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क्या डाइट में ये छोटा सा बदलाव हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकता है? Study

High Blood Pressure Control: अगर आप भी अपने दिल को जवान और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करना चाहते हैं, तो इस आर्टिकल में बताए गए साधारण नमक की जगह साल्ट सब्स्टिट्यूट को जगह दें.

क्या डाइट में ये छोटा सा बदलाव हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकता है? Study
High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर के लिए वरदान है यह सीक्रेट चीज.

How To Control Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension) आज के समय की एक ऐसी बीमारी बन गई है, जो हर दूसरे घर में आपको सुनने को मिल जाएगी. हाई ब्लड प्रेशर को  'साइलेंट किलर' भी कहा जाता है क्योंकि, यह चुपचाप शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचाता है और अक्सर इसके कोई बड़े लक्षण नजर नहीं आते. डॉक्टर हमेशा कहते हैं कि नमक कम खाओ, लेकिन क्या आपको पता है कि सिर्फ नमक कम करना ही काफी नहीं है? ​हाल ही में अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) में छपी एक रिसर्च ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. स्टडी के मुताबिक, एक ऐसी चीज है जो हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में जादू की तरह काम कर सकती है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि 90% से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल ही नहीं कर रहे हैं. हम बात कर रहे हैं 'साल्ट सब्स्टिट्यूट' (Salt Substitutes) यानी सेंधा या पोटैशियम वाले नमक की. तो चलिए जानते हैं क्यों है ये खास. 

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​क्या होता है यह साल्ट सब्स्टिट्यूट और क्यों है खास?

​साधारण नमक में सोडियम क्लोराइड होता है. सोडियम वही विलेन है जो शरीर में पानी को रोकता है और नसों पर दबाव डालकर ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है. वहीं, साल्ट सब्स्टिट्यूट में सोडियम की मात्रा कम कर दी जाती है और उसकी जगह पोटैशियम क्लोराइड मिलाया जाता है. ​यह शरीर में सोडियम की मात्रा को कम करता है. ​इसमें मौजूद पोटैशियम नसों की दीवार को आराम पहुंचाता है और पेशाब के जरिए फालतू सोडियम को शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है. 

​रिसर्च में पाया गया कि साल्ट सब्स्टिट्यूट ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक के खतरे को कम करने का सबसे सस्ता और आसान तरीका है, फिर भी लोग इसे अपना नहीं रहे हैं. अमेरिका में हुई इस स्टडी के अनुसार, सिर्फ 6% से भी कम लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. साल 2013 में यह करीब 5.4% था, जो 2020 तक गिरकर सिर्फ 2.5% रह गया है. हैरान करने वाली बात यह है कि जिन्हें हाई बीपी की बीमारी है, वे भी इसे सीरियसली नहीं ले रहे हैं. जिनका बीपी कंट्रोल में है, उनमें से सिर्फ 10% लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं, जिनका बीपी अनकंट्रोल रहता है, उनमें यह आंकड़ा 8% से भी कम है. जो लोग हफ्ते में 3 या उससे ज्यादा बार बाहर रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं, उनके लिए साल्ट सब्स्टिट्यूट का फायदा कम हो जाता है. 

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Photo Credit: AI

​क्यों लोग नहीं बदल रहे अपना नमक?

​रिसर्चर्स ने इसके पीछे कुछ मुख्य कारण बताए हैं-

  • जानकारी की कमी- बहुत से लोगों को पता ही नहीं है कि ऐसा कोई नमक आता है जो बीपी कम करने में मदद करता है. यहां तक कि कई बार डॉक्टर भी रूटीन चेकअप में इसकी सलाह देना भूल जाते हैं.
  • ​स्वाद- कुछ लोगों को लगता है कि पोटैशियम वाले नमक का स्वाद हल्का कड़वा होता है, खासकर जब इसे तेज आंच पर पकाया जाए.
  • कम मिलना- साधारण नमक हर छोटी दुकान पर मिल जाता है, लेकिन अच्छे साल्ट सब्स्टिट्यूट्स के लिए अक्सर बड़े सुपरमार्केट या ऑनलाइन स्टोर पर निर्भर रहना पड़ता है.

नोटः ​भले ही साल्ट सब्स्टिट्यूट फायदेमंद है, लेकिन यह सबके लिए नहीं है. अगर आपको किडनी की बीमारी (Kidney Disease) है, तो भूलकर भी इसका इस्तेमाल न करें. पोटैशियम की अधिक मात्रा खराब किडनी वाले मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है.

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(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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