- अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने वाला कदम बताया.
- अमित शाह ने राहुल गांधी के सदन में असामान्य व्यवहार और विरोधी दलों के आरोपों पर तीखा तंज कसा.
- विपक्ष द्वारा ओम बिड़ला की निष्ठा पर सवाल उठाने को भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की साख पर हमला करार दिया गया.
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऐसा कदम साधारण नहीं माना जा सकता. सदन में अपनी बात रखते हुए शाह ने विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाए और राहुल गांधी सहित विपक्षी नेतृत्व पर तीखा प्रहार किया, यह कहते हुए कि ऐसा प्रस्ताव लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का प्रयास प्रतीत होता है.
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि संसद की कार्यवाही के दौरान उनका व्यवहार अक्सर असामान्य रहता है. कभी वे सदन में आंखें मटकाते हैं, कभी फ्लाइंग किस देते दिखाई देते हैं और कभी अचानक प्रधानमंत्री को गले लगा लेते हैं. अमित शाह ने तंज किया कि ऐसे प्रदर्शन के बाद भी राहुल गांधी यह आरोप लगाते हैं कि उन्हें बोलने का अवसर नहीं मिलता. उनके इस बयान पर विपक्षी बेंचों में तीखी आपत्तियां और शोर-गुल शुरू हो गया.
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ संकल्प लाने को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए बुधवार को कहा कि विपक्षी दलों ने बिरला की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं, जो बहुत अफसोसजनक है. उन्होंने सदन में विपक्ष के संकल्प पर चर्चा का जवाब देते हुए यह भी कहा कि किसी को भी नियम के विपरीत बोलने का अधिकार नहीं है.
गृह मंत्री ने कहा, ‘‘जब सदन के मुखिया की निष्ठा पर सवाल उठाया जाता है तो दुनिया में भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की साख पर सवाल खड़े हो जाते हैं.'' शाह ने कहा कि बजट सत्र के पिछले चरण में लोकसभा अध्यक्ष के चैम्बर में ऐसा माहौल खड़ा किया गया कि अध्यक्ष की सुरक्षा की चिंता पैदा हो गई थी.
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