हरियाणा के नारायणगढ़ के पास नेशनल हाईवे पर उस समय हड़कंप मच गया, जब 13 फीट लंबे और करीब 93 किलोग्राम वजनी एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया. सूचना मिलते ही वंदे मातरम् दल और वन्यजीव विभाग की टीम मौके पर पहुंची. करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया गया और पंचकूला के मोरनी जंगलों में छोड़ दिया गया. दल का दावा है कि यह हरियाणा के सबसे बड़े और सबसे चुनौतीपूर्ण अजगर रेस्क्यू अभियानों में से एक है.
हाईवे पर दिखा विशालकाय अजगर, मचा हड़कंप
नारायणगढ़ के पास नेशनल हाईवे क्षेत्र में लोगों की नजर एक विशाल अजगर पर पड़ी. अजगर का आकार इतना बड़ा था कि उसे देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए. करीब 13 फीट लंबा और 93 किलो वजनी यह अजगर सड़क के आसपास मौजूद लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया. सूचना मिलने के बाद वंदे मातरम् दल की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. इस विशालकाय अजगर को रेस्क्यू करना आसान नहीं था. वंदे मातरम् दल के सदस्य भरत के नेतृत्व में टीम ने वन्यजीव विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर अभियान शुरू किया.
आक्रामक व्यवहार ने बढ़ाई मुश्किल
दल के सदस्य भरत के अनुसार, यह अजगर आकार और वजन दोनों के लिहाज से बेहद विशाल था. सामान्य रेस्क्यू अभियानों की तुलना में इस ऑपरेशन में कहीं ज्यादा सतर्कता बरतनी पड़ी. अजगर लगातार प्रतिरोध कर रहा था, जिससे अभियान और चुनौतीपूर्ण हो गया. उन्होंने बताया कि टीम के सदस्यों ने अनुभव और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पूरे अभियान को सफल बनाया. किसी भी तरह की जल्दबाजी न करते हुए हर कदम बेहद सोच-समझकर उठाया गया.
मोरनी के जंगलों में मिला नया ठिकाना
रेस्क्यू के बाद टीम ने अजगर को उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ने का फैसला किया. इसके लिए पंचकूला के मोरनी क्षेत्र के जंगलों को चुना गया. वन्यजीव विभाग की मौजूदगी में अजगर को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ा गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में सामान्य जीवन जी सके. वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे जीवों को आबादी वाले क्षेत्रों से हटाकर उनके प्राकृतिक आवास में पहुंचाना सबसे अहम कदम है.
30 साल पुराना बताया जा रहा अजगर
रेस्क्यू टीम के मुताबिक अजगर की उम्र करीब 30 साल के आसपास है. लंबे समय तक जीवित रहने वाले अजगरों में इस तरह का आकार और वजन कम ही देखने को मिलता है. यही वजह है कि यह रेस्क्यू ऑपरेशन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है. बता दें कि वंदे मातरम् दल वर्ष 2012 से वन्यजीव संरक्षण और रेस्क्यू अभियानों में सक्रिय है. दल के सदस्य भरत के अनुसार, अब तक 1300 से अधिक रेस्क्यू ऑपरेशन किए जा चुके हैं. हालांकि 13 फीट लंबे और 93 किलो वजनी इस अजगर का रेस्क्यू उनके सबसे बड़े और सबसे चुनौतीपूर्ण अभियानों में शामिल रहा. इस अभियान ने एक बार फिर दिखाया कि वन्यजीव संरक्षण केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय टीमों की भूमिका भी इसमें बेहद महत्वपूर्ण है.
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