विज्ञापन
This Article is From Sep 22, 2021

SAARC के विदेश मंत्रियों की बैठक रद्द, तालिबान को सार्क में शामिल करने की पाकिस्तान की चाल नाकाम

SAARC की यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के दौरान ही सालाना तौर पर आयोजित की जाती है. दरअसल, तालिबान को अभी तक भारत ने मान्यता नहीं दी है

SAARC के विदेश मंत्रियों की बैठक रद्द, तालिबान को सार्क में शामिल करने की पाकिस्तान की चाल नाकाम
SAARC विदेश मंत्रियों की बैठक मीटिंग न्यूयॉर्क में आयोजित की जानी थी
नई दिल्ली:

SAARC Meeting 2021 : पाकिस्तान की अफगानिस्तान में तालिबान को मोहरा बनाकर भारत को घेरने की चाल एक बार फिर नाकाम हो गई. खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान चाहता था कि तालिबान की नई सरकार (Taliban ) को दक्षिण एशियाई देशों के संगठन सार्क (SAARC Meet) में शामिल कराया जाए ताकि उसे सहयोगी मिल सके, लेकिन उसे मुंह की खानी पड़ी. सूत्रों का कहना है कि भारत ही नहीं कई अन्य देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया और आखिरकार यह बैठक ही कैंसल कर दी गई. तालिबान की नई सरकार को ज्यादातर देशों ने मान्यता नहीं दी है. 

अपने वादे से फिर मुकरा तालिबान, लड़कों के लिए खोले स्कूल, लड़कियों पर साध ली चुप्पी

खबरों के अनुसार, सार्क (South Asian Association for Regional Cooperation) की यह बैठक न्यूयॉर्क में शनिवार को प्रस्तावित थी, जिसे अब रद्द कर दिया गया है. विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने चालबाजी करते हुए बैठक में तालिबान को भी प्रतिनिधित्व देने की मांग उठा दी. भारत औऱ सार्क के कई अन्य सदस्य देशों ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. ऐसे में कोई सहमति न बन पाने के बाद यह मीटिंग ही रद्द कर दी गई.

ऐसा कहा जाता है कि ज्यादातर देश इस बात पर राजी थी कि अफगानिस्तान की कुर्सी मीटिंग के दौरान खाली रखी जाए, लेकिन पाकिस्तान अड़ा रहा, जिसके बाद मीटिंग ही रद्द कर दी गई. नेपाल को सार्क की इस बैठक की अध्यक्षता करनी थी. यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) के दौरान ही सालाना तौर पर आयोजित की जाती है. दरअसल, तालिबान को अभी तक भारत ने मान्यता नहीं दी है

दुनिया के ज्यादातर देशों ने भी अभी तक उसे स्वीकार नहीं किया है. तालिबान की नई सरकार में कई यूएन द्वारा घोषित आतंकी शामिल हैं. अमीर खान मुत्ताकी तालिबान की मौजूदा सरकार में कार्यवाहक विदेश मंत्री हैं, लेकिन यूएन और उससे जुड़ी बैठकों मे उनके भाग लेने की कोई संभावना नहीं है. 

पिछले महीने शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organization) की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी तालिबान के प्रति कड़े रुख का इजहार किया था. उन्होंने एससीओ मीट ((SCO meet) में कहा था कि नई सरकार समावेशी नहीं है और अफगानिस्तान में नई सरकार को मान्यता देने के पहले दुनिया भर को इस बारे में सोचना चाहिए.

पीएम मोदी ने याद दिलाया था कि नई सरकार में महिलाओं और अल्पसंख्यकों को कोई भी स्थान नहीं दिया गया है. सार्क में भारत के अलावा बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका सदस्य देश हैं. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
SAARC Foreign Ministers Meet Canceled, United Nations General Assembly 2021, Taliban Afghanistan, Pakistan
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com