चीन और ताइवान के रिश्ते लंबे समय से अच्छे नहीं हैं. पिछले कुछ समय में दोनों के बीच तनाव और बढ़ गया है. इसी बीच ताइवान ने गुरुवार सुबह अपने सालाना 'हान कुआंग' सैन्य अभ्यास के दौरान युद्ध जैसी स्थिति की तैयारी की. यानी अगर जंग शुरू होती है, तो सरकार और सेना क्या करेगी, इसकी ट्रेनिंग दी गई. इस दौरान राष्ट्रपति लाई चिंग-ते को एक सुरक्षित सैन्य गाड़ी में बैठाकर गुप्त कमांड सेंटर ले जाया गया. वहां उन्होंने बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर तैयारियों का जायजा लिया.
राष्ट्रपति लाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ तस्वीरें शेयर करके इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वह कमांड सेंटर पहुंचे और हान कुआंग अभ्यास को करीब से देखा. अलग-अलग सैन्य तैयारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ताइवान शांति बनाए रखना चाहता है.
As the annual #HanKuang exercises begin, I observed drills at Taipei Port focusing on denial measures, obstacle deployment & naval mine-loading, as well as the wartime refitting of a Coast Guard vessel. #Taiwan remains firm in its resolve to defend freedom & safeguard peace. pic.twitter.com/zU9taKWODR
— 賴清德Lai Ching-te (@ChingteLai) August 6, 2026
इससे पहले राष्ट्रपति कार्यालय ने कुछ तस्वीरें जारी की थीं. इनमें लाई बुलेटप्रूफ जैकेट और सैन्य हेलमेट पहने हुए दिखाई दिए. यह अभ्यास ऐसी स्थिति को ध्यान में रखकर किया गया, जिसमें युद्ध शुरू होने पर देश के बड़े नेताओं को सुरक्षित जगह पहुंचाया जाता है, ताकि सरकार और सेना का काम बिना रुके चलता रहे. राष्ट्रपति कार्यालय की प्रवक्ता ने कहा कि इस अभ्यास का मकसद यह देखना है कि सरकार के अलग-अलग विभाग आपस में कितनी अच्छी तरह मिलकर काम कर सकते हैं और किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए कितने तैयार हैं.
चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और कई बार कह चुका है कि जरूरत पड़ने पर वह ताकत का इस्तेमाल करके ताइवान को अपने कब्जे में ले सकता है. दूसरी तरफ, ताइवान की सरकार इन दावों को खारिज करती है. उसका कहना है कि ताइवान का भविष्य वहां के लोग ही तय करेंगे.
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