एमपी के ओरछा के विश्व प्रसिद्ध श्री रामराजा सरकार मंदिर से श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है. कोरोना काल के दौरान बंद हुई बालभोग और ब्यारीभोग प्रसाद वितरण की परंपरा अब फिर से शुरू होने जा रही है. खास बात यह है कि अब प्रसाद वितरण किसी दानदाता पर निर्भर नहीं रहेगा. यदि किसी दिन दानदाता नहीं मिलते हैं, तब भी भगवान को नियमित रूप से भोग लगाया जाएगा और प्रसाद श्रद्धालुओं, जरूरतमंदों तथा भिक्षुगण में वितरित किया जाएगा.
इस व्यवस्था का पूरा खर्च जिला प्रशासन वहन करेगा. कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधक जमुना भिड़े के निर्देश के बाद यह पहल शुरू की जा रही है, जिससे रामराजा सरकार के दरबार में आने वाला कोई भी श्रद्धालु बिना प्रसाद के नहीं लौटेगा.
मयंक दुबे की रिपोर्ट...
कोरोना काल के बाद फिर शुरू होगी प्रसाद वितरण व्यवस्था
दरअसल, श्री रामराजा सरकार मंदिर में वर्षों से बालभोग और ब्यारीभोग की परंपरा चली आ रही थी. पहले जब कोई दानदाता भोग की रसीद कटवाता था या दान देता था, तब प्रसाद का वितरण किया जाता था. हालांकि कोरोना काल के दौरान यह व्यवस्था बंद हो गई थी. इसके बाद से लगातार श्रद्धालु मंदिर प्रबंधन से प्रसाद वितरण दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे थे. अब प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार करते हुए पुरानी व्यवस्था को फिर से बहाल करने का निर्णय लिया है.
अब दानदाता का इंतजार नहीं करना पड़ेगा
अब तक कई बार ऐसी स्थिति बनती थी जब दानदाता नहीं मिलने के कारण प्रसाद वितरण नहीं हो पाता था. हालांकि मंदिर प्रबंधन अपनी ओर से भगवान को भोग जरूर लगाता था. नई व्यवस्था के तहत अब दानदाता मिले या नहीं, दोनों समय भोग तैयार होगा और प्रसाद का वितरण भी नियमित रूप से किया जाएगा. इससे श्रद्धालुओं को हर दिन प्रसाद उपलब्ध हो सकेगा.
जिला प्रशासन उठाएगा पूरा खर्च
नई व्यवस्था के अनुसार प्रतिदिन लगभग 10 हजार रुपए का ब्यारीभोग और करीब 3,500 रुपए का बालभोग तैयार किया जाएगा. इन दोनों भोगों पर होने वाला खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा. इससे प्रसाद वितरण की व्यवस्था लगातार और बिना किसी रुकावट के चल सकेगी. मंदिर प्रबंधन का मानना है कि इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग भी पूरी होगी.
श्रद्धालुओं के साथ जरूरतमंदों को भी मिलेगा लाभ
इस पहल का लाभ सिर्फ मंदिर में दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं तक सीमित नहीं रहेगा. भगवान को अर्पित किए जाने वाले बालभोग और ब्यारीभोग की प्रसादी मंदिर परिसर में मौजूद जरूरतमंद लोगों और भिक्षुगण को भी वितरित की जाएगी. इससे आस्था के साथ सेवा का भाव भी मजबूत होगा और जरूरतमंद लोगों को भोजन प्रसाद उपलब्ध हो सकेगा.
कलेक्टर जमुना भिड़े ने बताई व्यवस्था की जरूरत
कलेक्टर एवं मंदिर प्रबंधक जमुना भिड़े ने बताया कि रामराजा सरकार मंदिर में पहले नियमित रूप से प्रसाद वितरण किया जाता था, लेकिन कोरोना काल के बाद यह व्यवस्था बंद हो गई थी. उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब बालभोग और ब्यारीभोग का प्रसाद प्रतिदिन वितरित किया जाएगा. उनका कहना है कि रामराजा सरकार के दरबार में आने वाला हर व्यक्ति आशीर्वाद के साथ प्रसाद भी लेकर जाए, इसी भावना के साथ यह व्यवस्था शुरू की है.
दानदाताओं से भी आगे आने की अपील
कलेक्टर ने दानदाताओं से भी अपील की है कि वे इस पुनीत कार्य में सहयोग के लिए आगे आएं. उनका कहना है कि दानदाताओं के सहयोग से प्रसाद वितरण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाया जा सकता है. हालांकि दानदाता न मिलने की स्थिति में भी प्रसाद वितरण प्रभावित नहीं होगा, क्योंकि इसका खर्च जिला प्रशासन द्वारा उठाया जाएगा.
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