Heart Attack Reason: पिछले कुछ सालों में हार्ट अटैक से जुड़े मामले तेजी से बढ़े हैं. इतना ही नहीं हरियाणा में 6 साल के भीतर 18,000 लोगों की मृत्यु दिल का दौरा पड़ने से हुई. ये आंकड़ा विधानसभा में पेश किया गया. इसमें बताया गया कि साल 2020 से 2026 के बीच 18 से 45 साल की उम्र के लगभग 18,000 लोगों की मौत हार्ट अटैक या हार्ट फेल होने से हुई. इस खबर ने सबको हैरान कर दिया. हर कोई इस बात को जानने में लग गया कि आखिर इन मौतों कि वजह क्या है? हालांकि, राज्य सरकार ने यह जानकारी नहीं दी कि आखिर इन मौतों कि असली वजह क्या है. हमने कई डॉक्टर्स से इसके पीछे की वजह जानने की कोशिश की, जिसमें में अधिकतर कार्डियोलॉजिस्ट ने वर्तमान जीवनशैली को हार्ट अटैक का मुख्य कारण बताया.

क्यों बढ़ रहे हैं आर्ट अटैक के मामले-
नई दिल्ली के मूलचंद स्थिति मेदांता हार्ट सेंटर के हेड एंड निदेशक प्रो. (डॉ.) तरुण कुमार ने कहा, " अस्वस्थ जीवन शैली, शारीरिक गतिविधि कम होना, तनाव और नकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य व नींद की कमी के कारण ऐसे मामले बढ़ रहें हैं."
उन्होंने कहा कि दिल कि बीमारी के जोखिम दो प्रकार के होते हैं. एक वो जिसे नियंत्रण में किया जा सकता है और दूसरा जिसे बदला नहीं जा सकता. डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसे रोग युवा आयु में भी बढ़ रहें और ये हार्ट अटैक की मूल जोखिम है जबकि सिगरेट, तंबाकू और अल्कोहल का सेवन भी हृदय पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है और एंडोथेलियल (थमनी की परत) स्वास्थ्य को बिगाड़ता है.
नई दिल्ली स्थित संजीवन हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर और कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रेम अग्रवाल ने भी माना कि अस्वस्थ जीवन शैली, गलत खानपान, स्मोकिंग और एक्सरसाइज कम करना सबसे प्रमुख कारण है जिसकी वजह से यंग लोगों को कोरोनरी आर्टरी डिजीज की समस्या हो रही है. लेकिन एक दूसरी वजह स्ट्रक्चरल हार्ट डिजीज है जिसमें किसी व्यक्ति को बचपन से हार्ट की समस्या है, दिल में छेद है या कोई वाल्व खराब हो या मसल्स कमजोर हो, तो उन लोगों का भी हार्ट फेल कर जाता है. इसके पीछे मुख्य वजह जेनेटिक इफेक्ट होता है. तीसरी मुख्य वजह है हार्ट का रिदम टूटना, जिसकी वजह से अलग-अलग तकलीफ होती है. इसे सडन अर्रंह्यथमिक डेथ सिंन्द्रोम (SADS) कहते हैं, इसकी वजह से हार्ट की रेगुलर बीट तेज हो जाती और अचानक से व्यक्ति की मौत हो जाती है. इसके अलावा स्ट्रोक भी एक प्रमुख कारण है. धमनियों की वजह से ही दिमाग में अटैक पर जाता है और अचानक से मौत हो जाती है. पुल्मोंनरी एम्बोलिस्म भी युवाओं में मौत का कारण है. "

क्या कोविड वैक्सीन मौत की वजह?
ज्यादातर डॉक्टर युवाओं में मौत की वजह कोविड-19 वैक्सीन को नहीं मानते हैं. कई चिकित्सा अध्ययन और विषयों का मानना है कि कोविद-19 संक्रमण के बाद कुछ लोगों में कार्डियोवैस्कुलर जटिलताएं बढ़ सकती हैं लेकिन कोविद-19 या वैक्सीन को मुख्य कारण मानने के लिए अब तक कोई स्पष्ट वैज्ञानिक सबूत नहीं मिले हैं. सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आनंद पांडे कहते हैं कि अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक आधार नहीं मिला है कि कोरोना वैक्सीन के कारण युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं. एम्स और आईसीएमआर जैसे संस्थान भी कह चुके हैं कोरोना वैक्सीन हार्ट अटैक का कारण नहीं है.
डॉ प्रेम अग्रवाल कहते हैं कि सब बीमारी अलग-अलग होती है. अचानक मौत नहीं होती है अचानक मौत सिर्फ दिल का दौरा पड़ने, लंग्स और ब्रेन की वजह से ही होती है. डॉ तरुण कहते हैं की बहुत से युवा लोग स्वयं को स्वस्थ मानते हैं परंतु ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर कोलेस्ट्रोल आदि असंतुलित होते हैं जो अंततः हृदय संकट को बढ़ावा देते हैं. कहीं मामलों में यह शक्तियां पहले से मौजूद रहती हैं लेकिन पता नहीं चलता जिसे अचानक कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक होता है.
वायु प्रदूषण से कितना खतरा?
डॉ. प्रेम कहते हैं कि मौजूदा वक्त में प्रदूषण को एक अतिरिक्त रिस्क फैक्टर के तौर पर देखा जा रहा है. प्रदूषण के कारण शरीर में हार्मोन क्रिएट होते हैं जिसकी वजह से लगातार एथेरोस्क्लेरोसिस जो कोरोनरी आर्टरी डिजीज है, उसे बढ़ाते हैं.
डॉ. तरुण कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण एक ज्ञात जोखिम कारक है. कुछ शोध बताते हैं कि प्रदूषण और हृदय रोगों के बीच सकारात्मक संबंध है जो आंशिकत: युवा मौतों में योगदान कर सकता है.
डॉक्टर्स और एक्सपर्ट्स का मानना है कि युवा लोगों में मौत की समस्या पूरे भारत और विश्व के कई हिस्सों में उभर रही है. भारत में 25% से अधिक हार्ट अटैक 40 वर्ष से कम आयु में हो रहे हैं. कुछ शोध में बताया गया है कि भारत और दक्षिण एशिया के शहरी क्षेत्र में हार्ट अटैक के मामले युवाओं में बढ़े हैं. हालांकि हरियाणा में मौत की वजह क्या है, ये बताना संभव नहीं है.
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