दिल्ली का 70 साल पुराना शास्त्री भवन, कृषि भवन और उद्योग भवन जल्द ही इतिहास बन जाएंगे. सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत इन्हें ध्वस्त कर नए भवन बनाए जाएंगे. दरअसल, पीएमओ और केंद्रीय सचिवालय के सभी सरकारी कार्यालयों को एक पास लाया जा रहा है. नई इमारतें कर्तव्य भवन (केंद्रीय सचिवालय) का हिस्सा होंगी. शास्त्री भवन में सतीश गुजराल की भित्तिचित्रों (वॉल पेंटिंग) को भी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा. लगभग 60 साल पहले सतीश गुजराल ने शास्त्री भवन के आगे के हिस्से पर से वॉल पेटिंग बनाई थी, जो आज भी उसकी पहचान है.
सेंट्रल विस्टा योजना क्या है (Central Vista Project)
सेंट्रल विस्टा योजना के तहत सभी केंद्रीय मंत्रालयों के लिए 10 नए साझा केंद्रीय सचिवालय भवनों का प्रस्ताव है. ये नई इमारतें मौजूदा ऑफिस और सरकारी भवनों की जगह पर बनाए जाएंगे. निर्माण भवन के बाद उद्योग भवन, शास्त्री भवन और कृषि भवन को ध्वस्त करने की तैयारी है.
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सेंट्रल विस्टा योजना कब शुरू हुई
सेंट्रल विस्टा योजना 2019 में नए संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और कार्यपालिका एन्क्लेव (प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय) का निर्माण शामिल है. 10 सचिवालय भवनों में से तीन पूरे हो चुके हैं. जबकि सात अन्य भवनों पर कार्य जारी है. प्रधानमंत्री आवास का निर्माण भी चल रहा है. सरकार के अनुसार, संसद भवन, उपराष्ट्रपति एन्क्लेव और कर्तव्य भवन सहित परियोजना के लिए अब तक 13,170 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं.

लुटियंस की नई दिल्ली का इतिहास
दिल्ली का शास्त्री भवन डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड पर स्थित है.सन 1931 में जब एडवर्ड लुटियंस और बेकर की देखरेख में नई दिल्ली का निर्माण पूरा हुआ था, तब मुख्य तौर पर नॉर्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक और पुराना संसद भवन ही प्रशासनिक केंद्र थे. जैसे-जैसे भारत सरकार का कामकाज और मंत्रालयों का विस्तार हुआ, दफ्तरों के लिए जगह कम पड़ने लगी. फिर 1956-1968 सेंट्रल विस्टा परिसर में उद्योग भवन, निर्माण भवन, कृषि भवन और रेल भवन के साथ-साथ शास्त्री भवन का निर्माण हुआ था.देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सम्मान में शास्त्री भवन का नाम रखा गया. कानून और न्याय मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय का ऑफिस रहा है.
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सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट क्या है
शास्त्री भवन का निर्माण करीब 60 साल पहले हुआ था. भूकंप-रोधी तकनीक, सेंट्रलाइज्ड एयर कंडीशनिंग और मॉडर्न आईटी-डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की भारी कमी है.सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत कुल 10 ऐसे आधुनिक डोनट आकार के भवन बनाए जा रहे हैं. इससे भारत सरकार के सभी 51 मंत्रालयों को एक ही जगह लाया जाएगा, जिससे प्रशासनिक कामकाज बेहतर होगा.

Central Vista Project
केंद्रीय सचिवालय का नया पता
शास्त्री भवन और कृषि भवन को ध्वस्त कर केंद्रीय सचिवालय (कर्तव्य भवन) के चौथे और 5वें हिस्से को बनाया जाएगा. केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी किया है. इन पुराने भवनों को गिराने और नए निर्माण की लागत करीब 3218 करोड़ रुपये है. संस्कृति मंत्रालय, नेशनल मॉडर्न आर्ट गैलरी (एनजीएमए) और गुजराल फाउंडेशन 1968 में बनी 7 मंजिला इमारत की ऊंचाई तक फैले सिरेमिक टाइल वाले भित्ति चित्रों को दूसरी जगह ले जाने की योजना पर काम कर रहे हैं.
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सतीश गुजराल 1950 के दशक में डिएगो रिवेरा और डेविड अल्फारो से भित्तिचित्र कला सीखने के लिए मेक्सिको गए थे. वे वॉल पेटिंग का हुनर सीखने के लिए छात्रवृत्ति पर जाने वाले पहले भारतीय कलाकार थे. उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस और शास्त्री भवन के लिए भित्तिचित्र बनाए.
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