दूरदर्शन का दौर टीवी जगत का सबसे सुनहरा दौर कहा जाता है. उस दौर में टीवी परिवार को एकजुट करने का जरिया भी था. परिवार ही क्यों आस-पड़ोस और रिश्तेदार भी साथ मिलकर टीवी शोज का मजा लिया करते थे. धार्मिक और पौराणिक शोज का बोलबाला था. जब रामायण और महाभारत टेलीकास्ट होता तब लोग अपना सब काम छोड़-छाड़ कर बस टीवी के सामने हाथों जोड़े बैठ जाते थे. सड़कों पर सन्नाटा छा जाता और हर ओर से टीवी की आवाज ही सुनाई देती. इसी दौर में एक शो आया, जिसने रामायण-महाभारत के बाद लोगों के मन में भक्ति भाव जगाया.
1997 में शुरू हुआ ‘जय हनुमान'
हम बात कर रहे हैं 1997 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुए शो जय हनुमान की. जैसा कि नाम से ही पता चलता है शो की कहानी पूरी तरह से भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी पर आधारित थी. शो में उनके जन्म से लेकर बचपन की लीला और बड़े होने पर श्रीराम की सेना में जाने तक की पूरी कहानी दिखाई गई. शो में उनके बाल रूप में सूर्य को खाने की कोशिश से लेकर लंका जलाने, माता सीता से मिलने, लक्ष्मण के लिए संजीवनी लाने और राम जी की सेना शामिल होकर रावण के कुल का अंत करने की पूरी कहानी दिखाई गई है. इस शो के 350 एपिसोड्स टीवी पर प्रसारित हुए थे. शो 1997 से लेकर 2000 तक चला था, जिसमें हनुमान जी के जीवन के साथ ही रामायण की पूरी कहानी दिखाई गई.
टीआरपी में नंबर 1
शो में हनुमान जी की भूमिका राज प्रेमी ने निभाई थी. वहीं सिराज मुस्तफा खान ने भगवान का रोल प्ले किया. बाल हनुमान के रूप में केविन डेव नजर आए थे. जबकि लक्ष्मण की भूमिका मनीष खन्ना ने निभाई थी. शो में इरफान खान महर्षि वाल्मीकि और रवि किशन श्रीकृष्ण की भूमिका मे दिखाई दिए. शो टीआरपी में भी नंबर 1 रहा था. IMDb पर इसकी रेटिंग 8.1 है. अगर आप इसे देखने चाहते हैं तो प्राइम वीडियो पर जाकर देख सकते हैं.
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