चाहिए था। समय के अनुसार सुधार करना ही लोकतंत्र की जिम्मेदारी है.
- उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा हजारों वर्षों पुरानी है और आज सदन के सभी सदस्यों को इसमें नया आयाम जोड़ने का अवसर मिला है.
- पीएम मोदी ने कहा कि देश की आधी आबादी को नीति‑निर्धारण की प्रक्रिया में भागीदार बनाना ऐतिहासिक सौभाग्य है और सभी सांसदों को इस अवसर को गंवाना नहीं चाहिए.
- उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन में संवेदनशीलता और समावेश जरूरी है.
- प्रधानमंत्री के अनुसार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के तहत देश की 50% आबादी का नीति निर्धारण में शामिल होना समय की मांग है और इसमें पहले ही काफी देरी हो चुकी है.
- पीएम मोदी ने स्पष्ट कहा कि देश में जब‑जब महिला आरक्षण के मुद्दे पर चुनाव हुए, जिन नेताओं ने इसका विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया.
- उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का विरोध करने वालों का राजनीतिक रूप से बुरा हाल हुआ और मतदाताओं ने उन्हें इसका जवाब दिया.
- प्रधानमंत्री ने बताया कि 2024 के चुनाव में यह स्थिति इसलिए नहीं बनी, क्योंकि 2023 में सभी दलों ने मिलकर महिला आरक्षण को सर्वसम्मति से पारित किया था.
- पीएम मोदी ने चेतावनी दी कि जो भी महिला आरक्षण का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी और इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.
Parliament LIVE Updates: मौजूदा सीटों पर आरक्षण देने की आप में हिम्मत नहीं...महिला आरक्षण पर सावंत
महिला आरक्षण पर शिवसेना यूबीटी नेता अरविंद सावंत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अगर आप में हिम्मत है तो मौजूदा सीटों पर ही दीजिए लेकिन आप नहीं देंगे, आप इतनी ही सीटों पर महिलाओं को आरक्षण दीजिए हम आपके साथ है लेकिन आप नहीं देंग. क्योंकि आप में ऐसा करने की हिम्मत ही नहीं.
Parliament LIVE Updates: जब सांसद में निशिकांत दुबे और सावंत के बीच हुई जोरदार बहस
संसद में यूबीटी शिवसेना सांसद ने जब कुलदीप सेंगर का नाम लिया है तो बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे भड़के उठे और उन्होंने कहा कि अगर आप सेंगर और बृज भूषण शरण का नाम लेंगे तो आदित्य ठाकरे का भी जिक्र होगा. इस पर सुप्रिया सुले और सावंत दोनों ही निशिकांत पर हमलावर हो गए और कहने लगे कि आप ऐसे नहीं बोल सकते.
Womens Reservation Bill: जब चुनाव हो रहे, तब स्पेशल सेशन क्यों...महिला आरक्षण पर संसद में शिवसेना यूबीटी के सांसद सावंत
शिवसेना यूबीटी के सांसद सावंत ने कहा कि क्यों कहते हो कि हमने इसका विरोध किया. मैं यही पर था, सब समर्थन में थे सिर्फ दो को छोड़कर. भूल गए आप कि आपने विशेष सत्र बुलाया है जब बुलाया है जब पांच राज्य में चुनाव है. इस पर 2029 में अमल होगा. विशेष सत्र क्यों बुलाया. जब चुनाव है और आप कह रहे हैं ये राजनैतिक नहीं बल्कि सैद्धांतिक है. क्या वाकई ऐसा है. अभी ढोल बजाना है कि महिलाओं के लिए आरक्षण लाए है आपने महिला आरक्षण का बिल परिसीमन के साथ जोड़ा है. हम मणिपुर कैसे भूल जाते हैं.
Womens Reservation Bill: इतिहास फैसले को रानीतिक के नजरिए से नहीं दे्खेगा... संसद में पीएम मोदी
महिला आरक्षण और परिसीमन पर लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर सभी एकजुट होकर आगे बढ़ते हैं तो इतिहास इस फैसले को किसी एक राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और सामूहिक निर्णय क्षमता के पक्ष में दर्ज करेगा. श्रेय न तो ट्रेजरी बेंच को मिलेगा और न ही उन्हें खुद. प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग इसमें राजनीति तलाश रहे हैं, उन्हें पिछले 30 वर्षों के अपने परिणामों पर नजर डालनी चाहिए, क्योंकि इसमें उनका भी लाभ है और इससे उन्हें हो रहे नुकसान से बचाव होगा. उन्होंने साफ कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोई जरूरत नहीं है.
हम सब भाग्यवान हैं कि हमें ऐसे महत्वपूर्ण और देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति निर्धारण की प्रक्रिया में हिस्सेदार बनाने का सौभाग्य मिल रहा है. मैं चाहता हूं कि सभी सांसद इस महत्वपूर्ण अवसर को जाने न दें. हम सब मिलकर देश को नई दिशा देने जा रहे हैं. हमारी शासन व्यवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने के लिए जा रहे हैं. मुझे विश्वास है कि इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला है.
Womens Reservation Bill: ऐसे विरोध को याद रखा है...महिला आरक्षण पर संसद में पीएम मोदी
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनीतिक नजरिए से ही सोचने वालों को सलाह दी. उन्होंने कहा कि देश में जब से महिला आरक्षण पर चर्चा शुरू हुई है, उसके बाद हुए हर चुनाव में जिन लोगों ने महिलाओं को यह अधिकार देने का विरोध किया, देश की महिलाओं ने उन्हें कभी माफ़ नहीं किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं ने अपने सशक्त वोट के ज़रिए ऐसे विरोध को याद रखा है और लोकतंत्र में अपनी ताकत का इस्तेमाल किया है.
Parliament LIVE Updates: देश का जिम्मा उठाने वाली महिलाओं का हक बनता है...लोकसभा में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि अगर आज हम मिलके फैसला लेते हैं और ये सबकी सहमत से बढ़ता है तो इसमें किसी को नुकसान नहीं. इसको राजनीतिक तराजू से ना तोले. इतने बड़े देश का जिम्मा जो उठा रही है उनका हक बनता है. हमें रोकना नहीं चाहिए.
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी में भारत, एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. विश्व में भी आज भारत की स्वीकृति हम सब महसूस कर रहे हैं. ये हम सब के लिए गौरव का पल है. यह समय हमारे पास आया है. इस समय को हमने एक 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ जोड़ा है. मैं मानता हूं कि केवल उत्तम प्रकार के रेल, रास्ते, इंफ्रास्ट्रक्चर या कुछ आर्थिक प्रगति के आंकड़े से ही 'विकसित भारत' की सीमित कल्पना वाले हम लोग नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि 'विकसित भारत', जिसके नीति निर्धारण में 'सबका साथ, सबका विकास' का मंत्र समाहित है, देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या नीति निर्धारण का हिस्सा बने, यह समय की मांग है. हम पहले ही देरी कर चुके हैं. देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई है और उसके बाद जब-जब चुनाव आए हैं, हर चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है। उनका हाल बुरे से बुरा किया है.
PM Modi in Parliament: जो आज विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी...महिला आरक्षण पर पीएम मोदी
पीएम मोदी ने संसद में कहा कि वो कहती हैं कि झाड़ू कचरा वाले काम में तो हमें जोड़ देते हो, अब हमें निर्णय प्रक्रिया में जोड़ों और निर्णय प्रक्रियाएं विधानसभा और लोकसभा में होती हैं. इसलिए राजनीतिक जीवन में जो लोग प्रगति चाहते हैं, उनको ये मानकर चलना पड़ेगा कि पिछले 25—30 साल में ग्रास रूट लेवल पर लीडर बन चुकी हैं. वो सिर्फ यहां नहीं, वहां भी आपके फैसलों को प्रभावित करने वाली हैं. जो आज विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी.
Parliament LIVE Updates: मैंने धरातल पर मेहनत करने वाली महिला लीडर्स देखी...संसद में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि लोकतंत्र की जननी के रूप में ये फैसला भारत का कमिटमेंट है और सांस्कृतिक कमिटमेंट है. इसी के कारण पंचायतों में ये व्यवस्था बनी और हमने अनुभव किया कि लंबे अरसे तक मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर दिया. मैंने धरातल पर महिलाओं लीडर्स को देखा. मैंने देखा विकास की यात्रा को गति देने में महिलाओं का खास योगदान है. देश की दिशा में संवेदनशीलत जुड़ेगी.
Parliament LIVE Updates: हमने पहले ही देरी कर दी...महिला आरक्षण पर पीएम मोदी
पीएम मोदी ने संसद में कहा कि हमने इसमें पहले ही देरी कर दी है, इसके कारण चाहे जो भी रहे हों, या इसके लिए जो भी ज़िम्मेदार हो, हमें इस सच्चाई को स्वीकार करना ही होगा. मुझे पता है कि जब यह प्रक्रिया चल रही थी, तब सभी दलों के साथ विचार-विमर्श किया गया था. सिवाय एक दल के, बाकी जिन-जिन से भी हमारी मुलाक़ात हुई, किसी ने भी कोई सैद्धांतिक विरोध नहीं जताया. बाद में जो कुछ भी हुआ हो, अब एक राजनीतिक दिशा अपनाई जा रही है.
PM Modi on Womens Reservation: ये उनका हक है...महिला आरक्षण पर संसद में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हम इस भ्रम में ना रहे कि हम कुछ दे रहे हैं बल्कि ये उसका हक है जिसको सालों तक रोका गया. अब सही वक्त है, उनको उनका हक देने का. हम जानते हैं कि पहले इस मामले में कैसे चालाकी हुई. लेकिन हर बार किसी ना किसी तरह इसे रोका गया. अब हिम्मत नहीं है कि 33 प्रतिशत महिलाओं के आरक्षण का विरोध कर पाएं. ये पक्का है अब चीजों को उलझाकर तीन दशक तक फंसा के रखा, जो करना था कर लिया. तीन दशक कम नहीं थे. जब आपने कुछ नहीं किया कम से कम अब तो कुछ करो
PM Modi in Parliament: किसी के साथ नहीं होगा भेदभाव...महिला आरक्षण पर लोकसभा में पीएम मोदी
महिला आरक्षण पर परिसीमन के मुद्दे पर पीएम मोदी ने साफ किया कि ये निर्णय प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव नहीं करेगी और जो अनुपात चला आ रहा है उसमें भी कोई बदलाव नहीं होगा. इस दौरान पीएम ने कहा मेरे इस वादे के लिए अगर तमिल में कोई अच्छा शब्द है तो मुझे उसे बोलने में कोई हिचकिचाहट नहीं है.
Womens Reservation Bill Live: राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं...महिला आरक्षण पर पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर कहा, "जिन लोगों को इसमें राजनीति की बू आ रही है, मैं चाहूंगा कि वे खुद के पिछले 30 सालों के परिणामों को देख लें... मैं समझता हूं कि इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है."
Parliament LIVE Updates: इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है...पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश में जब से महिला आरक्षण को लेकर चर्चा हुई और उसके बाद जब-जब चुनाव आया है, महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस-जिसने विरोध किया है, महिलाओं ने उसे माफ नहीं किया है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, ऐसा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि तब सबने सर्वसम्मति से इसे पारित किया तो यह विषय ही नहीं रहा.
PM Modi in Parliament: उसी समय इसे लागू कर देना चाहिए था...महिला आरक्षण पर लोकसभा में पीएम मोदी
लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस विचार की जरूरत 25–30 साल पहले ही महसूस की जानी चाहिए थी और उसी समय इसे लागू कर देना चाहिए था. उन्होंने कहा कि आज इस पहल को एक परिपक्व स्तर तक लाया गया है और समय-समय पर जरूरत के अनुसार इसमें सुधार भी किया गया है, जो लोकतंत्र की खूबसूरती है. प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है, जहां हजारों वर्षों से लोकतंत्र एक विकास यात्रा के रूप में आगे बढ़ता रहा है, और सदन के सभी सदस्यों को इस ऐतिहासिक यात्रा में एक नया आयाम जोड़ने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है.
Womens Reservation Bill: सबका विकास का मंत्र समाहित हो...संसद में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब, सिर्फ उत्तम प्रकार की रेल, कुछ इंफ्रास्ट्रक्चर, रास्ते या कुछ आर्थिक प्रगति के आंकड़े... सिर्फ इतने से विकसित भारत की सीमित कल्पना वाले हम नहीं हैं. हम चाहते हैं कि विकसित भारत के नीति निर्धारण में सबका साथ—सबका विकास का मंत्र समाहित हो. देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या देश की नीति निर्धारण का हिस्सा बने, ये समय की मांग है. हम पहले ही देरी कर चुके हैं, कारण कुछ भी हो, जिम्मेदार कोई भी हो। इसे हमें स्वीकार करना होगा.
Parliament LIVE Updates: भारत के संसदीय इतिहास में ये वैसा ही पल है... संसद में पीएम मोदी
संसद में पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण पल आते हैं, और उस समय की समाज की मन स्थिति एवं नेतृत्व की क्षमता उस पल को कैप्चर कर एक राष्ट्र की अमानत बना देती हैं, एक मजबूत धरोहर तैयार करती हैं. भारत के संसदीय इतिहास में ये वैसा ही पल है.
Parliament LIVE: जब ये विचार सामने आया तभी इसे लागू कर देते...संसद में पीएम मोदी
पीएम मोदी ने संसद में कहा कि आवश्यकता तो ये थी कि 25—30 साल पहले, जब ये विचार सामने आया तभी इसे लागू कर देते. आज हम इसे काफी परिपक्वता तक पहुंचा देते. आवश्यकतानुसार उसमें समय समय पर सुधार होते और यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती होती है.
Parliament LIVE Updates: संसद में पीएम मोदी का संबोधन
PM मोदी ने महिला आरक्षण और परिसीमन पर तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान संसद में बोल रहे हैं.
Parliament LIVE: महिला आरक्षण बीजेपी का राजनीतिक नारा
महिला आरक्षण पर महाबहस में भाग लेते हुए सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि ये बीजेपी के लिए सिर्फ राजनीतिक नारा है. दिल्ली को छोड़कर किसी भी राज्य में बीजेपी का महिला मुख्यमंत्री नहीं है. दिल्ली में भी हॉफ चीफ मिनिस्टर है. अखिलेश ने कहा कि बीजेपी जनगणना टालना चाहती है. जातिगत जनगणना टालना चाहते हैं. आरक्षण भी टालना चाहते हैं. ये आरक्षण नहीं देना चाहते.
Parliament LIVE Updates: किसी राज्य की मौजूदा सीटों में कटौती नहीं होगी- अर्जुन राम मेघवाल
विशेष संसद सत्र के दौरान लोकसभा में तीनों अहम विधेयकों पर चर्चा की शुरुआत हुई. इससे पहले विधेयकों के इंट्रोडक्शन पर हुई वोटिंग में 251 सांसदों ने समर्थन किया, जिसके बाद सदन में विस्तृत बहस शुरू हुई.
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल बोले- संविधान ने संशोधन की शक्ति दी
भाजपा की ओर से कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने संसद को यह अधिकार दिया है कि वह संशोधन के ज़रिए लोकहित में फैसले ले सके. उन्होंने कहा कि पेश किए गए तीनों विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े हैं.
परिसीमन और महिला आरक्षण से किसी राज्य को नुकसान नहीं
अर्जुन राम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा और मौजूदा राज्यों की राजनीतिक ताकत बनी रहेगी. उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में पारित हुआ था, जिसके प्रावधानों को 2026 के बाद होने वाली जनगणना और परिसीमन के आधार पर लागू किया जाएगा.
लोकसभा सीटें बढ़कर 815 होंगी
कानून मंत्री के मुताबिक: लोकसभा सदस्यों की संख्या में समान रूप से 50% वृद्धि होगी.
- कुल सीटें बढ़कर 815 हो जाएंगी.
- इनमें से 272 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.
- यह संख्या सदन की कुल सदस्यता का एक‑तिहाई होगी.
उन्होंने दोहराया कि इस व्यवस्था से किसी राज्य की मौजूदा सीटों या प्रतिनिधित्व में कटौती नहीं होगी. महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर शुरू हुई इस बहस पर अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम नेताओं के तीखे तर्क सामने आने की संभावना है.
राज्यसभा के 16 नव‑निर्वाचित सांसदों ने ली शपथ, नितिन नबीन और अभिषेक सिंघवी शामिल
विशेष संसद सत्र के दौरान गुरुवार को राज्यसभा के 16 नव‑निर्वाचित/पुनर्निर्वाचित सांसदों ने शपथ ग्रहण की. उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने सदन में सदस्यों को शपथ दिलाई. शपथ लेने वालों में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी शामिल रहे. नितिन नबीन ने हिंदी में शपथ ली, जिस पर सदन में डेस्क थपथपाकर स्वागत किया गया.
पार्टी और राज्यों के अनुसार प्रतिनिधित्व
- कुल 16 सांसदों में 8 बीजेपी, 3 सहयोगी दलों से और 5 कांग्रेस से हैं.
- ये सांसद बिहार, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करेंगे.
प्रमुख नाम
- बिहार: नितिन नबीन (बीजेपी), रामनाथ ठाकुर (बीजेपी), उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम), शिवेश कुमार (बीजेपी)
- असम: तेरश गोवाला (बीजेपी), जोगेन मोहन (बीजेपी), प्रमोद बोर (UPP‑L)
- छत्तीसगढ़: लक्ष्मी वर्मा (बीजेपी), फूलो देवी नेताम (कांग्रेस)
- हरियाणा: करमवीर सिंह बौद्ध (कांग्रेस), संजय भाटिया (बीजेपी)
- तेलंगाना: अभिषेक मनु सिंघवी (कांग्रेस), वेम नरेंद्र रेड्डी (कांग्रेस)
- ओडिशा: सुजीत कुमार (बीजेपी)
- हिमाचल प्रदेश: अनुराग शर्मा (कांग्रेस)
बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने बिहार विधानसभा से इस्तीफा देकर उच्च सदन में प्रवेश किया है.
विशेष संसद सत्र 2026: राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित, कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगन
विशेष संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. सदन में नवनिर्वाचित सांसदों के शपथ ग्रहण और दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि (ओबिचुरी रेफरेंस) के बाद कार्यवाही को कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया. अब राज्यसभा की अगली बैठक शुक्रवार सुबह 11 बजे होगी, जिसमें विधायी कार्यों पर आगे की कार्यवाही होने की संभावना है.
महिला आरक्षण से जुड़े विधेयकों पर 12 घंटे चर्चा, कल शाम 4 बजे होगी वोटिंग
लोकसभा में महिला आरक्षण समेत तीनों विधेयकों पर फिलहाल 12 घंटे की चर्चा का समय तय किया गया है. अगर तय समय में चर्चा पूरी नहीं होती, तो चर्चा का समय बढ़ाने का फैसला स्पीकर करेंगे. सदन सूत्रों के मुताबिक, इन तीनों विधेयकों पर कल शाम 4 बजे मतदान कराया जाएगा. महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जारी सियासी टकराव के बीच यह वोटिंग बेहद अहम मानी जा रही है.
लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन बिल पेश, 207 सांसदों ने समर्थन किया
लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पेश कर दिया गया है. विधेयक को पेश करने के दौरान हुई वोटिंग में 207 सांसदों ने बिल के पक्ष में मतदान किया, जबकि 126 सांसदों ने इसका विरोध किया.बहुमत मिलने के साथ ही सरकार विधेयक को सदन में पेश कराने में सफल रही. अब आगे इस पर विस्तृत चर्चा और पारित कराने की प्रक्रिया होगी.
Parliament LIVE Updates: संविधान संशोधन बिल के इंट्रोडक्शन पर विपक्ष की वोटिंग की मांग
लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक के इंट्रोडक्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने मत‑विभाजन (वोटिंग) की मांग की है। इसके बाद सदन में वोटिंग प्रक्रिया शुरू की जा रही है. हालांकि नियमों के मुताबिक, संविधान संशोधन बिल को पेश (Introduction) करने के लिए केवल 50 प्रतिशत बहुमत की ही आवश्यकता होती है, न कि दो‑तिहाई बहुमत की.
Women Reservation Bill LIVE: लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस के वक्ताओं की सूची जारी
लोकसभा में आज महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की ओर से कई वरिष्ठ नेता बोलेंगे. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, आज की बहस की शुरुआत गौरव गोगोई करेंगे. इसके बाद प्रियंका गांधी और के.सी. वेणुगोपाल सदन में पार्टी का पक्ष रखेंगे. कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी कल लोकसभा में बोलेंगे.
कांग्रेस स्पीकर्स लिस्ट | Day‑1
- गौरव गोगोई
- प्रियंका गांधी
- के.सी. वेणुगोपाल
- मनीष तिवारी
- प्रनीति शिंदे
- के. सुरेश
- मोहम्मद जावेद
महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर चल रही तीखी बहस के बीच कांग्रेस के इन वक्ताओं के बयानों पर सियासी नज़रें टिकी हुई हैं.
अखिलेश यादव के आरोपों पर अमित शाह का जवाब, जाति जनगणना का दिया भरोसा
लोकसभा में सपा सांसद अखिलेश यादव के आरोपों का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने साफ किया कि जनगणना के साथ जाति आधारित गणना भी होगी. अमित शाह ने कहा, 'मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं, क्योंकि यह मेरा ही विभाग है.'
गृह मंत्री ने सदन में कहा- जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. जाति आधारित जनगणना को भी मंजूरी दी जा चुकी है. उन्होंने बताया कि जब जनगणना होगी, तो उसमें व्यक्तियों की गणना के साथ जाति का कॉलम भी शामिल रहेगा. शाह ने कहा, 'जब जनगणना होगी, वह जाति आधारित जनगणना के साथ ही होगी.'
आरक्षण पर स्पष्ट रुख- अमित शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना असंवैधानिक है. उन्होंने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के बयान को असंवैधानिक करार दिया.
अखिलेश यादव का आरोप- अखिलेश यादव ने आरोप लगाया था कि सरकार महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक इसलिए अभी ला रही है, ताकि भविष्य में होने वाली जाति जनगणना के आंकड़ों के आधार पर आरक्षण न देना पड़े.
सरकार की दो‑टूक- अमित शाह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार जाति जनगणना कराएगी और इस पर किसी तरह का भ्रम फैलाने की जरूरत नहीं है.
Women Reservation Bill LIVE: सरकार के तीनों बिलों का विपक्ष ने किया जमकर विरोध
लोकसभा में आज संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने रखा. इसके साथ ही उन्होंने परिसीमन विधेयक, 2026 को भी सदन में पेश करने का प्रस्ताव रखा. वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश क़ानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने का प्रस्ताव किया. इस दौरान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने तीनों विधेयकों- संविधान संशोधन, केंद्र शासित प्रदेश क़ानून संशोधन और परिसीमन विधेयक के पेश किए जाने का विरोध किया. इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि के.सी. वेणुगोपाल विधेयकों के गुण‑दोष पर नहीं, बल्कि केवल तकनीकी आधार पर ही विरोध दर्ज करा सकते हैं. अमित शाह ने कहा कि बहस के दौरान सरकार विपक्ष को मज़बूत जवाब देगी.
Women Reservation Bill LIVE: महिला आरक्षण पर अखिलेश ने सरकार को घेरा, जनगणना का मुद्दा उठाया
सपा सांसद अखिलेश यादव ने संसद में साफ कहा कि हम महिला आरक्षण के समर्थन में हैं. लेकिन सरकार जल्दबाजी कर रही है. अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार पहले जनगणना कराए उसके बाद आरक्षण लागू करे.
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने तीनों विधेयकों का विरोध किया
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल लोकसभा में बिल पेश कर रहे हैं. सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने लोकसभा में पेश किए गए तीनों विधेयकों का विरोध किया. उन्होंने कहा कि ये विधेयक संविधान को तोड़ने‑मरोड़ने की कोशिश हैं और इनका उद्देश्य लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करना है.
Parliament Session LIVE: महिला आरक्षण बिल संसद में पेश
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़ा विधेयक संसद में पेश किया. गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन से जुड़ा विधेयक प्रस्तुत किया.
लोकसभा सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव
संशोधित बिल के अनुसार, लोकसभा सदस्यों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 की जाएगी. इसमें 815 सीटें राज्यों के लिए, 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी. इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है. नए परिसीमन में 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा.
परिसीमन और जनगणना से जुड़े प्रावधान
बिल में साफ किया गया है कि जनसंख्या का मतलब उसी जनगणना से होगा, जिसके आंकड़े आधिकारिक रूप से प्रकाशित हो चुके हों. फिलहाल 2011 की जनगणना के आंकड़े ही उपलब्ध हैं और उन्हीं के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा.
2029 से लागू होगा महिला आरक्षण
महिला आरक्षण कानून, यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम, सितंबर 2023 में पहले ही पास हो चुका है. अब सरकार इसे संशोधित कर 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने की तैयारी में है. इस कानून के तहत लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी में महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण मिलेगा.
यह आरक्षण 15 साल तक यानी 2029, 2034 और 2039 के चुनावों तक लागू रहेगा. हर चुनाव में आरक्षित सीटें बदली जाएंगी, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिल सके. अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी इसमें आरक्षण शामिल होगा.
परिसीमन आयोग का होगा गठन
बिल पास होने के बाद परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा. आयोग के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे. यह आयोग लोकसभा और विधानसभाओं की सीटों का नए सिरे से परिसीमन करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा. रिपोर्ट पर जनता से सुझाव भी मांगे जाएंगे. सरकार की मंजूरी के बाद गजट अधिसूचना जारी की जाएगी और फिर इसे लागू किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि यह पूरा प्रावधान 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू हो जाए.
Parliament LIVE: संसद की कार्यवाही शुरू
Women Reservation Bill LIVE: महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद की कार्यवाही शुरू हो गई है. केंद्र सरकार को इससे जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक पास कराने के लिए दोनों सदनों की मौजूद संख्या का दो तिहाई बहुमत हासिल करना होगा. इसके लिए विपक्ष का समर्थन बेहद जरूरी होगा.
लोकसभा में संसद सत्र से पहले अहम बैठक
Parliament LIVE Updates: लोकसभा में 3 बजे बोलेंगे पीएम मोदी
Women Reservation Bill: भाजपा की ओर से बोलेंगे इतने नेता
लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान बीजेपी की ओर से कई प्रमुख नेता बोलेंगे. पार्टी की तरफ से कंगना रनौत, अपराजिता सारंगी, रक्षा खड़से, तेजस्वी सूर्या और बांसुरी स्वराज को वक्ताओं की सूची में शामिल किया गया है. इसके अलावा चर्चा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और क़ानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी सदन को संबोधित करेंगे. महिला आरक्षण बिल पर होने वाली इस बहस को लेकर सदन में आज सियासी गहमागहमी रहने के आसार हैं.
Women Reservation Bill: TMC की ओर से बोलेंगी ये 3 महिला सांसद
महिला आरक्षण बिल पर गिरिराज सिंह का भरोसा, बोले- ‘सब मिलकर पास करेंगे’
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष खासकर कांग्रेस से सहयोग की अपील की है. गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि जब सदन की कार्यवाही शुरू होगी, तो सभी नेताओं में महिलाओं के प्रति संवेदना जागेगी.
उन्होंने कहा कि महिलाओं का यह इंतज़ार वर्षों पुराना है और अब उनके सब्र की सीमा टूट रही है. ऐसे में यह जरूरी है कि सभी दल मिलकर इस विधेयक को पारित करें.
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि महिला आरक्षण बिल के तहत किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा, और यह कानून देश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा.
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- ‘जल्दबाज़ी और परिसीमन पर हमें आपत्ति’
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस जल्दबाज़ी में यह बिल लाया जा रहा है, उसका वे विरोध करते हैं. अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह एक 'खुफिया लोगों की गुप्त योजना' है. उन्होंने कहा कि सरकार जनगणना और जातिगत जनगणना से बचना चाहती है, क्योंकि अगर जातिगत जनगणना होगी तो देश आरक्षण की मांग करेगा. उन्होंने कहा कि सरकार पीड़ित, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों की आबादी के खिलाफ काम कर रही है. अखिलेश यादव के मुताबिक, देश में आरक्षण के साथ‑साथ संरक्षण की भी ज़रूरत है. सपा अध्यक्ष ने प्रश्न उठाते हुए कहा कि अगर पिछड़ों की आबादी 66 प्रतिशत मानी जाए, तो 33 प्रतिशत महिला आरक्षण देकर कहीं न कहीं अन्य वर्गों की महिलाओं का अधिकार छीना जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि यह सशक्तिकरण नहीं, बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति है. अखिलेश यादव ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण से उनकी सहमति है, लेकिन परिसीमन की प्रक्रिया, जनगणना न होना और 2011 के आंकड़ों के आधार पर सीटों के निर्धारण का वे विरोध करते हैं. महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर संसद में पहले से ही सियासी घमासान चल रहा है, और विपक्षी दलों के इस तरह के बयानों से सरकार की चुनौती और बढ़ती दिख रही है.
Women Reservation Bill: नारी शक्ति नहीं, भाजपा शक्ति बिल है- महिला आरक्षण पर संजय राउत का तीखा हमला
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने सरकार पर निशाना साधा है. राउत ने कहा कि विपक्षी दलों की एक अहम बैठक राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई, जिसमें राहुल गांधी भी मौजूद थे. संजय राउत ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी को महिला आरक्षण से कोई विरोध नहीं है, लेकिन जिस तरीके से भाजपा इस विधेयक की आड़ में राजनीतिक खेल कर रही है, उस पर आपत्ति है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने हिसाब से आंकड़े तय कर परिसीमन करना और राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है. राउत ने तंज कसते हुए कहा, 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम का नाम बदलकर आपको भाजपा शक्ति बिल कर देना चाहिए.'महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर संसद में सियासी टकराव के बीच विपक्षी दलों के ये तीखे बयान सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं.
Parliament LIVE Updates: खरगे के कमरे में विपक्ष की बैठक जारी
महिला आरक्षण पर पीएम मोदी का संदेश, बोले- नारी सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम
संसद के विशेष सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर कहा कि देश आज से नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है. उन्होंने कहा कि माताओं‑बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है. आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
दो सदनों में क्या है गणित?
लोकसभा में दो तिहाई बहुमत
लोकसभा की 543 का दो तिहाई यानी 360 सीटें
बीजेपी 240
टीडीपी 16
जेडीयू 12
शिवसेना 7
अन्य सहयोगी 18
कुल - 293
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राज्यसभा में दो तिहाई बहुमत
(245 का दो तिहाई 163 सीटें)
बीजेपी-106
जेडीयू-04
टीडीपी-02
शिवसेना-02
अन्य सहयोगी-20
कुल- 134
संसद में विपक्षी दलों की बैठक
आज सुबह 10 बजे विपक्षी दलों के नेताओं की बैठक संसद भवन में होगी.
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