- अयोध्या पुलिस ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश, करुणेश पांडेय से जेवर और नकदी जब्त की
- आरोपियों ने चोरी की रकम को ब्याज पर रिश्तेदारों और जानने वालों को बांटने की बात स्वीकार की
- पुलिस ने चोरी की रकम के लेनदेन में शामिल एक दर्जन से अधिक खातों को फ्रीज करना शुरू कर दिया है
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अयोध्या पुलिस का शिंकजा गिरफ्तार आरोपियों पर लगातार कस रहा है. उनसे हर एक राज उगलवाने की कोशिश की जा रही है. वही चढ़ावा चोरी की पाई-पाई बरामद करने में पुलिस जुट गई है. मामले की जांच कर रही अयोध्या पुलिस के सूत्रों के मुताबिक,आरोपी अनुकल्प मिश्रा, उसके जीजा लवकुश और करुणेश पांडेय से सोने के जेवर (कान की बालियां, लॉकेट) और 2 लाख रुपये कैश बरामद किया है. जब्त किए गए जेवरों की कीमत करीब 10 लाख रुपये है.
चढ़ावा चोरी की रकम ब्याज पर चढ़ाई
आरोपियों ने चढ़ावा चोरी की रकम का आखिर किया क्या, ये भी खुलासा हुआ है. जांच में पता चला है कि आरोपियों ने मंदिर से चोरी की गई रकम को ब्याज पर खपाया था. अनुकल्प और लवकुश ने पुलिस को बताया कि उन्होंने चढ़ावा चोरी की कुछ रकम ब्याज पर रिश्तेदारों और जानने वाले को बांट दी थी. पुलिस को इससे जुड़े रिकॉर्ड्स भी मिले हैं.
रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजी रकम
अयोध्या पुलिस सूत्रों के मुताबिक, कस्टडी रिमांड में आरोपियों ने बताया कि चोरी की रकम पहले रिश्तेदारों और करीबियों के खातों में भेजी जाती थी. फिर वही पैसा अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए वापस अपने खातों में मंगवाया जाता था. पुलिस ने ऐसे एक दर्जन से ज्यादा खातों की पहचान कर उनको फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
चंपत और अनिल से छिना ये अधिकार
एसआईटी भी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सख्ती से पेश आ रही है. ताजा जानकारी के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की वीआईपी दर्शन पास की डिजिटल आईडी ब्लॉक कर दी गई है. यह कदम वीआईपी दर्शन पास जारी करने में कथित अनियमितताओं को रोकने के उपायों के तहत उठाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला कार्यवाहक महासचिव कृष्ण मोहन की अध्यक्षता वाले नए प्रशासन ने लिया है.
अब VIP पास जारी नहीं कर पाएंगे
आईडी निष्क्रिय होने के बाद अब इन तीनों लोगों के डिजिटल क्रेडेंशियल या सिफारिशों के जरिए कोई भी सुगम या विशिष्ट दर्शन पास जारी नहीं किया जा सकेगा. यह कदम राम मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की एसआईटी जांच के बीच उठाया गया है. सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने पाया कि ट्रस्टियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की डिजिटल आईडी का बड़ी संख्या में पास बनाने के लिए कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया.
ये भी पढ़ें-राम मंदिर चढ़ावा चोरीः चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर गिरी एक और गाज, छिन गया ये अधिकार
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं