दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग पर निर्भर है प्रदूषण के खिलाफ जंग, नए आयोग के सदस्य माथुर ने रखी राय

प्नदूषण पर बने नए कमीशन के सदस्य डॉ अजय माथुर ने कहा, दिल्ली में स्थानीय सूत्रों से जो प्रदूषण होता था उसका स्तर 2016 में 26% से 37% के बीच था. तीन साल बाद 2019 में घटकर 15% से 27% रह गया है.

दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग पर निर्भर है प्रदूषण के खिलाफ जंग, नए आयोग के सदस्य माथुर ने रखी राय

TERI के महानिदेशक माथुर ने सभी राज्यों के बीच एकजुटता पर जोर दिया. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

वायु प्रदूषण (Air Pollution) से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित नए कमीशन के सदस्य और TERI के डायरेक्टर जनरल डॉ अजय माथुर ने कहा है कि दिल्ली (Delhi) और पड़ोसी राज्यों के बीच सहयोग पर निर्भर करेगा कि हम इस समस्या पर किस हद तक काबू पाएंगे. माथुर ने एनडीटीवी इंडिया से बातचीत में यह प्रतिक्रिया दी. 

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माथुर ने कहा कि दिल्ली और एनसीआर (NCR) इलाके में प्रदूषण रोकने में कमीशन कितना कामयाब होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि वह पड़ोसी राज्यों को प्रदूषण के मसले पर एकजुट करने में कितना कामयाब हो पाता है. प्रदूषण के मसले पर राज्यों को एकजुट करना कमीशन की प्राथमिकता होगी. सभी राज्यों में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक आम सहमति बनाना जरूरी होगा. ताकि इस पूरे इलाके में एक साझा रणनीति तैयार की जा सके.


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दिल्ली में प्रदूषण के लिए बाहरी कारक ज्यादा जिम्मेदार
माथुर ने कहा कि दिल्ली में स्थानीय सूत्रों से जो प्रदूषण होता था उसका स्तर 2016 में 26% से 37% के बीच था. तीन साल बाद 2019 में घटकर 15 फ़ीसदी से 27% रह गया है. लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में प्रदूषण का संकट बना हुआ है. दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान सरकारों को एकजुट होकर दिल्ली और एनसीआर के इलाके में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए पहल करनी होगी, अन्यथा समस्या ज्यों की त्यों बनी रहेगी.