
सुप्रीम कोर्ट (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के जहानाबाद इलाके के RLD विधायक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. Frivilous यानी तुच्छ याचिका दाखिल करने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज हुआ. सीजेआई खेहर ने कहा कि आप जनता के प्रतिनिधि हैं इसका मतलब यह नहीं कि आप सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों का दुरुपयोग करेंगे. जहानाबाद जिले के अरवल इलाके के विधायक रविंद्र सिंह ने 1994 में एक मैगजीन में छपे लेख पर जांच की मांग वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की थी. याचिका में कहा गया कि यह लेख पिछडी जातियों के खिलाफ है और इसकी जांच होनी चाहिए.
CJI ने कहा कि यह लेख 1994 का है और आप अब आ रहे हैं. याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि उन्होंने 2013 में यह पढ़ा और इसके बाद पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई. पिछले दिसंबर में ही हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें यह समझ नहीं आ रहा कि यह याचिका क्यों दाखिल की गई है इसलिए याचिकाकर्ता पर दस लाख का जुर्माना लगाया जाता है.
वकील ने इस पर माफ करने को कहा तो CJI ने अपनी एक कहानी सुनाई कि जब वह हॉस्टल में पढ़ते थे तो एक छात्र को 25 रुपये जुर्माना लगा, लेकिन उस छात्र ने इस पर विरोध जताया और कहा कि सिर्फ 25 रुपये क्यों? ज्यादा होना चाहिए क्योंकि मैं बड़े अमीर परिवार से हूं. आप विधायक हैं आपको भी छात्र की तरह कहना चाहिए.
CJI ने कहा कि यह लेख 1994 का है और आप अब आ रहे हैं. याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि उन्होंने 2013 में यह पढ़ा और इसके बाद पटना हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई. पिछले दिसंबर में ही हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें यह समझ नहीं आ रहा कि यह याचिका क्यों दाखिल की गई है इसलिए याचिकाकर्ता पर दस लाख का जुर्माना लगाया जाता है.
वकील ने इस पर माफ करने को कहा तो CJI ने अपनी एक कहानी सुनाई कि जब वह हॉस्टल में पढ़ते थे तो एक छात्र को 25 रुपये जुर्माना लगा, लेकिन उस छात्र ने इस पर विरोध जताया और कहा कि सिर्फ 25 रुपये क्यों? ज्यादा होना चाहिए क्योंकि मैं बड़े अमीर परिवार से हूं. आप विधायक हैं आपको भी छात्र की तरह कहना चाहिए.
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