Plant Based Diet Disadvantages: प्लांट बेस्ड डाइट ने अपने कई स्वास्थ्य लाभों की वजह से लोकप्रियता हासिल की है. माना जाता है कि प्लांट बेस्ड डाइट फॉलो करने से पुरानी बीमारियों का खतरा कम होता है और ऑलओवर हेल्थ में सुधार होता है. इस डाइट को अपनाने को लेकर लोगों के अपने अलग-अलग तर्क हैं. हालांकि यह भी स्वीकार करना होगा कि किसी भी डाइट के अगर फायदे हैं तो उसके दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. अगर आप समझते हैं कि प्लांट बेस्ड डाइट हमेशा और हर किसी के लिए हेल्दी होती है तो आप भ्रम में जी रहे हैं. यहां इस डाइट के कुछ साइडइफेक्ट्स के बारे में जानिए.
प्लांट बेस्ड डाइट के दुष्प्रभाव | Side Effects of Plant Based Diet
1. पोषक तत्वों की कमी
प्लांट बेस्ड डाइट कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है. उनमें कभी-कभी विटामिन बी 12, आयरन, कैल्शियम और ओमेगा -3 फैटी एसिड जैसे विटामिन और मिनरल्स की कमी हो सकती है. इसे कम करने के लिए प्लांट बेस्ड डाइट पर रहने वाले व्यक्तियों को फॉर्टिफाइड फूड्स या सप्लीमेंट का सेवन करने के बारे में सोचना चाहिए.
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2. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं
प्लांट बेस्ड डाइट में बदलाव से अचानक फाइबर का सेवन बढ़ जाता है जिससे पाचन असुविधा हो सकती है. गैस, सूजन और आंत्र की आदतों में बदलाव हो सकता है. धीरे-धीरे फाइबर का सेवन बढ़ाने और अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहने से इन लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है.

Photo Credit: iStock
3. वजन में उतार-चढ़ाव
प्लांट बेस्ड डाइट अपनाने पर कुछ लोगों को वजन में बदलाव का अनुभव हो सकता है. इससे या तो वजन कम हो सकता है या आमतौर पर, वजन बढ़ सकता है. अपने मील को बैलेंस बनाए रखने और पोर्शन कंट्रोल करने से हेल्दी वेट बनाए रखने में मदद मिल सकती है.
4. फूड एलर्जी की समस्या
एलर्जी से पीड़ित व्यक्तियों को प्लांट बेस्ड डाइट अपनाते समय सावधान रहने की जरूरत हो सकती है, क्योंकि ये एलर्जी पैदा कर सकता है. प्लांट बेस्ड फूड्स में आम एलर्जी कारकों में नट्स, सोया और गेहूं शामिल हैं.
5. सामाजिक एवं सांस्कृतिक चुनौतियां
सामाजिक या सांस्कृतिक सेटिंग में प्लांट बेस्ड डाइट को फॉलो करना जिसमें एनिमल बेस्ड फूड्स शामिल हैं, चुनौतीपूर्ण हो सकता है. सामाजिक सपोर्ट और दोस्तों और परिवार के साथ कम्युनिकेशन इन कंडिशन से निपटने में मदद कर सकता है.
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