क्या आपकी उम्र 25 से 35 साल के बीच है और तेजी से सफेद बाल बढ़ रहे हैं? अगर आप नोएडा या ग्रेटर नोएडा में रहते हैं तो इसकी वजह सिर्फ तनाव और खराब डाइट नहीं हो सकती. विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ड वॉटर भी बालों की सेहत पर असर डाल सकता है. पहले एक जमाना था जब बाल सफेद होने का मतलब 50-55 साल की उम्र मानी जाती थी. इसे तजुर्बे की निशानी कहा जाता था. लेकिन आज नोएडा की आईटी कंपनियों में काम करने वाले लड़कों की दाढ़ी और सिर पर 30 की उम्र पार करते ही चांदी चमकने लगती है. कई लड़के तो हर 15 दिन में डाई या मेहंदी लगाने पर मजबूर हैं.
अक्सर लोग इसे ऑफिस का तनाव, देर रात तक जागना या खान-पान की खराबी मानकर टाल देते हैं. लेकिन क्या सिर्फ यही वजह है? बिल्कुल नहीं. इसके पीछे एक ऐसा छिपा हुआ विलेन है, जो रोज सुबह आपके बाथरूम के नल से सीधे आपके सिर पर गिरता है. वो है नोएडा का खारा पानी यानी हार्ड वॉटर (Hard Water).
मेरा एक बेहद करीबी दोस्त है, जो दूसरे स्टेट से आकर नोएडा में रह रहा है. महज 35 साल की उम्र में उसके सिर के तकरीबन 90 फीसदी बाल सफेद हो चुके हैं. जब भी कभी इस बात का जिक्र करो कि तुम्हारे बाल सफेद हो गए हैं, कुछ करो, तो वह अचानक से नोएडा के पानी को कोसने लगता है. कहता है इस पानी से घर के सारे नल भी गल गए हैं, मेरे बाल क्या ही चीज हैं. तो चलिए आज समझते हैं कि मेरे उस दोस्त की यह बात वाकई सही है या यह उसका एक वहम भर है.
हार्ड वॉटर और सादे पानी में क्या फर्क है?
आसान भाषा में कहें तो हार्ड वॉटर वो पानी होता है जिसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, क्लोराइड और सल्फेट जैसे भारी मिनरल्स की मात्रा बहुत ज्यादा होती है.
नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के ज्यादातर हिस्सों में सप्लाई का पानी बहुत कम आता है और सोसायटियों में जमीन से खींचा गया बोरवेल का पानी टंकियों में चढ़ाया जाता है. इस पानी का टीडीएस (TDS) अक्सर 800 से लेकर 2000 तक पहुंच जाता है. जब आप इस पानी से साबुन या शैंपू लगाते हैं, तो ठीक से झाग भी नहीं बनता और एक चिपचिपी परत सिर की त्वचा पर जमने लगती है.
कैसे पता करें कि आपके घर का पानी हार्ड है?
- साबुन कम झाग बनाए
- बाल रूखे हो जाएं
- स्कैल्प में खुजली
- नल पर सफेद परत
- RO फिल्टर जल्दी खराब होना
क्या हार्ड वॉटर से बाल झड़ते हैं?
खारे पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम ज्यादा होता है, जो बालों की जड़ों पर जम जाता है. इससे बाल रूखे और बेजान होकर बीच से टूटने लगते हैं. यह सीधे गंजा नही करता, पर बालों को कमजोर जरूर बना देता है.
अब अगला सवाल आता है कि क्या हार्ड वॉटर से बाल सफेद हो जाते हैं? अभी तक सीधे तौर पर यह साबित नहीं हुआ है कि हार्ड वॉटर अकेले बालों को सफेद करता है. हालांकि कुछ रिसर्च और विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्कैल्प को नुकसान पहुंचाकर मौजूदा समस्या को बढ़ा सकता है. असल में मिनरल्स की परत जमने से बाल अपनी चमक खो देते हैं और जल्दी फीके दिखने लगते हैं. सही पोषण न मिलने से बाल समय से पहले बूढ़े जरूर लग सकते हैं.
क्या हार्ड वॉटर से सचमुच बाल सफेद हो सकते हैं?
केयरडेल (Caredale) के एक रिसर्च ब्लॉग में इस बात को बहुत गहराई से समझाया गया है कि खारा पानी किस तरह बालों की उम्र को तेजी से घटा देता है और उन्हें वक्त से पहले सफेद कर देता है.
रिसर्च के मुताबिक इसके पीछे का साइंस कुछ इस तरह काम करता है:
स्कैल्प पर मिनरल्स की पपड़ी जमना: जब आप रोज हार्ड वॉटर से सिर धोते हैं, तो पानी में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम बालों की जड़ों (Follicles) और स्कैल्प पर एक अदृश्य परत बना देते हैं. यह परत बालों के रोमछिद्रों को बंद कर देती है.
मेलेनिन बनना बंद होना: हमारे बालों का काला रंग 'मेलेनिन' नाम के एक पिगमेंट की वजह से होता है. जब जड़ों तक सही खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, तो मेलेनिन बनाने वाली कोशिकाएं (Melanocytes) कमजोर पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे काम करना बंद कर देती हैं. नतीजा यह होता है कि नया उगने वाला बाल काला नहीं बल्कि सफेद निकलता है.
क्यूटिकल का टूटना और रूखापन: हार्ड वॉटर में मौजूद मिनरल्स बालों की बाहरी सुरक्षा परत (क्यूटिकल) को खुरदुरा कर देते हैं. इससे बाल अपनी कुदरती नमी खो बैठते हैं, बेजान हो जाते हैं और जरा सा हाथ लगाने पर टूटने लगते हैं.
जड़ों का कमजोर होना: भारी धातुएं स्कैल्प के नेचुरल ऑयल (सीबम) को सोख लेती हैं. इससे सिर में खुजली, रूसी (डैंड्रफ) और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है.
एशियन हॉस्पिटल की कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी एवं हेयर ट्रांसप्लांट डॉ. राधिका रहेजा का कहा, हार्ड वॉटर अकेले सफेद बालों की वजह नहीं बनता, लेकिन यह स्कैल्प को नुकसान पहुंचाकर मौजूदा समस्या को तेज कर सकता है.
5 संकेत कि आपके बालों को नुकसान पहुंचा रहा है हार्ड वॉटर
- बाल पहले से ज्यादा टूट रहे हैं
- बाल बेजान लगते हैं
- ज्यादा रूसी
- स्कैल्प में खुजली
- बालों का रंग फीका दिखना
हार्ड वॉटर में ऐसा क्या होता है जो बालों को नुकसान पहुंचाता है, NCBI और जर्नल रिसर्च क्या कहती है?
यह केवल नोएडा की ही कहानी नहीं है. नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) और कई इंटरनेशनल डर्मेटोलॉजी जर्नल्स में छपे शोध भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि खारे पानी में मौजूद भारी मिनरल्स बालों की स्ट्रेंथ यानी मजबूती को 30 से 40 फीसद तक कम कर देते हैं.
रिसर्च में पाया गया है कि जब हार्ड वॉटर में मौजूद फ्री रेडिकल्स और धातुएं सूरज की धूप (UV Rays) के संपर्क में आती हैं, तो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा होता है. यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस सीधे बालों के रंग बनाने वाले सेल्स को मार गिराता है, जिसे मेडिकल भाषा में 'प्रीमैच्योर हेयर ग्रेइंग' (Premature Greying) कहा जाता है.
नोएडा में पानी का TDS कितना होता है?
नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों में टीडीएस 800 से 1800 तक पहुंच जाता है. कई सोसायटियों में बोरवेल का पानी आता है, जहा यह स्तर 2000 के पार भी चला जाता है. सामान्य नहाने के लिए 300 से कम टीडीएस वाला पानी सबसे सही माना जाता है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा की कई सोसायटियों में पानी की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से शिकायतें रही हैं. नोएडा अथॉरिटी के अनुसार शहर के कुछ हिस्सों का भूजल काफी हार्ड है, जबकि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सोसायटी टेस्ट रिपोर्ट्स में कई जगहों पर TDS 1,000 से 2,000 ppm या उससे भी अधिक दर्ज किया गया है.
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में समस्या ज्यादा क्यों है?
नोएडा में रहने वाले युवाओं के साथ असल में 'दोहरी मार' पड़ रही है:
पानी की अत्यधिक खराबी: यहां ग्राउंड वाटर का स्तर बहुत नीचे चला गया है, जिससे जमीन के नीचे से निकलने वाले पानी में नमक और मिनरल्स की सघनता बहुत ज्यादा बढ़ गई है.
कॉर्पोरेट लाइफस्टाइल: 9 से 10 घंटे लैपटॉप स्क्रीन के सामने बैठना, नींद पूरी न होना और जंक फूड खाना शरीर में विटामिन B12, आयरन और विटामिन D की भारी कमी पैदा कर देता है.
हवा का प्रदूषण: सर्दियों में बढ़ता एक्यूआई (AQI) और स्मॉग भी सिर की त्वचा को नुकसान पहुंचाता है.
जब खराब पानी और खराब लाइफस्टाइल एक साथ मिलते हैं, तो 25-30 साल के लड़कों के बाल भी 50 साल के बुजुर्ग जैसे होने लगते हैं.
हार्ड वॉटर या खारे पानी के नुकसान से बालों को कैसे बचाएं?
एशियन हॉस्पिटल की कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी एवं हेयर ट्रांसप्लांट डॉ. राधिका रहेजा का कहा- नोएडा छोड़ना या फ्लैट बदलना हर किसी के बस की बात नहीं है, लेकिन अपनी आदतों में कुछ आसान बदलाव करके आप अपने बालों को समय से पहले सफेद होने और झड़ने से बचा सकते हैं:
- शावर या टैप फिल्टर का इस्तमाल करें: आजकल बाजार में और ऑनलाइन 800 से 1500 रुपये में शावर और नल के आगे लगने वाले 'हार्ड वॉटर फिल्टर' आसानी से मिल जाते हैं. इनमें एक्टिवेटेड कार्बन और केडीएफ लेयर होती है जो पानी से क्लोरीन और भारी खनिजों को काफी हद तक सोख लेती है.
- आखिरी मग आरओ के पानी का: अगर फिल्टर लगाना मुमकिन न हो, तो सिर धोते समय पूरा काम सादे पानी से कर लें, लेकिन सबसे आखिर में एक मग पीने वाले आरओ या सादे मटके के पानी से सिर को अच्छी तरह धोएं ताकि बालों पर जमी खारे पानी की परत बह जाए.
- सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar) से रिंस करें: हफ्ते में एक बार एक मग पानी में 2 चम्मच सेब का सिरका मिलाएं. शैंपू करने के बाद इस पानी से सिर धोएं. यह स्कैल्प के पीएच (pH) लेवल को बैलेंस करता है और मिनरल्स की पपड़ी को हटा देता है.
- तेल की मालिश: हफ्ते में दो बार नारियल के तेल या बादाम के तेल को हल्का गुनगुना करके जड़ों में हल्के हाथों से मालिश करें. इससे बंद रोमछिद्र खुलते हैं और ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है.
- डाइट में जरूरी विटामिन्स: सिर्फ बाहर से तेल लगाने से काम नहीं चलेगा. अपनी डाइट में आंवला, कढ़ी पत्ता, भीगे हुए बादाम, अखरोट, हरी पत्तेदार सब्जियां और चने शामिल करें ताकि शरीर को अंदर से बायोटीन और कॉपर मिले.
अगर आप भी नोएडा में रहते हैं और आपके बाल तेजी से सफेद हो रहे हैं, तो सिर्फ महंगे शैंपू और हेयर सीरम बदलने से कुछ नहीं होगा. शैंपू बदलने से पहले अपने नल का पानी बदलिए या उसे फिल्टर करिए. समय रहते अगर हार्ड वॉटर से बालों का बचाव नहीं किया, तो 35 की उम्र आते-आते बालों की वो चमक और रंग वापस पाना नामुमकिन हो जाएगा.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
क्या बाल धोने के लिए RO पानी सबसे अच्छा होता है?
अगर आपके घर में हार्ड वॉटर आता है, तो RO या कम TDS वाले पानी से बाल धोना फायदेमंद हो सकता है. इससे बालों और स्कैल्प पर मिनरल्स की परत कम जमती है. हालांकि केवल RO पानी ही जरूरी नहीं है, बल्कि कम हार्डनेस वाला पानी बालों के लिए बेहतर माना जाता है.
क्या हार्ड वॉटर से डैंड्रफ बढ़ सकता है?
हार्ड वॉटर स्कैल्प को रूखा बना सकता है और खुजली या जलन की समस्या बढ़ा सकता है. कुछ लोगों में इससे डैंड्रफ जैसी समस्याएं ज्यादा नजर आ सकती हैं. अगर बाल धोने के बाद सिर में खुजली, रूखापन या सफेद परत बढ़ रही है, तो हार्ड वॉटर भी एक कारण हो सकता है.
बालों के लिए सही TDS कितना होना चाहिए?
बाल धोने के लिए TDS का कोई आधिकारिक मेडिकल मानक तय नहीं है. हालांकि हेयर एक्सपर्ट्स आमतौर पर कम TDS और कम हार्डनेस वाले पानी को बेहतर मानते हैं. बहुत अधिक TDS वाला पानी बालों को रूखा और बेजान बना सकता है तथा स्कैल्प पर मिनरल्स जमा होने की समस्या बढ़ा सकता है.
क्या ज्यादा TDS वाला पानी बालों को सफेद कर सकता है?
अब तक ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि ज्यादा TDS वाला पानी सीधे बालों को सफेद कर देता है. लेकिन हार्ड वॉटर स्कैल्प और बालों को नुकसान पहुंचाकर बालों की गुणवत्ता खराब कर सकता है, जिससे बाल समय से पहले बूढ़े या फीके दिख सकते हैं.
कैसे पता करें कि आपके घर का पानी बालों को नुकसान पहुंचा रहा है?
अगर शैंपू से कम झाग बनता है, बाल लगातार रूखे रहते हैं, स्कैल्प में खुजली रहती है, नल पर सफेद परत जमती है या बाल ज्यादा टूटने लगे हैं, तो आपके घर का पानी हार्ड हो सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं