हमें कभी-कभी ऐसा फील होता है कि मुंह में पहले की तुलना में ज्यादा लार बनने लगी है. ये समस्या देखने में हम में से कई लोगों को बहुत ही छोटी लगती है, लेकिन अगर ये परेशानी लगातार रहे, तो असहजता, बोलने और निगलने में परेशानी का कारण बन सकती है. मुंह में काफी ज्यादा लार बनने की स्थिति को मेडिकल भाषा में हाइपरसैलिवेशन कहा जाता है. यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट ईएनटी, कॉक्लियर इम्प्लांट, स्कल बेस एवं हेड-नेक सर्जन डॉ. ज्ञानरंजन नायक का कहना है कि इस तरह की समस्या तब होती है, जब शरीर जरूरत से ज्यादा लार बनाने लगता है या फिर व्यक्ति लार को ठीक तरह से निगल नहीं पाता. ऐसे में सबसे जरूरी है कि इसके पीछे छिपे कारण को समझा जाए और उसी के आधार पर इलाज कराया जाए.
ज्यादा लार बनने के क्या हो सकते हैं कारण?
डॉ. नायक बताते हैं कि कई स्वास्थ्य स्थितियां मुंह में अत्यधिक लार बनने के लिए जिम्मेदार हो सकती हैं. एसिड रिफ्लक्स, मतली, गर्भावस्था, दांतों और मसूड़ों में संक्रमण जैसी समस्याओं में लार का उत्पादन बढ़ सकता है. इसके अलावा कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के तौर पर भी यह परेशानी देखने को मिलती है.
निगलने में दिक्कत भी हो सकती है वजह
कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियां ऐसी होती हैं, जो व्यक्ति की निगलने की क्षमता को प्रभावित करती हैं. जब लार सामान्य रूप से निगली नहीं जा पाती, तो वह मुंह में जमा होने लगती है और ऐसा लगता है कि लार ज्यादा बन रही है. इसलिए सिर्फ लक्षणों पर नहीं, बल्कि मूल कारण पर ध्यान देना जरूरी है.
ज्यादा लार निकलने की परेशानी कम करने के लिए क्या करें?
अगर मुंह में ज्यादा लार बनने की समस्या हो रही है, तो सबसे पहले ओरल हाइजीन का ध्यान रखें. नियमित ब्रशिंग और दंत जांच से दांतों या मसूड़ों में मौजूद संक्रमण का पता लगाया जा सकता है. अगर समस्या एसिड रिफ्लक्स से जुड़ी है, तो कम मात्रा में भोजन करें और सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाना खाने से बचें.
कब डॉक्टर के पास जाना है जरूरी?
डॉक्टर कहते हैं कि अगर ये समस्या लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ निगलने में कठिनाई भी हो रही है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. स्थिति के कारण के आधार पर इलाज में डेंटल ट्रीटमेंट, एसिड रिफ्लक्स का प्रबंधन, स्वैलोइंग थेरेपी या ऐसी दवाएं शामिल हो सकती हैं, जो लार के प्रोडक्शन को कम करती हैं. गंभीर स्थिति में विशेषज्ञ बोटुलिनम टॉक्सिन इंजेक्शन की सलाह भी दे सकते हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि मुंह को सिर्फ सूखा करने की बजाय समस्या के वास्तविक कारण का उपचार करना ज्यादा प्रभावी और सुरक्षित तरीका है.
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