
नई दिल्ली:
फेसबुक मामले में हुई गिरफ्तारियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख दिखाते हुए महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है कि पुलिस वालों पर क्या कार्रवाई हुई है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, पश्चिम बंगाल और पुद्दुचेरी सरकार को भी नोटिस देकर छह हफ्ते में जवाब मांगा है।
दरअसल, पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को ममता बनर्जी के एक कार्टून को सोशल नेटवर्किंग साइट पर डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
गौरतलब है कि कोर्ट ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद पालघर की दो लड़कियों को फेसबुक पर कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार करने को लेकर श्रेया सिंघल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। इस याचिका में आईटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल जी वाहनवती को भी बुलाया और दूसरों को भी पार्टी बनाने की सलाह दी। इधर, सरकार ने एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66-ए का इस्तेमाल आईपीएस अफसरों की मंजूरी के बिना नहीं हो।
आईटी एक्ट 66-ए का कौन-कौन हुआ शिकार :-
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तार
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
दरअसल, पश्चिम बंगाल में इस साल अप्रैल में प्रोफेसर अंबिकेश महापात्रा को ममता बनर्जी के एक कार्टून को सोशल नेटवर्किंग साइट पर डालने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था।
गौरतलब है कि कोर्ट ने शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के निधन के बाद पालघर की दो लड़कियों को फेसबुक पर कमेंट करने के आरोप में गिरफ्तार करने को लेकर श्रेया सिंघल द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह नोटिस जारी किया। इस याचिका में आईटी एक्ट के कुछ प्रावधानों को खत्म करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अटॉर्नी जनरल जी वाहनवती को भी बुलाया और दूसरों को भी पार्टी बनाने की सलाह दी। इधर, सरकार ने एक अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि आईटी एक्ट की धारा 66-ए का इस्तेमाल आईपीएस अफसरों की मंजूरी के बिना नहीं हो।
आईटी एक्ट 66-ए का कौन-कौन हुआ शिकार :-
28 नवंबर, 2012
फेसबुक पर राज ठाकरे और मराठी भाषी लोगों के खिलाफ कथिततौर पर आपत्तिजनकर टिप्पणी के लिए सुनील विश्वकर्मा नामक शख्स गिरफ्तार
20, नवंबर
मुंबई में बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई बंद पर फेसबुक कमेंट करने को लेकर दो युवतियां गिरफ्तार
अक्टूबर 2012
पी चिदंबरम के बेटे कार्तिक चिदंबरम के खिलाफ टिप्पणी करने पर उद्योगपति रवि श्रीनिवासन गिरफ्तार
सितंबर, 2012
संसद और नेताओं पर कार्टून बनाने वाले असीम त्रिवेदी गिरफ्तार
मई, 2012
मजदूर नेता के खिलाफ फेसबुक पर लिखने वाले एयर इंडिया के दो कर्मचारी केवीजे राव, मयंक शर्मा गिरफ्तार
अप्रैल, 2012
फेसबुक पर ममता बनर्जी का कार्टून पोस्ट करने को लेकर प्रोफेसर अंबिकेश महापात्र पश्चिम बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार
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