- अमृतसर के दशमेश नगर की गली में 8 वर्षीय मान्या और उसकी मां प्रियंका पर पड़ोसी युवती ने अचानक हमला किया.
- हमलावर युवती ने बच्ची के गले पर हमला किया, चेहरे और रीढ़ की हड्डी पर भी मुक्के मारे गए.
- परिवार ने आरोप लगाया कि युवती ने बच्ची को घसीटकर घर ले जाने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी.
अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास स्थित दशमेश नगर की गली नंबर-2 में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 8 वर्षीय मासूम बच्ची मान्या और उसकी मां प्रियंका पर पड़ोस में रहने वाली एक युवती ने कथित तौर पर हमला कर दिया. पूरी घटना इलाके में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है. पीड़ित बच्ची की मां प्रियंका ने बताया कि वह शाम को अपने बच्चों को गली की दुकान से सामान दिलाने गई थीं. लौटते समय पड़ोस में रहने वाली अनमोल नाम की युवती अपने घर के बाहर खड़ी थी. परिवार का आरोप है कि उसने प्रियंका को धमकी देते हुए रुकने के लिए कहा. घबराकर जब प्रियंका ने शोर मचाया और परिजनों को बुलाने के लिए दौड़ीं, तब आरोपी युवती ने पीछे से 8 वर्षीय मान्या पर हमला कर दिया.
बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट
परिवार के अनुसार, जब मां अपनी बेटी को बचाने के लिए वापस आईं तो हमलावर युवती ने उन पर भी हमला कर दिया और उन्हें जमीन पर गिरा दिया. आरोप है कि बच्ची के साथ बेरहमी से मारपीट की गई. उसका गला दबाने के साथ-साथ चेहरे और रीढ़ की हड्डी पर मुक्के भी मारे गए. परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बच्ची को घसीटकर अपने घर ले जाने की कोशिश की गई.
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, हमलावर कथित तौर पर बच्ची को ईंट मारकर जान से मारने की धमकी भी दे रही थी. चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और किसी तरह बच्ची तथा उसकी मां को बचाया. घटना में दोनों के घायल होने की बात परिवार ने कही है. बच्ची के पिता पंकज ने बताया कि उनकी बेटी पहली कक्षा में पढ़ती है और उसे पहले से नसों से संबंधित बीमारी है, जिसका इलाज पिछले कई वर्षों से चल रहा है. उन्होंने कहा कि उनका परिवार वर्ष 1978 से इस इलाके में रह रहा है और अब तक किसी पड़ोसी से कोई विवाद या रंजिश नहीं रही है.
परिवार का आरोप है कि आरोपी युवती के परिजन उसे रोकने के बजाय उसका बचाव करते हैं और बाद में यह कहकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करते हैं कि युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ है. उनके पास इससे जुड़े मेडिकल दस्तावेज हैं. पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया कि यदि युवती मानसिक रूप से बीमार है तो उसे दूसरों पर हमला करने से रोकने के लिए उचित कदम क्यों नहीं उठाए गए.
पुलिस ने दर्ज किया केस
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग की है. उधर, पुलिस ने बताया कि पंकज की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है. घटना से जुड़ी CCTV फुटेज को भी जांच में शामिल किया गया है. पुलिस का कहना है कि यदि आरोपी युवती के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की पुष्टि होती है तो उसके मेडिकल रिकॉर्ड और अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी. पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
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