- श्री अकाल तख्त साहिब ने AAP के विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा को धार्मिक कदाचार के कारण तनखैया घोषित किया है.
- अकाल तख्त सचिवालय ने गियासपुरा को जातिगत भेदभाव का झूठा आरोप लगाने के मामले में दोषी पाया.
- AAP के अन्य विधायकों ने गुरु साहिब से माफी मांगी और गियासपुरा के बयान को उनका व्यक्तिगत विचार बताया है.
श्री अकाल तख्त साहिब ने आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा को 'तनखैया' घोषित कर दिया है. पायल के विधायक गियासपुरा धार्मिक कदाचार के दोषी पाए गए. अकाल तख्त सचिवालय ने गियासपुरा पर झूठे दावे करने का आरोप लगाया था. जत्थेदार का कहना है कि गियासपुरा ने जानबूझकर इसे जातिगत मुद्दा बनाया. जत्थेदार ने इस कथित कृत्य को एक गंभीर अपराध बताया है. कुछ महीनों बाद पंजाब में विधानसभा चुनाव होना है. ऐसे में आप के एक विधायक को अकाल तख्त द्वार तनखैया घोषित किया जाना सीएम भगवंत मान की टेंशन बढ़ा सकता है.
मालूम हो कि शुक्रवार को अकाल तख्त के साथ चल रहे विवाद के बीच AAP विधायक शुक्रवार को उसके सचिवालय पहुंचे और पार्टी MLA मनविंदर सिंह जियासपुरा के जातिगत भेदभाव के आरोपों को लेकर माफी मांगी.
आप विधायकों ने मांगी माफी, जियासपुरा के बयान को बताया निजी
अकाल तख्त सचिवालय के मुताबिक विधायकों ने माना कि 12 अक्टूबर को उन्होंने जियासपुरा के आरोपों का मीडिया के सामने विरोध नहीं किया था और न ही यह साफ किया था कि उनके साथ ऐसा भेदभाव नहीं हुआ. AAP विधायकों ने गुरु साहिब से माफी मांगी और जियासपुरा की टिप्पणियों को उनका निजी विचार बताया.
सचिवालय ने कहा कि जाति, नस्ल या रंग के आधार पर किसी को श्री अकाल तख्त साहिब जाने से नहीं रोका गया. जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने विधायकों को इस मामले पर सार्वजनिक रूप से स्थिति साफ करने के निर्देश दिए.
Amritsar, Punjab: AAP MLA Kuldeep Singh Dhaliwal says, "All the MLAs who came here in the past few days, one of our MLAs, Manwinder Singh Giaspura, had said something wrong that day and made caste-related remarks..." https://t.co/u1vcVTlLzO
— IANS (@ians_india) October 16, 2026
'तनखैया' घोषित किए जाने का क्या अर्थ है?
तनखैया: सिख धार्मिक नियमों का उल्लंघन करने का दोषी कहलाता है. तनखैया को संगत के सामने माफी मांगनी होगी. धार्मिक प्रायश्चित में गुरुद्वारों में सेवा करना शामिल हो सकता है. सिख धर्म में किसी व्यक्ति को 'तनखैया' घोषित किए जाने का अर्थ है कि उसे धार्मिक नियमों या मर्यादा के उल्लंघन का दोषी पाया गया है. इस परंपरा के अनुसार, दोषी व्यक्ति को अपनी गलती सार्वजनिक रूप से स्वीकार करनी होती है और गुरु ग्रंथ साहिब की उपस्थिति में संगत (समुदाय) के सामने माफी मांगनी होती है.
इसके बाद उसे एक दंड दिया जाता है, जिसमें आमतौर पर सेवा कार्य शामिल होते हैं—जैसे गुरुद्वारों की सफाई करना, बर्तन धोना या ऐसे अन्य कार्य करना, जो विनम्रता और पश्चाताप को दर्शाते हैं.

AAP विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा.
जानें कैसे शुरू हुआ था विवाद
यह विवाद 12 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब लुधियाना जिले के पायल से AAP विधायक मनविंदर सिंह गियासपुरा ने श्री दरबार साहिब परिसर में अकाल तख्त सचिवालय के बाहर जाति-आधारित भेदभाव का आरोप लगाया. वहीं, सचिवालय ने उन पर झूठे आरोप लगाने और सिख संस्थाओं तथा सम्मानित सिख हस्तियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
यह भी पढ़ें - बंगला साहिब गुरुद्वारा विवाद: पंजाब चुनाव से पहले AAP और BJP का नया सियासी अखाड़ा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं