दिल्ली: धोखाधड़ी के आरोप में एफिनिटी सैलून प्राइवेट लिमिटेड का मालिक गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने दिल्ली के वोकेशनल कॉलेज से बीबीए किया है. उसने 1992 में अपना सैलून का कारोबार शुरू किया और शुरुआती सालों में उनका कारोबार ठीक चला. अपने कारोबार के विस्तार के लिए बड़ा लोन लिया, जो बाद में यहां वहां ट्रांसफर कर दिया.

दिल्ली: धोखाधड़ी के आरोप में एफिनिटी सैलून प्राइवेट लिमिटेड का मालिक गिरफ्तार

जांच में पता चला कि विशाल शर्मा ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए 80 करोड़ रुपये लोन लिया था.

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने धोखाधड़ी के आरोप में एफिनिटी सैलून प्राइवेट लिमिटेड के मालिक 52 वर्षीय विनय विशाल शर्मा को गिरफ्तार किया है. जो कि दिल्ली के पॉश इलाके ग्रीन पार्क में रहता है. उस पर 7.5 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है. आर्थिक अपराध शाखा के डीसीपी एमआई हैदर के मुताबिक शिकायतकर्ता अनुराग चंद्रा ने बताया कि साल 2016 में एफिनिटी ब्यूटी सैलून प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक विनय विशाल शर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी काफी अच्छा कर रही है और वो इस कंपनी के शेयरों में निवेश करें तो उन्हें अच्छा रिटर्न मिलेगा. साथ ही सिक्योरिटी के तौर पर आरोपी ने सुशांत लोक फेज-1 में आवासीय संपत्ति का कब्जा व 3 प्रमुख आउटलेट में मुनाफे का लालच दिया. 

शिकायतकर्ता ने बैंकिंग चैनल के जरिए कथित कंपनी को 7.5 करोड़ रुपये दिए. जांच के दौरान यह पता चला कि जब ये डील हुई तब शिकायतकर्ता ने गुरुग्राम के सुशांत लोक में जिस संपत्ति के नाम पर 2.5 करोड़ दिये, वो पहले से ही एचडीएफसी बैंक में गिरवी रखी थी. इस तथ्य को छिपाया गया. इसलिए आरोपियों विशाल शर्मा, संसार चंद, निहारिका शर्मा और एफिनिटी ब्यूटी सैलून प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ ठगी का मामला बनता था.

जांच में पता चला कि विशाल शर्मा ब्यूटी सैलून का धंधा करता था. उसने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए बैंकों और कई लोगों से 80 करोड़ रुपये लोन लिया था. उसका काम करने का ढंग यह था कि वह लोगों को बैंकों के पास अपनी संपत्ति गिरवी रखने के लिए कहता था और अपने कारोबार के लिए लोन लेता था. वह अपनी कंपनी की इक्विटी बेचकर और अपनी कुछ संपत्तियों को सिक्योरिटी के रूप में देकर लोगों से पैसे उधार लेता था. वो अकेले एचडीएफसी बैंक में अपने बैंक खाते को चलाता था. उसकी पत्नी भी कंपनी में निदेशक है. आरोपी विनय पर ठगी के 4 केस दर्ज हैं.

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने दिल्ली के वोकेशनल कॉलेज से बीबीए किया है. उसने 1992 में अपना सैलून का कारोबार शुरू किया और शुरुआती सालों में उनका कारोबार ठीक चला. अपने कारोबार के विस्तार के लिए बड़ा लोन लिया, जो बाद में यहां वहां ट्रांसफर कर दिया. उसको 4 अप्रैल को ग्रेटर कैलाश -1 के एम ब्लॉक मार्किट में उसके दफ्तर से गिरफ्तार किया गया है.

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