
800 रुपये में आतंकी शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश बॉर्डर पार किया...
बेंगलुरु:
बेंगलुरु पुलिस त्रिपुरा के अगरतला से हबीब मियां को 18 मार्च 2017 यानी लगभग 10 दिन पहले गिरफ्तार कर बेंगलुरु लाई. क्राइम ब्रांच और दूसरी खुफिया एजेंसियों से पूछताछ के दौरान भारतीय विज्ञान संस्थान यानी IISC पर 28 दिसंबर 2005 में हुए हमले के सिलसिले में कुछ अहम जानकारियां मिलीं, खासकर आरोपी नंबर 1 यानी शहाबुद्दीन के बारे में जो अब तक फ़रार है और अब हबीब मियां से पूछताछ के दौरान पता चला कि वह हमले के कुछ दिनों बाद त्रिपुरा पहुंचा जहां उसकी मुलाक़ात हबीब मियां से हुई.
बेंगलुरु के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एन रवि ने जानकारी दी कि "हबीब मियां के मुताबिक दोनों एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे. लेकिन छोटी-सी मुलाक़ात दोस्ती में बदल गई. फिर शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश जाने का इरादा जताया और बॉर्डर पार कराने के लिए शहाबुद्दीन ने उसे 800 (आठ सौ) रुपये दिए, ताकि भारत और बांग्लादेश में दोनों तरफ व्यवस्था हो सके और सीमा पार करने में रुकावट पैदा न हो.
स्थानीय होने का फ़ायदा उठाते हुए हबीब मियां ने आराम से शहाबुद्दीन को बांग्लादेश सीमा पार करवा दी थी वह भी सिर्फ 800 रुपये में. फिर दोनों वहां लगभग 3 दिनों तक साथ रहे और हबीब मियां वापस लौट आया. फिर दोनों का दोबारा संपर्क नहीं हुआ. हालांकि पुलिस की जांच फिलहाल जारी है. फिलहाल हबीब मियां को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
गौरतलब है कि बेंगलुरु के IISC पर 28 दिसम्बर 2005 को शाम तक़रीबन 6 बजे के आसपास स्वचालित हथियार से हमला हुआ था जिसमें आईआईटी के एक वैज्ञानिक की मौत हुई थी और 5 लोग घायल हुए थे.
बेंगलुरु के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त एन रवि ने जानकारी दी कि "हबीब मियां के मुताबिक दोनों एक दूसरे को पहले से नहीं जानते थे. लेकिन छोटी-सी मुलाक़ात दोस्ती में बदल गई. फिर शहाबुद्दीन ने बांग्लादेश जाने का इरादा जताया और बॉर्डर पार कराने के लिए शहाबुद्दीन ने उसे 800 (आठ सौ) रुपये दिए, ताकि भारत और बांग्लादेश में दोनों तरफ व्यवस्था हो सके और सीमा पार करने में रुकावट पैदा न हो.
स्थानीय होने का फ़ायदा उठाते हुए हबीब मियां ने आराम से शहाबुद्दीन को बांग्लादेश सीमा पार करवा दी थी वह भी सिर्फ 800 रुपये में. फिर दोनों वहां लगभग 3 दिनों तक साथ रहे और हबीब मियां वापस लौट आया. फिर दोनों का दोबारा संपर्क नहीं हुआ. हालांकि पुलिस की जांच फिलहाल जारी है. फिलहाल हबीब मियां को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
गौरतलब है कि बेंगलुरु के IISC पर 28 दिसम्बर 2005 को शाम तक़रीबन 6 बजे के आसपास स्वचालित हथियार से हमला हुआ था जिसमें आईआईटी के एक वैज्ञानिक की मौत हुई थी और 5 लोग घायल हुए थे.
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