- तमिलनाडु में 59 वर्षों के बाद पहली बार कांग्रेस के दो नेता कैबिनेट मंत्री पद पर नियुक्त किए जाएंगे
- सीएम थलपति विजय ने कांग्रेस के 2 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का ऐलान किया है, जिसे खरगे ने मंजूरी दी
- कांग्रेस विधायक एडवोकेट राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे
तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है.पूरे 59 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस पार्टी के दो नेता कैबिनेट मंत्री बनने जा रहे हैं. दरअसल, TVK के प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने मुख्यमंत्री थलपति विजय ने अपने कैबिनेट में दो कांग्रेसी मंत्रियों को शामिल करने का ऐलान किया है, जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भी सहमति मिल गई है. इसके साथ ही कांग्रेस के दो विधायक राज्य सरकार में मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं. इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है.
इस फैसले के बाद लोकसभा में कांग्रेस के व्हिप मणिकम टैगोर ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि 59 साल बाद दो कांग्रेस मंत्री तमिलनाडु सरकार का हिस्सा बनने जा रहे हैं. मेरे जैसे हजारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए यह बेहद भावुक और ऐतिहासिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षण है.
ये दो विधायक बनेंगे मंत्री
अब कांग्रेस ने अपने कोटे से मंत्रियों के नाम फाइनल कर दिए हैं. इसकी जानकारी देते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर एक संदेश शेयर कर बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कांग्रेस विधायक एडवोकेट राजेश कुमार और थिरु पी. विश्वनाथन को तमिलनाडु मंत्रिमंडल में शामिल करने की मंजूरी दे दी है और वे गुरुवार को मंत्री पद की शपथ लेंगे. गौरतलब है कि पी. विश्वनाथन एक प्रमुख दलित चेहरा है, जिन्होंने सामान्य (General) सीट से चुनाव जीतकर अपनी ताकत साबित की है. वहीं, राजेश कुमार कांग्रेस विधायक दल (CLP) के नेता हैं.
कांग्रेस की वजह से हुई देरी
10 मई को जब तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता से राजनेता बने 'सर' विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, तो उन्होंने कांग्रेस को कैबिनेट में शामिल होने के लिए एक नाम तय करने के लिए कहा था. लेकिन, कांग्रेस तय समय सीमा के भीतर किसी एक नाम पर मुहर नहीं लगा सकी थी. नतीजा यह हुआ कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में हुए इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस कैबिनेट में शामिल होने का एक बड़ा मौका चूक गई.
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2006 में कांग्रेस ने की थी ऐतिहासिक भूल
यह पहला मौका नहीं है, जब कांग्रेस के पास तमिलनाडु सरकार में हिस्सेदारी का चांस था. इससे पहले साल 2006 में भी कांग्रेस के पास द्रमुक (DMK) को गठबंधन सरकार बनाने के लिए मजबूर करने का सुनहरा मौका था, क्योंकि तब डीएमके सरकार चलाने के लिए कांग्रेस के विधायकों पर ही निर्भर थी, लेकिन तब कांग्रेस वह मौका चूक गई थी. मणिकम टैगोर ने उस दौर को याद करते हुए कहा कि तब डीएमके ने खुले तौर पर कह दिया था कि तमिलनाडु गठबंधन सरकार को स्वीकार नहीं करेगा, लेकिन अब वक्त बदल चुका है.
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