अक्सर हम सुनते हैं कि ज्यादा मीठा, तली-भुनी चीजें, जंक फूड, मैदा और अल्कोहल से फैटी लिवर की समस्या हो सकती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला पैक्ड फ्रूट जूस भी उतना ही नुकसानदायक हो सकता है? विशेषज्ञों के मुताबिक, “100% फ्रेश” लिखे कई पैक्ड जूस में लिक्विड फ्रुक्टोज पाया जाता है, जो फैटी लिवर का खतरा बढ़ा सकता है.
भले ही इनमें थोड़ा-बहुत असली फल मिला हो, लेकिन इसमें मौजूद लिक्विड फ्रुक्टोज लिवर में फैट जमा करने का कारण बन सकता है. क्लिनिकल न्यूट्रिशन ओपन साइंस में छपी एक रिसर्च के अनुसार, ज्यादा मात्रा में इसका सेवन फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ा सकता है.
लिक्विड फ्रुक्टोज कैसे नुकसान पहुंचाता है?
एडवांसेज इन न्यूट्रिशन जर्नल के अनुसार, लंबे समय तक लिक्विड फ्रुक्टोज का सेवन लिवर पर ज्यादा दबाव डाल सकता है. यह शरीर में जल्दी अवशोषित हो जाता है, जिससे लिवर इसे फैट में बदलने लगता है, इससे लिवर का काम प्रभावित होता है और धीरे-धीरे फैट जमा होने लगता है, जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या भी हो सकती है.
फ्रुक्टोज कितने प्रकार के होते हैं?
फ्रुक्टोज दो तरह का होता है. एक वो जो प्राकृतिक रूप से फलों और खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, और दूसरा हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप, जो अधिकतर पैक्ड और प्रोसेस्ड फूड में मिलता है.
डॉक्टर की राय क्या है?
फोर्टिस मुलुंड की सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर नूतन देसाई का कहना है कि लिक्विड फ्रुक्टोज शरीर की सामान्य मेटाबॉलिक प्रक्रिया को दरकिनार कर सीधे लिवर पर दबाव डालता है. इसलिए स्वस्थ रहने के लिए खान-पान की आदतों में बदलाव करना बहुत जरूरी है.
लिवर को हेल्दी रखने के आसान टिप्स
- जूस की बजाय पूरे फल खाएं
- पैक्ड ड्रिंक्स न पिएं
- खरीदते समय लेबल पर शुगर की मात्रा जरूर देखें
- मीठे पेय पदार्थ कम पिएं
- बैलेंस्ड और हेल्दी डाइट लें
फोर्टिस मुलुंड की सीनियर गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर नूतन देसाई के पास गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और हेपेटोलॉजी के क्षेत्र में 24 से 38 सालों का अनुभव है.
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