क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो वजन घटाने के लिए बस जिम में पसीना बहाते हैं और खाना-पीना बहुत कम कर देते हैं? अगर हां, तो एम्स दिल्ली के ओबेसिटी समिट में एक्सपर्ट ने एक ऐसी बात बताई है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. एक्सपर्ट का साफ कहना है कि सिर्फ 'कम खाओ और ज्यादा चलो' की पुरानी सलाह से हमेशा मोटापे पर काबू पाना मुमकिन नहीं है. वजन बढ़ने के पीछे सिर्फ कम या ज्यादा खाना ही वजह नहीं होती, बल्कि इसके पीछे शरीर के हॉर्मोन, भूख, नींद, आंतों की सेहत और कई दूसरी बीमारियां भी जिम्मेदार हो सकती हैं.
वजन घटाने के लिए कैसी होनी चाहिए डाइट-
एक्सपर्ट ने बताया कि हर इंसान का शरीर अलग होता है, इसलिए सभी के लिए एक जैसा डाइट प्लान कभी भी सही नहीं हो सकता. वजन को कंट्रोल में रखने के लिए खाने में पर्याप्त प्रोटीन लेना, सही समय पर भोजन करना और खाना खाने से ठीक पहले दो गिलास पानी पीना बहुत जरूरी है. इसके अलावा भोजन करने का एक सही क्रम भी होना चाहिए. यानी पहले फाइबर वाली चीजें खाएं, उसके बाद प्रोटीन और आखिर में कार्बोहाइड्रेट लें. आंतों को स्वस्थ रखने के लिए प्री-बायोटिक और ज्यादा फाइबर वाला भोजन भी बहुत फायदेमंद साबित होता है. साथ ही, रात का खाना हर हाल में 8 बजे से पहले खा लेना चाहिए.
वजन घटाने के लिए कितने घंटे की नींद है जरूरी-
रोज 6 से 8 घंटे की भरपूर नींद लेनी चाहिए, क्योंकि यह सब वजन को काबू में रखने में मदद करता है.

किन चीजों से बनाएं दूरी-
पैनल चर्चा के दौरान एक्सपर्ट ने अल्ट्रा-प्रोसेस्ड यानी पैकेट बंद चीजों का सेवन कम करने की सख्त सलाह दी है. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड वे पैकेट वाली चीजें होती हैं जिन्हें घर में इस्तेमाल होने वाली सामान्य सामग्री से सीधे तैयार नहीं किया जाता, बल्कि इन्हें फैक्टरियों में कई तरह की केमिकल प्रक्रियाओं से बनाया जाता है. इनमें स्वाद, रंग और इन्हें लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं, और इनमें प्राकृतिक भोजन की तुलना में बहुत अधिक चीनी, नमक और वसा यानी फैट होता है.
- कोल्ड ड्रिंक
- पैकेट बंद एनर्जी ड्रिंक
- चिप्स
- नमकीन
- पैकेट वाले बिस्कुट
- इंसटेंट नूडल्स
- पैकेट सूप
- आइसक्रीम
- कैंडी
- चॉकलेट
- पैकेट ब्रेड
ब्रेकफास्ट सीरियल्स का ज्यादा सेवन आपके वजन और मोटापे के खतरे को तेजी से बढ़ा सकता है. इनका ज्यादा सेवन आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों जैसी गंभीर समस्याओं को भी बुलावा देता है.
किन बातों का रखें खास ख्याल-
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजरा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है, लेकिन इसे अपनी पूरी डाइट का केवल एक-तिहाई हिस्सा ही रखना बेहतर है. कुछ मरीजों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग यानी तय समय तक भोजन न करना भी एक ऑप्शन हो सकता है, लेकिन हर किसी की बॉडी अलग होती है. इसलिए खान-पान की योजना हमेशा अपनी बीमारी, शरीर की जरूरत और अपनी लाइफस्टाइल को ध्यान में रखकर ही तय करनी चाहिए. यही स्वस्थ और टिकाऊ तरीके से वजन कम करने और उसे कंट्रोल में रखने का सबसे बेहतरीन तरीका है.
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