Summer Viral Infection: उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है. कई-कई जिलों में पारा 45 डिग्री के पार चला गया है. उमस और लू ने हालत बिगाड़ रखी है. इस मौसम में सिर्फ हीटस्ट्रोक (Heatstroke) या पानी की कमी (Dehydration) ही नहीं वायरल इंफेक्शन का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. अस्पतालों में इन दिनों बुखार, गले में खराश और कमजोरी के मरीजों की भीड़ बढ़ गई है. अगर आप इस गर्मी में खुद और अपनी फैमिली को सेफ रखना चाहते हैं, तो डॉक्टर की बातों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें. आइए जानते हैं आखिर गर्मी में लोग बीमार क्यों पड़ रहे हैं और इससे बचने का तरीका क्या है.
वायरल इंफेक्शन की 4 सबसे बड़ी वजहें-
1. बाहर का खाना और खुला पानी
गर्मी में बैक्टीरिया बहुत जल्दी पनपते हैं. अगर आप बाहर का खुला जूस, कटी हुई फलियां या बासी खाना खा रहे हैं, तो आप इंफेक्शन को न्योता दे रहे हैं. दूषित पानी और खाना पेट के इन्फेक्शन का सबसे बड़ा कारण है. इसलिए इससे जितना हो सके, उतना बचना जरूरी है.
2. बार-बार एसी और धूप का टॉर्चर
चिलचिलाती धूप से आकर तुरंत फ्रिज का ठंडा पानी पीना या फुल स्पीड में एसी चलाना या फिर एसी में बैठे-बैठे बाहर निकल जाना भी खतरनाक है. शरीर के तापमान में यह अचानक बदलाव (Temperature Shock) आपकी इम्यूनिटी को कमजोर कर देता है, जिससे वायरल फीवर तुरंत आपको पकड़ सकता है.
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3. पानी की कमी और कमजोरी
तेज धूप और गर्मी में पसीने के जरिए शरीर का पानी बाहर निकल जाता है. अगर आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं, तो शरीर अंदर से सूखने लगता है. कमजोर शरीर वायरल हमलों का मुकाबला नहीं कर पाता और आप जल्दी बीमार पड़ जाते हैं.
4. मच्छर और गंदगी
गर्मी और उमस के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है. इसके साथ ही पसीने की वजह से स्किन इंफेक्शन और साफ-सफाई न रखने के कारण कीटाणु तेजी से फैलते हैं. इसकी वजह से वायरल इंफेक्शन बढ़ता है और लोग बीमार पड़ने लगते हैं.
इन 3 लक्षणों को न करें इग्नोर-
1. अगर आपको या आपके बच्चे को तेज बुखार है, शरीर तप रहा है और असहनीय बदन दर्द है, तो इसे इग्नोर न करें, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.
2. पेट की कोई समस्या है. बार-बार उल्टी या दस्त आ रही है या शरीर में बहुत ज्यादा सुस्ती महसूस हो रही है, तो भी अलर्ट हो जाएं.
3. गले में तेज खराश, कुछ निगलने में दिक्कत और आंखों का लाल होना भी सावधानी बरतने का संकेत है.
गर्मी में वायरल इंफेक्शन से कैसे बचें?
1. दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं. नींबू पानी या नारियल पानी बेहतरीन विकल्प हैं.
2. बासी खाने से परहेज करें. घर का बना ताजा और हल्का भोजन ही लें.
3. हाइजीन का ध्यान रखें. बाहर से आने के बाद हाथ-पैर अच्छे से धोएं और पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें.
4. धूप से तुरंत आकर एसी में तुरंत न बैठें. शरीर को पहले सामान्य तापमान पर आने दें, इसके बाद ही एसी चलाएं.
डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी है?
अगर बुखार 2-3 दिन से ज्यादा रहे, सांस लेने में दिक्कत हो, कमजोरी बहुत बढ़ जाए, बार-बार उल्टी या दस्त हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. वायरल इंफेक्शन के लक्षण दिखने पर देर बिल्कुल भी न करें, घरेलू नुस्खों के भरोसे न बैठें और जितनी जल्दी हो सके सही समय पर डॉक्टर की सलाह लें.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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