नौसेना बेड़े में INS विशाखापट्टनम : 163 मी लंबाई और 7400 टन वजन, ब्रह्मोस समेत 75% स्वदेशी हथियारों से लैस
यह नौसेना के प्रोजेक्ट पी 15 बी का हिस्सा है. इस क्लास के तीन और युद्धपोत 35.000 करोड़ की लागत से बनाए जाने हैं.
इसे भारत में तैयार सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक माना जा सकता है.
INS विशाखापट्टनम का खासियतें...
- इसे भारत में तैयार सबसे शक्तिशाली युद्धपोतों में से एक माना जा सकता है. विशाखापट्टनम को नौसेना डिजाइन निदेशालय ने डिजाइन किया है.
- मझगांव डॉकयार्ड लिमिटेड, मुंबई ने इसे बनाया है. यह नौसेना के प्रोजेक्ट पी 15 बी का हिस्सा है. इस क्लास के तीन और युद्धपोत 35.000 करोड़ की लागत से बनाए जाने हैं.
- यह आधुनिक निगरानी रडार से सुसज्जित है जो जहाज के तोपखाने हथियार प्रणालियों को लक्ष्य डेटा प्रदान करता है.
- जहाज की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताएं स्वदेशी रूप से विकसित रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर और एएसडब्ल्यू हेलीकॉप्टरों द्वारा प्रदान की जाती हैं.
- युद्धपोत परमाणु, जैविक और रासायनिक (एनबीसी) युद्ध स्थितियों के तहत लड़ने के लिए लैस है.
- नौसेना का सबसे आधुनिक स्टेल्थ डिस्ट्रॉयर है, जिसमें खास तरह की स्टील का इस्तेमाल किया गया है, जिसे दुश्मन का रडार आसानी से पकड़ नहीं पाता.
- इसमे एमआरसैम, बराक और ब्रह्मोस मिसाइल लगी हैं. जो सतह से सतह और सतह से हवा और लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल हैं.
- सुपर रैपिड गन भी लगी हुई हैं. चार गैस टारबाइन इंजन लगे है जो इसे अतिरिक्त ताकत देते हैं.
- यह एक साथ कई तरह के टास्क कर सकता है. दुश्मन के मिसाइल, हेलीकॉप्टर, विमान तक को मार गिरा सकता है.