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बड़ों की तरह बच्चों से ना करवाइए डाइटिंग, उल्टा पड़ सकता है ये काम

बच्चे का वजन कम करने के लिए करवा रहे हैं डाइटिंग? रुक सकती है हाइट, जानें एक्सपर्ट की जरूरी सलाह-

बड़ों की तरह बच्चों से ना करवाइए डाइटिंग, उल्टा पड़ सकता है ये काम
बच्चों का मोटापा कैसे कम करें
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आजकल हर दूसरे घर में यह देखने को मिलता है कि माता-पिता अपने बच्चे के बढ़ते वजन को लेकर बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं. जैसे ही बच्चे का पेट थोड़ा बाहर निकलता है या उसका वजन बढ़ता है, घरवाले तुरंत चिंता में पड़ जाते हैं. फिर क्या होता है, सबसे पहला काम यही किया जाता है कि बच्चे की रोटी कम कर दी जाती है, चावल बंद कर दिए जाते हैं, और हर मीठी चीज पर पाबंदी लगा दी जाती है. कई घरों में तो बड़े लोग जो अपना वजन घटाने के लिए डाइटिंग करते हैं, वही रूटीन बेचारे छोटे बच्चे पर भी थोप देते हैं.

मां-बाप का इरादा तो भला करने का होता है, वो सोचते हैं कि ऐसा करने से बच्चा स्लिम और फिट हो जाएगा. लेकिन हम यह भूल जाते हैं कि बच्चे सिर्फ छोटे कद के वयस्क नहीं होते. उनका पूरा शरीर, उनकी जरूरतें और उनके बढ़ने का तरीका बड़ों से बिल्कुल अलग होता है. अगर आप बड़ों वाला डाइटिंग फॉर्मूला बच्चों पर आजमाएंगे, तो यह उनकी सेहत को सुधारने के बजाय और बिगाड़ सकता है.

आइए समझते हैं कि बच्चे के बढ़ते वजन को कैसे संभालना चाहिए और कौन सी गलतियां करने से बचना जरूरी है.

बच्चे का शरीर अभी बढ़ रहा है, उसे खुराक की जरूरत है

एक बड़े इंसान को सिर्फ अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए ऊर्जा चाहिए होती है. लेकिन एक बढ़ते हुए बच्चे के शरीर में अंदर ही अंदर बहुत कुछ चल रहा होता है.

  1. उसकी हड्डियां मजबूत हो रही होती हैं और लंबाई लगातार बढ़ रही होती है.
  2. दिमाग का विकास तेजी से हो रहा होता है और मांसपेशियों का निर्माण जारी रहता है.
  3. उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के जरूरी हार्मोनल बदलाव आ रहे होते हैं.
  4. इन सब चीजों के लिए शरीर को विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन और अच्छे फैट की भारी जरूरत होती है.

ऐसे में अगर आप अचानक से बच्चे का खाना-पीना कम कर देंगे, तो उसके शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाएगा. नतीजा यह हो सकता है कि वजन तो शायद कुछ समय के लिए रुक जाए, लेकिन बच्चे की शारीरिक ग्रोथ और कद बढ़ना अटक सकता है. बच्चों के डॉक्टर कभी भी सिर्फ वजन देखकर फैसला नहीं करते, वो यह देखते हैं कि बच्चे की उम्र और लंबाई के हिसाब से उसका सही विकास हो रहा है या नहीं.

'अच्छा खाना' और 'बुरा खाना' का यह कैसा चक्कर

हम जाने-अनजाने में बच्चों के सामने खाने को दो हिस्सों में बांट देते हैं - अच्छा खाना और बुरा खाना. जैसे ही बच्चा चॉकलेट, चिप्स या ब्रेड मांगता है, हम उसे डांटकर कहते हैं कि 'यह बहुत बुरी चीज है, इससे तुम मोटे हो रहे हो.'

  • किसी चीज को पूरी तरह से बैन कर देने पर बच्चों के मन में वही चीज खाने की चाहत और ज्यादा बढ़ जाती है.
  • जब भी बच्चे को मौका मिलेगा, वो छुपकर उस चीज को खाएगा और उसके मन में एक तरह का अपराधबोध पैदा होगा.
  • बार-बार वजन को लेकर टोकने से बच्चे के दिमाग में खाने को लेकर एक डर और शर्मिंदगी बैठ जाती है.
  • आगे चलकर यही डर बच्चों में चिड़चिड़ापन, तनाव और खानपान से जुड़ी कई गलत आदतों को जन्म देता है.

अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स का भी यही मानना है कि बच्चों को भूखा रखकर या उनके ऊपर बंदिशें लगाकर कभी भी मोटापा कम नहीं किया जा सकता. बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि भूख कब लगती है और पेट कब भरता है.

सख्त पाबंदियां बच्चे के मानसिक विकास पर डालती हैं भारी असर

जब हम किसी बच्चे के सामने बार-बार कैलोरी, मोटापा और डाइटिंग की बातें करते हैं, तो उसका ध्यान खाने के स्वाद और आनंद से हटकर सिर्फ वजन पर टिक जाता है.

बच्चा अपने ही शरीर को लेकर असहज महसूस करने लगता है और उसका आत्मविश्वास कम हो जाता है. स्कूल में दोस्तों के बीच उसका मजाक बनने का डर उसे अंदर ही अंदर परेशान करता है. घर पर अपनी मर्जी से कोई भी फैंसी डाइट जैसे कीटो, इंटरमिटेंट फास्टिंग या उपवास कराना बच्चों के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है.

अगर सच में बच्चे का वजन बहुत ज्यादा है, तो किसी अच्छे बाल रोग विशेषज्ञ या डायटीशियन से सलाह लेना ही सही रास्ता है, न कि खुद डॉक्टर बन जाना.

सिर्फ बच्चे की थाली मत बदलिए, पूरे घर का माहौल बदलिए

यह बहुत नाइंसाफी वाली बात है कि पूरा परिवार तो शाम को तली-भुनी चीजें और कोल्ड ड्रिंक का मजा ले, और बच्चे को सूखी रोटी या उबली सब्जियां खाने को दी जाएं. इससे बच्चा खुद को अलग-थलग समझने लगता है.

  1. अगर घर में मीठे शरबत या सॉफ्ट ड्रिंक आ रहे हैं, तो उन्हें पूरे घर के लिए बंद कीजिए, सिर्फ बच्चे को मना करने से काम नहीं चलेगा. 
  2. पूरे परिवार को एक साथ बैठकर समय पर खाना खाने की आदत डालनी चाहिए.
  3. खाने में ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद और दालें सभी के लिए जरूरी हैं, केवल बच्चे के लिए नहीं.
  4. घर के सभी सदस्यों को स्क्रीन टाइम यानी मोबाइल और टीवी देखने का समय कम करना चाहिए और बाहर टहलने जाना चाहिए.

वजन का कांटा ही सेहत का इकलौता सबूत नहीं है

हम अक्सर मशीन पर दिखने वाले वजन के नंबर से ही सेहत तय कर लेते हैं. लेकिन बच्चों के मामले में यह पैमाना हमेशा सही नहीं बैठता.

कई बार ऐसा होता है कि बच्चा ज्यादा लंबा हो जाता है और उसका वजन वही रहता है, जिससे वह खुद-ब-खुद सही शेप में आ जाता है. डॉक्टर हमेशा बच्चे की एक्टिविटी, उसका खेलकूद, रात को आने वाली नींद और उसके मूड को देखकर उसकी तंदुरुस्ती का अंदाजा लगाते हैं.

अगर बच्चा दिनभर फुर्तीला है, मन लगाकर पढ़ाई और खेलकूद कर रहा है, तो मामूली भारीपन को लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है.

मकसद पतला बच्चा पाना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ बच्चा बनाना होना चाहिए

आजकल सोशल मीडिया पर वजन घटाने के कई ऐसे नुस्खे घूम रहे हैं जो बड़ों के लिए बने हैं. डिटॉक्स डाइट, मील्स स्किप करना या भूखे रहना कभी भी बच्चों के लिए सही उपाय नहीं हो सकते. माता-पिता को खुद से यह सवाल पूछना बंद करना चाहिए कि 'मैं अपने बच्चे को रातों-रात पतला कैसे बनाऊं?' इसके बजाय यह सोचना ज्यादा समझदारी है कि 'मैं अपने बच्चे की दिनचर्या में खेलकूद और अच्छा पोषण कैसे शामिल करूं?'

  • बच्चे को रोज कम से कम एक घंटा बाहर पार्क में दौड़ने-भागने या साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करें.
  • पैकेज्ड चिप्स और बिस्कुट की जगह घर का बना ताजा नाश्ता, भुने मखाने या फल खाने को दें.
  • अगर वजन सचमुच एक स्वास्थ्य समस्या बनता दिख रहा है, तो बिना घबराए किसी डॉक्टर से सलाह लें.

किसी भी बच्चे को एक खुशहाल और तनावमुक्त बचपन जीने का पूरा हक है. उसे वजन के कांटे का गुलाम मत बनाइए. प्यार, सही मार्गदर्शन और घर का अच्छा माहौल देकर आप अपने बच्चे को बिना किसी सख्त डाइटिंग के भी एकदम तंदुरुस्त और मजबूत बना सकते हैं.

लेखिका: सुश्री वीना वी, मुख्य क्लीनिकल डायटीशियन एवं विभागाध्यक्ष (एचओडी), क्लीनिकल न्यूट्रिशन एवं डायटेटिक्स विभाग, एस्टर व्हाइटफील्ड अस्पताल

FAQs

Q1. बच्चों का मोटापा कैसे कम करें?
बच्चों का वजन कम करने के लिए डाइटिंग की बजाय संतुलित आहार, नियमित खेलकूद और स्क्रीन टाइम कम करना बेहतर तरीका माना जाता है.

Q2. क्या डाइटिंग से बच्चे की हाइट रुक सकती है?
अगर डाइटिंग के कारण जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो जाए तो बच्चे की ग्रोथ और लंबाई प्रभावित हो सकती है.

Q3. बच्चों को वजन कम करने के लिए क्या नहीं करना चाहिए?
कीटो डाइट, इंटरमिटेंट फास्टिंग, भोजन छोड़ना या बहुत कम कैलोरी देना बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

Q4. बच्चों के लिए कितना फिजिकल एक्टिव रहना जरूरी है?
विशेषज्ञ रोज कम से कम 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि की सलाह देते हैं.

Q5. बच्चे का वजन बढ़ रहा हो तो किस डॉक्टर को दिखाएं?
बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatrician) या Pediatric Dietitian से सलाह लेना सबसे अच्छा विकल्प है.

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