पेशाब करने के बाद भी लीकेज की परेशानी होने लगती है. इस दौरान ऐसा फील होता है कि जैसे पेशाब बूंद-बूंद टपक ही रहा है. ऐसे में अनकंफर्ट फील होता है. ऐसे संकेतों को अक्सर लोग नॉर्मल समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन अगर लंबे समय से ऐसे लक्षण दिख रहे हैं, तो एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर लें. शालीमार बाग स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के कंसल्टेंट, नेफ्रोलॉजी डॉ. भानु मिश्रा का कहना है कि पेशाब करने के बाद भी बूंद-बूंट यूरिन टपकने की स्थिति को मेडिकल भाषा में इसे पोस्ट मिक्चुरिशन ड्रिब्लिंग कहा जाता है.
ये परेशानी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में अधिक देखी जाती है. इसके पीछे कई हेल्थ से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें से हम 3 बीमारियों की चर्चा करेंगे.
बढ़ा हुआ प्रोस्टेट का हो सकता है संकेत
डॉक्टर कहना है कि 50 की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट ग्लैंड का आकार बढ़ना आम है. जब प्रोस्टेट बढ़ जाता है, तो यूरिन के फ्लो में रुकावट पैदा होने लगती है, जिससे पेशाब करने के बाद भी कुछ मात्रा में यूरिन यूरेथ्रा में रह जाता है. ऐसे में यूरिन करने के बाद भी यूरिन बूंद-बूंद करके बाहर निकल सकता है.
पेल्विक फ्लोर मसल्स की कमजोरी
डॉक्टर कहते हैं कि पेशाब करने के बाद भी अगर यूरिन बार-बार टपकता है, तो इसके पीछे पेल्विक फ्लोर मसल्स की कमजोरी हो सकती है. दरअसल, पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां मूत्रमार्ग को सपोर्ट करती हैं. जब ये मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, तो यूरिन पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाता और बाद में टपकने लगता है. इसके पीछे कई वजह हो सकती हैं, जिसमें मोटापा, लगातार भारी वजन उठाना, पुरानी खांसी या कुछ सर्जरी शामिल हैं.
नसों से जुड़ी समस्या
डॉ. भानु का कहना है कि कुछ न्यूरोलॉजिकल डिजीज या फिर यूरिन नर्व्स जुड़ी समस्याएं ब्लैडर और यूरेथ्रा की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे मामलों में यूरिन कंट्रोल प्रभावित होता है और पेशाब के बाद ड्रिब्लिंग की समस्या हो सकती है.
किन स्थितियों में डॉक्टर की लें मदद?
अगर पेशाब टपकने के साथ-साथ कुछ अन्य लक्षण दिखे, तो फौरन आपको डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, जैसे-
- बार-बार पेशाब आना
- पेशाब करते समय जलन या दर्द
- पेशाब करते समय काफी दर्द और जलन होना
- पेशाब निकलने में परेशानी होना
- यूरिन का फ्लो काफी कम होना
- लाल रंग का पेशाब आना, इत्यादि.
अंत में डॉक्टर कहते हैं कि पेशाब के बाद बूंद-बूंद यूरिन टपकना सिर्फ बढ़ती उम्र का असर नहीं है. ये बढ़े हुए प्रोस्टेट, पेल्विक फ्लोर मसल्स की कमजोरी या किसी अन्य मूत्र संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में शरीर में दिख रहे बदलाव की स्थिति में तुरंत डॉक्टर की मदद लें.
ये भी पढ़ें - बार-बार पेशाब आना किस बीमारी का संकेत है? डॉक्टर से जानिए 5 बड़े कारण
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं