- चंपत राय ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में लगे आरोपों पर मौन धारण करते हुए धीरज रखने की बात कही है
- मन्दिर ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसकी अंतिम रिपोर्ट आने पर जवाब देंगे
- चंपत राय ने अपने 45 वर्षों के प्रचारक जीवन का हवाला देते हुए खुद को खुली किताब बताया है
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में घिरे चंपत राय ने एक्स पर एक चिट्ठी पोस्ट की है. इसके साथ ही धीरज की परीक्षा वाली रामचरितमानस की चौपाई भी लिखी है. उन्होंने लिखा, 'धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी'. इस तरह उन्होंने संकेत देने की कोशिश की है कि यह उनके लिए मुश्किल वक्त है, लेकिन इससे उबरने के लिए वह धीरज रख रहे हैं.
चिट्ठी में उन्होंने आगे लिखा, 'पिछले 7 जून 2026 से श्री रामजन्मभूमि मन्दिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गई चोरी के सम्बन्ध में अनेक प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं. व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेकों अनर्गल आरोप लगाए गए हैं. मैंने मौन-धारण कर लिया है.'
धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
— Champat Rai (@ChampatRaiVHP) July 7, 2026
आपद काल परिखिअहिं चारी। pic.twitter.com/PHtGs95ass
इसके आगे चंपत राय ने भविष्य में जवाब देने की बात करते हुए लिखा, 'मन्दिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को संपन्न बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई. यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है. हालांकि यह 'परम गोपनीय' थी. आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद फैलाये जा रहे, सभी बिन्दुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा. सारा सच सामने आ जाएगा.'

इस दौरान उन्होंने अपने 45 सालों के प्रचारक जीवन का भी हवाला दिया और खुद को एक खुली किताब बताया. चंपत राय ने लिखा कि मुझे अक्टूबर 1991 से अयोध्या में भेजा गया था. मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष का है, जहां-जहां मैं रहा, खुली पुस्तक के समान है. सभी को आदर पूर्वक नमन.'
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