मुंबई:
मुंबई की एक फास्ट ट्रैक सत्र अदालत ने बॉलीवुड अभिनेता शाइनी आहूजा को अपनी नौकरानी से बलात्कार के मामले में सात साल के सश्रम कारावास की बुधवार को सजा सुनाई। शाइनी को यह सजा मुकदमे के दौरान पीड़िता के अपने बयान से पलटने के बावजूद सुनाई गई। शाइनी के वकील श्रीकांत शिवाडे ने संवाददाताओं को बताया कि न्यायाधीश पीएम चौहान ने आरोपी को मुख्य रूप से मामले में दर्ज प्राथमिकी पर भरोसा करते हुए दोषी ठहराया। मुकदमे की सुनवाई बंद कमरे में हुई इसलिए संवाददाताओं को अदालत में उपस्थित रहने की इजाजत नहीं दी गई थी। अदालत ने नौकरानी द्वारा अदालत में दिए गए उस बयान को भी स्वीकार नहीं किया जिसमें उसने कहा था कि उसके साथ बलात्कार नहीं किया गया। न्यायाधीश ने महसूस किया कि उसने गलत साक्ष्य दिया। अदालत में जब फैसला सुनाया गया उस वक्त शाइनी अपनी पत्नी अनुपम के साथ मौजूद थे। 38 वर्षीय शाइनी ने गुलाबी रंग की कमीज और जींस पहन रखा था। एक पुलिसकर्मी के अनुसार जब न्यायाधीश ने फैसला सुनाया तो शाइनी की आंखों में आंसू आ गए। पिछले साल सितंबर में नौकरानी शाइनी पर लगाए गए उन आरोपों से पलट गई थी जिसमें उसने कहा था कि अभिनेता ने अपने मुंबई स्थित आवास में उसके साथ बलात्कार किया। उसने कहा कि इस तरह की घटना कभी नहीं हुई। 20 वर्षीय लड़की ने अदालत में बताया था कि उसने अभिनेता के खिलाफ यह शिकायत उस महिला के इशारे पर दर्ज कराई थी जिसने उसे शाइनी के आवास पर नौकरानी का काम दिलाया था। इससे पहले जून 2009 में लड़की ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि शाइनी ने उसके साथ अपने आवास पर बलात्कार किया। शाइनी को 14 जून 2009 को गिरफ्तार किया गया था और तीन महीने बाद जमानत पर रिहा किया गया था। पिछले साल तीन सितंबर को पीड़िता ने अदालत में शाइनी की पहचान की थी और कहा कि वह उनके आवास पर नौकरानी का काम किया करती थी, लेकिन जब उससे इस घटना के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि उससे कभी बलात्कार नहीं किया गया। पुलिस ने अपने 109 पन्नों के आरोप पत्र में शाइनी पर बलात्कार करने और पीड़िता को गलत तरीके से बंद करके रखने का आरोप लगाया था। अपने बचाव में शाइनी ने दलील दी थी कि उसे फंसाया गया।