Steam Inhalation Benefits: सर्दियों का मौसम आते ही सर्दी-जुकाम, नाक बंद होना, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ठंडी हवाएं, कोहरा और बढ़ता वायु प्रदूषण सीधे हमारी सांस की नली और फेफड़ों को प्रभावित करते हैं. ऐसे में लोग अक्सर दवाओं का सहारा लेते हैं. लेकिन, एक सरल, सस्ता और असरदार घरेलू उपाय है, भाप लेना. भाप लेना दादी-नानी के जमाने से चला आ रहा ऐसा नुस्खा है, जो आज भी उतना ही कारगर माना जाता है. गर्म भाप न सिर्फ सर्दी-जुकाम के लक्षणों से राहत देती है, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को भी मजबूत करती है. यही वजह है कि बदलते मौसम में डॉक्टर और आयुर्वेद विशेषज्ञ भी भाप लेने की सलाह देते हैं.
आयुष मंत्रालय भी मानता है भाप को असरदार उपाय
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय भी भाप लेने या वेपर थेरेपी को एक प्रभावी घरेलू उपाय मानता है. मंत्रालय के अनुसार, हल्की भाप थेरेपी सांस की नली, फेफड़ों, आंखों और पूरे शरीर के लिए फायदेमंद होती है. खासकर जब सर्दी-जुकाम या प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कत हो, तब भाप से तुरंत राहत मिल सकती है.
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सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने में कैसे मदद करती है भाप?
- भाप लेने से नाक और साइनस में जमी रुकावट ढीली पड़ जाती है.
- गर्म भाप बलगम को पतला करती है.
- नाक खुलती है और सांस लेना आसान होता है.
- खांसी और गले की खराश में आराम मिलता है.
यही कारण है कि सर्दियों में रोजाना या जरूरत पड़ने पर भाप लेने से काफी राहत मिलती है.
जड़ी-बूटियों के साथ भाप और ज्यादा फायदेमंद:
आयुर्वेदाचार्य सादा पानी के साथ पुदीना, अजवाइन या तुलसी की पत्तियां डालकर भाप लेने की सलाह देते हैं.
- इससे श्वसन तंत्र मजबूत होता है.
- फेफड़ों में जमा कफ बाहर निकलने में मदद मिलती है.
- इम्यूनिटी बेहतर होती है.
यह तरीका खासतौर पर बार-बार सर्दी लगने वालों के लिए उपयोगी माना जाता है.
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आंखों और त्वचा को भी मिलता है फायदा:
- भाप सिर्फ सांस की समस्या में ही नहीं, बल्कि आंखों और त्वचा के लिए भी लाभकारी है.
- सर्दी या प्रदूषण से जलन वाली आंखों को आराम मिलता है.
- आंखों की नमी बनी रहती है और थकान कम होती है.
- त्वचा हाइड्रेट होती है और रोमछिद्र साफ होते हैं.
इसके अलावा, भाप मांसपेशियों को रिलैक्स करती है और तनाव कम करने में भी मदद करती है.
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भाप लेते समय ये सावधानियां जरूरी:
- पानी बहुत ज्यादा गर्म न हो, वर्ना जलने का खतरा रहता है.
- 15-20 मिनट से ज्यादा भाप न लें
- भाप लेने के तुरंत बाद ठंडी या खुली हवा में न जाएं.
- अगर अस्थमा, हार्ट या कोई गंभीर बीमारी है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लें.
सर्दियों में भाप लेना एक प्राकृतिक, सुरक्षित और भरोसेमंद घरेलू उपाय है. यह सर्दी-जुकाम से राहत देने के साथ-साथ फेफड़ों, आंखों और इम्यूनिटी के लिए भी फायदेमंद है.
(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)
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