केरल में बढ़ता कोरोना महामारी का कहर, बन सकता है देश में तीसरी लहर का कारण

केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों ने महामारी को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है. केरल में इन दिनों रोजाना 22000 के करीब कोरोना महामारी के दैनिक मामले देखने को मिल रहे हैं.

केरल में बढ़ता कोरोना महामारी का कहर, बन सकता है देश में तीसरी लहर का कारण

केरल में कोरोना के बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नई दिल्ली:

केरल में कोरोना संक्रमित मरीजों के रोजाना आने वाले आंकड़ों में चिंताजन तेजी देखने को मिल रही है. कहा यहां तक जा रहा है कि देश में संभावित तीसरी लहर केरल से ही दस्तक दे सकती है. देश में कोरोना की तीसरी लहर अगले सप्ताह तक आने आने का अनुमान लगाया गया है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि देश में 4.03 लाख सक्रिय मामलों में से 1.5 लाख अकेले केरल से हैं, जो 37 प्रतिशत से अधिक मामलों के लिए जिम्मेदार हैं. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कल कहा, "केरल में मामलों में वृद्धि को तीसरी लहर की शुरुआत के रूप में देखा जा सकता है."

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने केरल में कोविड प्रबंधन में मदद के लिए राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र के निदेशक एस के सिंह की अध्यक्षता में छह सदस्यीय टीम को भेजा है. मई में, जब देश में कोविड की दूसरी लहर चल रही थी, केरल में हर दिन 43,000 से अधिक नए मामले सामने आ रहे थे. लेकिन जल्द ही संख्या कम होने लगी और जून के पहले सप्ताह तक निचले स्तर पर पहुंच गई.

केरल में जून के तीसरे सप्ताह से कोरोना के दैनिक मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है. सूत्रों ने कहा कि पिछले 8 हफ्तों में राज्य में दैनिक मामलों में 13 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. हाल ही में केरल ने एक दिन में 22,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए जो कि मई की संख्या के आधे से अधिक है.


कोरोना से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. आज सुबह 150 से अधिक मौतें हुईं, हालांकि यह आंकड़ा जून के पहले सप्ताह में रिपोर्ट किए गए 227 से कम है. पिछले आठ हफ्तों में प्रतिदिन मौतों का आंकड़ा 97 और 174 के बीच रहा है.

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साप्ताहिक सकारात्मकता दर 10.5 प्रतिशत से 14.8 प्रतिशत के बीच रही है. पिछले आठ हफ्तों में यह आंकड़ा 10 फीसदी से नीचे नहीं गया है. हालांकि पिछले आठ हफ्तों में औसत दैनिक परीक्षण में 13 प्रतिशत की गिरावट आई है.