- असम के गोलाघाट जिले में एक पुलिस अधिकारी को कच्चे तेल की चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है.
- पुलिस ने बताया कि यह अधिकारी तेल चोरी से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह को संरक्षण दे रहा था.
- यह पूरा नेटवर्क असम से लेकर पश्चिम बंगाल तक चल रहा था. तेल बंगाल में भेजा जाता था.
असम के गोलाघाट जिले में कच्चे तेल की चोरी का एक बड़ा रैकेट पकड़ा गया है. लेकिन इसमें दिलचस्प मोड़ तब आया है, जब पुलिस के ही एक सीनियर अधिकारी को इस अपराध में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. जानकारी के मुताबिक असम पुलिस सेवा (APS) के अधिकारी दीपेन पातर पर चोरों के इस अंतरराज्यीय गिरोह को संरक्षण देने और फिर उनसे मोटी रकम वसूलने का आरोप है. दीपेन पातर गोलाघाट जिले के सरूपथार में एसडीओपी के पद पर तैनात थे. पुलिस इस मामले में और और जानकारी जुटा रही है, क्योंकि कच्चे तेल की चोरी से जुड़े मामले में और खुलासे हो सकते हैं.
गोलाघाट जिले में कैसे हुआ खुलासा
दरअसल, गोलाघाट जिले में ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने हाल ही में उरियामघाट पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कराई थी. शिकायत के मुताबिक 25 से 27 जुलाई के बीच उरियामघाट इलाके से गुजरने वाली ONGC की मुख्य पाइपलाइन में छेद करके पाइपलाइन से करीब 2 से 3 टैंकर कच्चा तेल चुरा लिया गया था. जिसकी कीमत लाखों रुपये आंकी गई है. पुलिस ने एसएसपी स्वप्ननील डेका के नेतृत्व में जांच शुरू की थी. घटना के बाद पुलिस ने गिरोह के कुछ सदस्यों को पकड़ा था, लेकिन जब इनसे पूछताछ की गई तो कुछ ऐसा खुलासा हुआ, जिस पर पुलिस को भी यकीन नहीं हुआ. क्योंकि इन सदस्यों ने दीपेन पातर का नाम लिया था.
दीपेन पातर को पहुंचाते थे पैसा
आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें स्थानीय पुलिस का पूरा समर्थन हासिल था और इसके बदले वे SDPO दीपेन पातर को मोटी रकम पहुंचाते थे. जबकि वह पाइपलाइन में छेद करके कच्चा तेल चुराने वाले गिरोह को सीधी मदद करते थे. जांच पड़ताल में जब पुलिस को पुख्ता सबूत मिले तो दीपेन पातर को गिरफ्तार किया गया. पातर की गिरफ्तारी के साथ सरूपथर तेल चोरी के मामले में गिरफ्तार लोगों की कुल संख्या पांच हो गई है, जिसमें एक महिला भी शामिल है. पुलिस को शक है कि यह मामला एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है जिसमें सरूपथर के कई लोग और ओएनजीसी से कथित तौर पर जुड़े व्यक्ति शामिल हैं.
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पश्चिम बंगाल जाता था कच्चा तेल
पुलिस को जांच में पता चला है कि कच्चा तेल कथित तौर पर सरूपथर से पश्चिम बंगाल ले जाया गया था, गोलाघाट पुलिस अब बड़े नेटवर्क का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच का दायरा पश्चिम बंगाल तक बढ़ाने पर विचार कर रही है.एसएसपी स्वप्निल डेका ने कहा कि जांच अभी जारी है और संकेत दिया कि जैसे-जैसे पुलिस तेल चोरी के कथित नेटवर्क का खुलासा कर रही है और गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
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