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कच्चा दूध पीने की आदत कहीं कर न दे आपको बीमार! जान लीजिए हार्ट हेल्थ पर क्या होता है इसका असर

Kachha Dudh Peene Ke Nuksan: कच्चा दूध पीना कई लोगों को हेल्दी लगता है, लेकिन यह आदत शरीर को फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान भी दे सकती है. बिना उबाला दूध पीने से शरीर में बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं, जो पेट से लेकर हार्ट हेल्थ तक पर असर डाल सकते हैं. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सिर्फ दूध पीना ही नहीं, उसे सही तरीके से लेना भी बेहद जरूरी है.

कच्चा दूध पीने की आदत कहीं कर न दे आपको बीमार! जान लीजिए हार्ट हेल्थ पर क्या होता है इसका असर
Kachha Dudh Peene Ke Nuksan
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Kachha Dudh Peene Ke Nuksan: आजकल कई लोग कच्चे दूध को ज्यादा नेचुरल और ताकत बढ़ाने वाला मानकर पीना पसंद करते हैं. सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई तरह के दावे किए जाते हैं. कुछ लोग मानते हैं कि बिना उबाला दूध ज्यादा पोषण देता है, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय इससे अलग है. डॉक्टरों के मुताबिक कच्चा दूध शरीर में बैक्टीरिया (Bacteria) पहुंचा सकता है, जिससे पेट खराब होने से लेकर गंभीर इंफेक्शन (Infection) तक का खतरा बढ़ सकता है. इतना ही नहीं, अगर दूध में फैट की मात्रा ज्यादा हो और उसे रोजाना अधिक मात्रा में लिया जाए, तो इसका असर हार्ट हेल्थ पर भी पड़ सकता है. इसलिए कच्चा दूध (Raw Milk) पीने से पहले इसके नुकसान जान लेना जरूरी है.

क्या होता है कच्चा दूध?

कच्चा दूध वह होता है जिसे उबाला या पाश्चराइज (Pasteurise) नहीं किया गया हो. सीधे जानवर से निकला दूध अगर बिना गर्म किए पिया जाए, तो उसे कच्चा दूध कहा जाता है. इसमें बैक्टीरिया और जर्म्स मौजूद हो सकते हैं.

क्यों माना जाता है जोखिम भरा?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार कच्चे दूध में साल्मोनेला, ई-कोलाई और लिस्टेरिया जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं. ये बैक्टीरिया पेट दर्द, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी परेशानियां पैदा कर सकते हैं. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह ज्यादा खतरनाक माना जाता है.

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हार्ट हेल्थ पर क्या असर पड़ सकता है?

अगर कच्चे दूध में फैट ज्यादा हो और उसे नियमित रूप से अधिक मात्रा में लिया जाए, तो शरीर में सैचुरेटेड फैट (Saturated Fat) की मात्रा बढ़ सकती है. इससे कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level) बढ़ने का खतरा रहता है. लंबे समय तक हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट डिजीज (Heart Disease) और ब्लॉकेज (Blockage) जैसी समस्याओं की वजह बन सकता है.

क्या उबालने से कम हो जाता है खतरा?

जी हां. दूध को अच्छी तरह उबालने से उसमें मौजूद कई हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर और हेल्थ एजेंसियां पाश्चराइज्ड या उबला हुआ दूध पीने की सलाह देते हैं.

दूध पीते समय किन बातों का रखें ध्यान?

  • हमेशा साफ और भरोसेमंद जगह से दूध लें.
  • दूध को अच्छी तरह उबालकर ही पिएं.
  • अगर हार्ट की समस्या है, तो लो फैट दूध चुनें.
  • ज्यादा मात्रा में फुल फैट दूध पीने से बचें.
  • बच्चों को कभी भी कच्चा दूध न दें.

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि दूध शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व देता है, लेकिन उसे सुरक्षित तरीके से पीना ज्यादा जरूरी है. सिर्फ “नेचुरल” समझकर कच्चा दूध पीना कई बार सेहत पर भारी पड़ सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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