Climate Change Effects Diabetes Patients: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसकी चपेट में एक बार आने के बाद जीवन भर आपको खाने में परहेज और सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है. बता दें कि दुनिया भर में लगभग 53.7 करोड़ वयस्क डायबिटीज से पीड़ित हैं. हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि क्लाइमेट चेंज के कारण बढ़ता तापमान डायबिटीज रोगियों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है.
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन, और लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और शोधकर्ताओं की एक टीम ने तर्क दिया कि जलवायु परिवर्तन से तापमान में वृद्धि हो रही है जिसकी कारण लू चलने की घटनाएं बढ़ रही हैं. ऐसे में डायबिटीज के रोगियों पर इसके प्रभावों को समझना पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है. उन्होंने कहा कि हार्मोन शरीर में पानी के संरक्षण, पसीना आना और सेल मेटाबॉलिज्म से गर्मी उत्पन्न होने जैसी प्रक्रियाओं को कंट्रोल कर लगभग सभी बायोलॉजिकल फंक्शन में भूमिका निभाते हैं. फिर भी हार्मोन के स्राव और क्रिया पर पर्यावरणीय कारकों के प्रभाव को अच्छी तरह से नहीं समझा गया है.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज
चीनी डॉक्टरों ने किया चमत्कार: 5,000 किलोमीटर दूर बैठे सर्जन ने निकाल दिया मरीज के फेफड़े का ट्यूमर
ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड में नूफ़ील्ड डिपार्टमेंट ऑफ़ वीमेन एंड रिप्रोडक्टिव हेल्थ के प्रमुख लेखक प्रोफेसर फादिल हन्नान ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ी हुई गर्मी के संपर्क से एंडोक्राइन स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है, इसके बारे में अभी बेहद कम जानकारी है. उन्होंने बताया कि यह शोध गर्म जलवायु में रहने वाले रोगियों के लिए महत्वपूर्ण है. टीम ने 1940 के दशक के बाद से प्रकाशित अध्ययनों की समीक्षा की, जो यह संकेत देते हैं कि गर्मी के संपर्क में आने से स्ट्रेस रेस्पांस, ब्लड शुगर कंट्रोल, प्रजनन क्षमता और मां के दूध के उत्पादन जैसी प्रक्रियाओं में शामिल हार्मोन प्रभावित होते हैं.
समीक्षा में अंतःस्रावी तंत्र पर लगातार गर्मी के प्रभाव के संबंध में साक्ष्यों की कमी को उजागर किया गया है, जो विशेष रूप से डायबिटीज या थायरॉयड जैसी अंतःस्रावी स्थितियों से पीड़ित लोगों की बढ़ती संख्या के लिए प्रासंगिक है क्योंकि इन लोगों में उच्च तापमान के प्रति सहनशीलता सीमित हो सकती है. शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ हार्मोनल विकार शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की क्षमता को बाधित कर सकते हैं, जिससे शरीर को ठंडा रखना मुश्किल हो जाता है. इन रोगियों के लिए गर्मी से संबंधित बीमारियों और अस्पताल में भर्ती होने का जोखिम बढ़ जाता है. इससे स्वास्थ्य प्रणाली पर गर्मी का बोझ भी बढ़ जाता है.
क्या हैं फैटी लिवर की 4 स्टेज, कैसे करें बचाव | Fatty Liver Stages: Symptoms, Causes | Dr Sk Sarin
| Helplines | |
|---|---|
| Vandrevala Foundation for Mental Health | 9999666555 or help@vandrevalafoundation.com |
| TISS iCall | 022-25521111 (Monday-Saturday: 8 am to 10 pm) |
| (If you need support or know someone who does, please reach out to your nearest mental health specialist.) | |
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं