
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने संसद में जोरदार भाषण दिया। उनके भाषण के तथ्यों पर भी सवाल उठ रहे हैं। क्या सही है, कितना सही है यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है। लेकिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी इस मंत्री के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं।
पीएम मोदी ने एक ट्वीट कर लिखा है सत्यमेव जयते... इसके साथ ही उन्होंने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का संसद में दिया गया बयान भी डाला है।
उल्लेखनीय है कि ईरानी ने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने कर्तव्य का निर्वाह करने के लिए मैं माफी नहीं मांगूंगी। उन्होंने कहा, 20 महीने के अपने कार्यकाल में मैंने बिना किसी भेदभाव के देश की और लोगों की सेवा की है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, मेरा नाम स्मृति ईरानी है, मैं चुनौती देती हूं, मेरी जाति बताकर दिखाएं।
हजारों की संख्या में मिलती हैं अर्जियां
स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्हें हजारों की संख्या में लोगों से अर्जियां मिली हैं और उन्होंने इसका निपटारा किया और किसी से यह नहीं पूछा कि उनकी जाति या धर्म क्या है। उन्होंने कहा कि उनकी नीयत में कोई खोट नहीं थी और इस कारण पत्र लिखा।
एक बच्चे की मृत्यु पर राजनीति की जा रही है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक बच्चे की मृत्यु पर राजनीति की जा रही है। जिस समिति ने दलित बच्चे को बर्खास्त करने की सिफारिश की, उसका गठन कांग्रेस की सरकार के समय हुआ था। अपनी बात रखते हुए कई बार स्मृति बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि रोहित के शव का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया गया। उस बच्चे के पास काफी समय तक कोई नहीं गया। उन्होंने सवाल किया कि वहां डॉक्टर नहीं पहुंचने पर कौन चिकित्सीय रूप से इतना कुशल था, जिसे वेमूला को मृत घोषित किया।
राजनीतिक अवसरवादिता दिखा रहे राहुल गांधी
स्मृति ने कहा, किसी घटना स्थल पर राहुल गांधी दोबारा नहीं जाते, लेकिन इस मामले में (हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र की आत्महत्या) राजनीतिक अवसरवादिता के चलते दो बार गए। कांग्रेस सदस्यों के टोकाटाकी पर स्मृति ने कहा, क्या अमेठी से चुनाव लड़ने की मुझे सजा दी जा रही है? उल्लेखनीय है कि अमेठी से राहुल गांधी सांसद हैं, जिनके खिलाफ पिछले लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी बीजेपी की उम्मीदवार थीं।
कांग्रेस विशेष तौर पर राहुल गांधी द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपतियों को बदले जाने के आरोप पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए के समय नियुक्त किए गए किसी कुलपति को हटाया नहीं गया है।
पीएम मोदी ने एक ट्वीट कर लिखा है सत्यमेव जयते... इसके साथ ही उन्होंने मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी का संसद में दिया गया बयान भी डाला है।
सत्यमेव जयते!
— Narendra Modi (@narendramodi) February 24, 2016
Do hear this speech by @smritiirani. https://t.co/1qPbKWbzUI
उल्लेखनीय है कि ईरानी ने अपने ऊपर लग रहे तमाम आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि अपने कर्तव्य का निर्वाह करने के लिए मैं माफी नहीं मांगूंगी। उन्होंने कहा, 20 महीने के अपने कार्यकाल में मैंने बिना किसी भेदभाव के देश की और लोगों की सेवा की है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, मेरा नाम स्मृति ईरानी है, मैं चुनौती देती हूं, मेरी जाति बताकर दिखाएं।
हजारों की संख्या में मिलती हैं अर्जियां
स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्हें हजारों की संख्या में लोगों से अर्जियां मिली हैं और उन्होंने इसका निपटारा किया और किसी से यह नहीं पूछा कि उनकी जाति या धर्म क्या है। उन्होंने कहा कि उनकी नीयत में कोई खोट नहीं थी और इस कारण पत्र लिखा।
एक बच्चे की मृत्यु पर राजनीति की जा रही है
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक बच्चे की मृत्यु पर राजनीति की जा रही है। जिस समिति ने दलित बच्चे को बर्खास्त करने की सिफारिश की, उसका गठन कांग्रेस की सरकार के समय हुआ था। अपनी बात रखते हुए कई बार स्मृति बेहद भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि रोहित के शव का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया गया। उस बच्चे के पास काफी समय तक कोई नहीं गया। उन्होंने सवाल किया कि वहां डॉक्टर नहीं पहुंचने पर कौन चिकित्सीय रूप से इतना कुशल था, जिसे वेमूला को मृत घोषित किया।
राजनीतिक अवसरवादिता दिखा रहे राहुल गांधी
स्मृति ने कहा, किसी घटना स्थल पर राहुल गांधी दोबारा नहीं जाते, लेकिन इस मामले में (हैदराबाद विश्वविद्यालय में दलित छात्र की आत्महत्या) राजनीतिक अवसरवादिता के चलते दो बार गए। कांग्रेस सदस्यों के टोकाटाकी पर स्मृति ने कहा, क्या अमेठी से चुनाव लड़ने की मुझे सजा दी जा रही है? उल्लेखनीय है कि अमेठी से राहुल गांधी सांसद हैं, जिनके खिलाफ पिछले लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी बीजेपी की उम्मीदवार थीं।
कांग्रेस विशेष तौर पर राहुल गांधी द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपतियों को बदले जाने के आरोप पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए के समय नियुक्त किए गए किसी कुलपति को हटाया नहीं गया है।
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