- इंदौर-धार रेल लाइन उद्घाटन के लिए तैयार है, CRS इसका फाइनल ट्रायल करेंगे.
- इंदौर धार रेल लाइन शुरू होने से एमपी की मुंबई-अहमदाबाद तक कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
- यह प्रोजेक्ट इंदौर दाहोद रेल परियोजना का हिस्सा है, जिसका धार जिले का काम पूरा हो चुका है.
मध्य प्रदेश के धार जिले तक अब रेलगाड़ी पहुंचने वाली है. क्योंकि पश्चिम रेलवे की बड़ी योजना इंदौर-दाहोद रेल लाइन प्रोजेक्ट अब आखिरी दौर में है. टीही टनल का 3 किलोमीटर का काम भी पूरा हो चुका है. रेलवे सूत्रों के मुताबिक 28 और 29 अक्टूबर 2026 को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (CRS) इस रूट का अंतिम निरीक्षण करेंगे. इसके तुरंत बाद इस रूट पर नियमित यात्री ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी मिल जाएगी. 46 किलोमीटर के इस रेलवे रूट पर चार रेलवे स्टेशन जुड़ने वाले हैं. जिसमें पीथमपुर, सगौर, गुनावाद और धार रेलवे स्टेशन जुड़ेंगे. रेलवे के अनुसार धार तक ट्रेन संचालन से जुड़े सभी काम आने वाले 25 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
MP के चार नए रेलवे स्टेशन जुड़ेंगे
- पीथमपुर
- सागौर
- गुणावद
- धार
यह स्टेशन भी पूरी तरह से तैयार है और यहां फिनिशिंग और सिग्नलिंग का काम लगभग 97 प्रतिशत पूरा हो चुका है. टीही से धार के बीच रेल लाइन बिछने के बाद यह सभी जुड़ जाएंगे. यहां ट्रेन पहली बार पहुंचने वाली है. जिसको लेकर स्थानीय लोग भी उत्साहित दिख रहे हैं. सबसे अहम बात धार जिले के लिए हैं, क्योंकि आजादी के बाद पहली बार धार में ट्रेन पहुंचने वाली है.
इंदौर-भोपाल के बीच होगा जुड़ाव
इंदौर दाहोद रेल लाइन से मालवा का यह इलाका सीधा भोपाल से कनेक्ट हो जाएगा. धार और पीथमपुर सीधे इंदौर से जुड़ जाएंगे. धार के लोग इंदौर होकर या आने वाले समय में दाहोद लिंक के जरिए रतलाम, झाबुआ और उज्जैन जैसे धार्मिक व व्यापारिक केंद्रों से सीधे जुड़ सकेंगे. धार से इंदौर होते हुए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल तक का सफर बेहद आसान हो जाएगा. इसके अलावा नई लाइन शुरू होने से ट्रेनों की रफ्तार भी तेज होगी.
मुंबई-अहमदाबाद तक कनेक्टिविटी
इंदौर-दाहोद रेल लाइन झाबुआ होते हुए गुजरात के दाहोद से मिल जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश से अहमदाबाद, बड़ौदा और मुंबई जाने के लिए यात्रियों को एक नया सीधा और बेहद छोटा रूट मिल जाएगा. जिससे यात्रा के समय में करीब 2 से 3 घंटे की बचत होगी. इसके अलावा यह लाइन शुरू होने से मालगाड़ियों को भी आसानी से क्लीयरेंस मिलेगा. जिससे यात्री ट्रेनों को सुपरफास्ट स्पीड मिलेगी. जिससे यात्रियों का आना जाना आसान होगा.
204 किलोमीटर की परियोजना
इंदौर से गुजरात के दाहोद को जोड़ने वाली इस पूरी रेल परियोजना की कुल लंबाई लगभग 204.76 किलोमीटर है. जिसमें पीथमपुर के पास 3 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाई गई है. जिसकी खास बात यह है कि यह ट्रेक पूरी तरह से बैलास्टलेस है, यानि बिना गिट्टी के इस्तेमाल के इसे बनाया गया है. इस सुरंग में 140 हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं. रेलवे से मिली जानकारी के मुताबिक CRS के निरीक्षण के बाद रेलवे बोर्ड ट्रेन का शेड्यूल घोषित करेगा. जिससे पहली बार धार, पीथमपुर जैसे शहरों में रेलवे कनेक्टिविटी का सपना पूरा होगा.
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