बारिश शुरू होते ही बचपन की कई यादें ताजा हो जाती हैं. कागज की नाव, गरम पकौड़े, भीगकर घर लौटना और फिर मां या दादी की एक ही आवाज, "जल्दी आओ, पहले भाप लो." इसके बाद छाती और गले पर विक्स लगाया जाता था, सिर पर तौलिया डालकर भाप दिलाई जाती थी और फिर हल्दी वाला दूध, अदरक वाली चाय या काढ़ा पीने को मिल जाता था. उस समय यह इलाज नहीं, घर का नियम लगता था. आज भी बहुत से लोग सर्दी-जुकाम होते ही सबसे पहले यही तरीका अपनाते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ बचपन की याद है या इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक वजह भी है?
क्या भाप लेने से सच में मिलता है आराम?
प्रोफेसर. (डॉ.) अरविंद कुमार ( चेयरमैन, लंग ट्रांसप्लांट मेदांता गुरूग्राम) ने NDTV से बातचीत कर बताया कि भाप लेने से बंद नाक खुलने में कुछ राहत मिल सकती है. गर्म भाप नाक के अंदर जमा बलगम को ढीला करने में मदद कर सकती है, जिससे सांस लेना थोड़ा आसान महसूस होता है. हल्के मौसमी सर्दी-जुकाम के मामलों में यह तरीका कई लोगों के लिए काफी राहत देने वाला साबित हो सकता है, लेकिन अगर वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन हो, तो सिर्फ विक्स और भाप के भरोसे नहीं रहा जा सकता.
विक्स में मेंथॉल, कपूर और यूकेलिप्टस ऑयल जैसे तत्व होते हैं. इसे लगाने से कई लोगों को ठंडक और आराम का एहसास होता है, जिससे बंद नाक और भारीपन कम महसूस हो सकता है. बंद नाक खुल जाने से मरीज को बेहद राहत महसूस होती है.
भाप लेते समय सावधानी है जरूरी
डॉक्टर आगे बताते हैं कि भाप लेते समय सावधानी बहुत जरूरी है. बहुत ज्यादा गर्म भाप से चेहरा या त्वचा जल सकती है. खास तौर पर छोटे बच्चों को भाप देते समय बहुत ही सावधान रहना चाहिए. जरा से लापरवाही से भाप या गर्म पानी से जलने का खतरा हो सकता है. वैसे आजकल बाजार में भाप लेने के लिए स्टीमर जैसे कई इक्यूपमेंट्स मिलने लगे हैं. जिनके जरिए बच्चों को भी सुरक्षित रूप से भाप दी जा सकती है.
बारिश में सर्दी-जुकाम से बचने के लिए क्या करें?
- बारिश में भीगने के बाद जल्दी से सूखे कपड़े पहनें, शरीर को अच्छी तरह सुखाएं और अगर ठंड लग रही हो तो गर्म पेय ले सकते हैं.
- पर्याप्त नींद, संतुलित खानपान और हाथों की सफाई का ध्यान रखना भी वायरल इंफेक्शन के खतरे को कम करने में मदद करता है.
- अगर लक्षण लगातार बढ़ रहे हों या कई दिनों तक ठीक न हों, तो डॉक्टर से जांच कराना सबसे सही कदम है.
बचपन का 'विक्स और भाप' वाला इलाज आज भी कई लोगों के चेहरे पर मुस्कान ले आता है. इसमें कोई शक नहीं साधारण और मौसमी सर्दी-जुकाम में ये तरीका कई बार बेहद कारगर नजर आता है. यही वजह है कि लोग इसे प्राथमिक उपचार की तरह लेते हैं. लेकिन, अगर तेज बुखार, सांस लेने में ज्यादा तकलीफ या लंबे समय तक परेशानी बनी रहे, तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.
Expert: प्रोफेसर. (डॉ.) अरविंद कुमार से ( चेयरमैन, लंग ट्रांसप्लांट मेदांता गुरूग्राम)
इसे भी पढ़ें: बारिश में भीग जाए तो क्या करें? तुरंत करें ये 5 काम, वरना पड़ जाएंगे बीमार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं