गौतमबुद्ध नगर का नोएडा एजुकेशन, हेल्थ के साथ स्पोर्ट्स सिटी हब भी बनने जा रहा है. बरसों से अटकी स्पोर्ट्स सिटी लॉजिक्स इंफ्रा, 3C ग्रीन कंस्ट्रक्शन और एटीएस होम्स ने संशोधित लेआउट प्लान नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी को सौंप दी है. आम लोगों और फ्लैट खरीदारों को 15 दिनों के भीतर आपत्ति और सुझाव मांगे हैं. नोएडा स्पोर्ट्स सिटी में लेआउट मंजूर न होने से कई सालों से करीब 20 हजार फ्लैट खरीदारों के फ्लैटों की रजिस्ट्री, एनओसी और निर्माण अधर में था. आपत्तियों के निस्तारण और लेआउट को आखिरी मंजूरी के बाद इन सोसायटी में रजिस्ट्री और पजेशन का रास्ता साफ हो सकेगा.
नोएडा स्पोर्ट्स सिटी का प्लान क्या है
संशोधित नक्शे के अनुसार,कुल भूमि का 70 फीसदी हिस्सा टेनिस कोर्ट, स्विमिंग पूल, इंडोर स्पोर्ट्स हॉल, स्क्वैश, क्रिकेट-गोल्फ जैसी खेल सुविधाओं के लिए आरक्षित रहेगा. बाकी 26 से 28 फीसदी इलाके में हाउसिंग सोसायटी के तौर पर आवासीय इलाका और 2-4 प्रतिशत में में व्यावसायिक गतिविधि होगी.चयनित बिल्डर को 3 साल के भीतर खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और 5 साल के भीतर आवासीय टावर पूरे करने की समयसीमा तय की जाएगी.लॉजिक्स इंफ्रा डेवलपर्स सेक्टर 150 में लगभग 9.86 लाख वर्गमीटर, 3C ग्रीन कंस्ट्रक्शन ने सेक्टर-78 और 79 में लगभग 6.6 लाख वर्गमीटर क्षेत्र और एटीएस होम्स सेक्टर-152 में लगभग 5.06 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में इसका प्रस्ताव दिया है. स्पोर्ट्स सिटी में 70% जमीन पर खेल सुविधाएं अनिवार्य हैं.
नोएडा स्पोर्ट्स सिटी कहां बसेगी
स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट का प्लान नोएडा अथॉरिटी ने साल 2007-2011 के बीच बनाया था और इसमें करीब 800 एकड़ जमीन शामिल थी. बिल्डरों ने फ्लैट तो बनाए लेकिन खेल सुविधाएं नहीं बनाईं. कैग ऑडिट के बाद नोएडा अथॉरिटी ने जनवरी 2021 में परियोजना पर पाबंदी लगाते हुए रजिस्ट्री और नक्शा पास कराने पर रोक लगाई. नोएडा अथॉरिटी ने अप्रैल 2026 में 5 साल पुराने प्रतिबंध को हटा लिया. उम्मीद है कि खेल से जुड़ी सुविधाएं अगले 3 से 5 सालों में विकसित हो जाएंगी.

Noida Sports City
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी
नोएडा स्पोर्ट्स सिटी खासकर सेक्टर 150 और 152 की दिल्ली-NCR से सबसे बेहतरीन कनेक्टिविटी है. ये स्पोर्ट्स सिटी नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे है. दिल्ली डीएनडी फ्लाईवे के जरिए और ग्रेटर नोएडा तक आवाजाही आसान है. स्पोर्ट्स सिटी के करीब से यमुना एक्सप्रेसवे शुरू होता है. अलीगढ़, मथुरा, आगरा और जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ता है. फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद का FNG एक्सप्रेसवे के जरिये स्पोर्ट्स सिटी से एनसीआर में हाईस्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी.
स्पोर्ट्स सिटी से मेट्रो कनेक्टिविटी
नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन का सेक्टर 148 मेट्रो स्टेशन स्पोर्ट्स सिटी के सेक्टर 150 से महज 3 से 5 किमी दूर है. केंद्र सरकार ने फरवरी में सेक्टर 142 से बॉटनिकल गार्डन तक नई मेट्रो लाइन विस्तार को मंजूरी दी है. इससे एक्वा लाइन से सीधे दिल्ली मेट्रो की ब्लू और मैजेंटा लाइन के लिए डायरेक्ट कनेक्टिविटी मिलेगी.स्पोर्ट्स सिटी दिल्ली आवाजाही आसान होगी.
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दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन से कनेक्टिविटी संभव
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर 865 किलोमीटर लंबा है, जो दिल्ली को नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा और वाराणसी से जोड़ेगा. इस बुलेट ट्रेन रूट का एक स्टेशन नोएडा सेक्टर 144 और दूसरा जेवर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित है. स्पोर्ट्स सिटी से सेक्टर 144 की दूरी बेहद कम है. हालांकि डीपीआर और फाइनल अलाइनमेंट के बाद इस पर आखिरी फैसला होगा.
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