Multivitamin Benefits: बढ़ती उम्र को रोकना या धीमा करना हमेशा से वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ा सवाल रहा है. आमतौर पर हम अपनी उम्र को सालों में मापते हैं, जिसे क्रोनोलॉजिकल एज कहा जाता है. लेकिन, वैज्ञानिक एक दूसरी उम्र की भी बात करते हैं, बायोलॉजिकल एज यानी शरीर की वास्तविक स्थिति. कई बार दो लोग एक ही उम्र के होते हैं, लेकिन किसी का शरीर ज्यादा स्वस्थ और जवान दिखता है, जबकि दूसरे में जल्दी उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई देते हैं. हाल ही में प्रकाशित एक नई स्टडी ने इस विषय पर दिलचस्प जानकारी दी है. शोधकर्ताओं के अनुसार, लगातार दो साल तक रोजाना मल्टीविटामिन लेने से शरीर की बायोलॉजिकल एज बढ़ने की स्पीड थोड़ी धीमी हो सकती है. हालांकि इसका असर बहुत बड़ा नहीं पाया गया, फिर भी यह संकेत देता है कि पोषण हमारे शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. वैज्ञानिकों का कहना है कि इसको समझने के लिए अभी और शोध की जरूरत है.
बायोलॉजिकल एज क्या होती है?
जैविक उम्र (Biological Age) यह बताती है कि शरीर अंदर से कितना हेल्दी है और कितनी तेजी से बूढ़ा हो रहा है. इसे मापने के लिए वैज्ञानिक डीएनए मिथाइलेशन जैसे संकेतों का उपयोग करते हैं.
डीएनए में समय के साथ कुछ छोटे-छोटे बदलाव होते हैं, जिन्हें एपिजेनेटिक बदलाव कहा जाता है. ये बदलाव यह बताते हैं कि शरीर के सेल कितनी तेजी से उम्रदराज़ हो रहे हैं. अगर यह प्रक्रिया धीमी हो जाए तो उम्र से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है.
स्टडी कैसे की गई?
यह अध्ययन अमेरिका में किया गया, जिसमें लगभग 958 हेल्दी बुजुर्ग पार्टिसिपेंट्स शामिल थे. इनकी औसत उम्र करीब 70 साल थी. शोधकर्ताओं ने पार्टिसिपेंट्स को चार ग्रुप्स में बांटा:
- एक ग्रुप को रोज मल्टीविटामिन और कोको एक्सट्रैक्ट दिया गया.
- दूसरे को केवल कोको एक्सट्रैक्ट.
- तीसरे को केवल मल्टीविटामिन.
- चौथे को प्लेसिबो (नकली दवा)
दो साल तक अध्ययन चलने के दौरान पार्टिसिपेंट्स के ब्लड सैंपल लिए गए और डीएनए में होने वाले बदलावों को मापा गया.

क्या परिणाम सामने आए?
शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग रोजाना मल्टीविटामिन ले रहे थे, उनमें बायोलॉजिकल एज बढ़ने की गति थोड़ी कम दिखाई दी. अध्ययन में इस्तेमाल किए गए पांच एपिजेनेटिक क्लॉक्स में से दो में यह असर देखा गया. कुल मिलाकर रिजल्ट यह दिखाते हैं कि दो साल में लगभग चार महीने कम बायोलॉजिकल एज बढ़ी. हालांकि यह बदलाव छोटा है, लेकिन यह बताता है कि पोषण शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है.
किन लोगों में ज्यादा असर दिखा?
शोध में यह भी पाया गया कि जिन लोगों की बायोलॉजिक एड शुरुआत में ज्यादा तेजी से बढ़ रही थी, उनमें मल्टीविटामिन का असर थोड़ा ज्यादा दिखा. वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि ऐसे लोगों में पहले से पोषण की कमी रही हो.
क्या मल्टीविटामिन लेना जरूरी है?
शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि इस अध्ययन का मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को रोज मल्टीविटामिन लेना चाहिए.
कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि:
- मल्टीविटामिन का असर बहुत छोटा है.
- यह जरूरी नहीं कि इससे लंबी उम्र मिले.
- हेल्दी लाइफस्टाइल ज्यादा जरूरी है.
हेल्दी एजिंग के लिए क्या ज्यादा जरूरी है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार उम्र को हेल्दी तरीके से बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी चीजें हैं:
बैलेंस और पौष्टिक डाइट
फल और सब्जियों का ज्यादा सेवन
रेगुलर एक्सरसाइज
पर्याप्त नींद
तनाव कम रखना
अगर लाइफस्टाइल खराब हो तो केवल मल्टीविटामिन लेने से ज्यादा फायदा नहीं होगा. यह नई स्टडी बताती है कि रोज मल्टीविटामिन लेने से बायोलॉजिकल एज बढ़ने की स्पीड में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन इसका असर सीमित है और इसके स्वास्थ्य लाभ अभी पूरी तरह साफ नहीं हैं.
सबसे अच्छा तरीका अभी भी नेचुरल और बैलेंस डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना ही है. सप्लीमेंट्स कभी-कभी मदद कर सकते हैं, लेकिन वे हेल्दी लाइफ का ऑप्शन नहीं बन सकते.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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