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मोबाइल, जंक फूड, मोटापा! बच्चों की सेहत बिगाड़ रही ये खतरनाक जोड़ी, हर माता-पिता जरूर जानें सच

Children's Health: विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पिछले कुछ सालों में बच्चों में मोटापे के मामले कई गुना बढ़े हैं. ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता इन कारणों को समझें और समय रहते सही कदम उठाएं.

मोबाइल, जंक फूड, मोटापा! बच्चों की सेहत बिगाड़ रही ये खतरनाक जोड़ी, हर माता-पिता जरूर जानें सच
जंक फूड की बढ़ती आदत ने समस्या को और गंभीर बना दिया है.

आज के डिजिटल दौर में बच्चों की लाइफस्टाइल तेजी से बदल रही है. पहले जहां बच्चे बाहर खेलते थे, अब उनका ज्यादा समय मोबाइल, टीवी और टैबलेट पर बीतता है. इसके साथ ही जंक फूड की बढ़ती आदत ने समस्या को और गंभीर बना दिया है. यही कारण है कि बचपन में मोटापा (Childhood Obesity) तेजी से बढ़ रहा है, जो आगे चलकर डायबिटीज, दिल की बीमारी और अन्य हेल्थ प्रोब्लम्स का कारण बन सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, पिछले कुछ सालों में बच्चों में मोटापे के मामले कई गुना बढ़े हैं. ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता इन कारणों को समझें और समय रहते सही कदम उठाएं.

कैसे स्क्रीन टाइम और जंक फूड बढ़ा रहे हैं बच्चों का वजन? | How Are Screen Time and Junk Food Increasing Children's Weight?

1. बिना ध्यान के ज्यादा खाना

जब बच्चे मोबाइल या टीवी देखते हुए खाना खाते हैं, तो उनका ध्यान खाने पर नहीं होता. इससे उन्हें पेट भरने का अहसास देर से होता है और वे जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं.

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2. विज्ञापनों का असर

टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जंक फूड के आकर्षक विज्ञापन बच्चों को लुभाते हैं. बच्चे इन्हें देखकर तुरंत वही खाने की जिद करने लगते हैं, जिससे उनकी आदत खराब होती है.

3. दिमाग पर असर और लत

स्क्रीन और जंक फूड दोनों दिमाग में फील गुड हार्मोन डोपामिन बढ़ाते हैं. इससे बच्चों को इसकी आदत लग जाती है और वे बार-बार यही चीजें चाहते हैं.

4. नींद में गड़बड़ी

रात में मोबाइल या टीवी देखने से नींद खराब होती है. नींद पूरी न होने पर शरीर में भूख बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं, जिससे बच्चे ज्यादा अनहेल्दी चीजें खाने लगते हैं.

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5. फिजिकल एक्टिविटी की कमी

ज्यादा स्क्रीन टाइम का मतलब है कम खेल-कूद. इससे कैलोरी बर्न नहीं होती और वजन तेजी से बढ़ता है.

6. खाने की पसंद बदलना

धीरे-धीरे बच्चों को हेल्दी खाने से ज्यादा जंक फूड पसंद आने लगता है, जिससे उनका पोषण भी प्रभावित होता है.

माता-पिता क्या कर सकते हैं? | What Can Parents Do?

1. रोजाना एक्टिविटी को बढ़ावा दें: बच्चों को रोज कम से कम 60 मिनट खेल-कूद या एक्सरसाइज के लिए प्रेरित करें.
2. स्क्रीन टाइम सीमित करें: छोटे बच्चों के लिए 1 घंटे से ज्यादा स्क्रीन टाइम न दें और बड़े बच्चों के लिए भी तय सीमा बनाएं.
3. हेल्दी डाइट को प्राथमिकता दें: घर में फल, सब्जियां, दाल और हेल्दी स्नैक्स रखें. जंक फूड को धीरे-धीरे कम करें.
4. खुद बनें रोल मॉडल: बच्चे वही सीखते हैं जो वे देखते हैं. अगर आप हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएंगे, तो बच्चे भी वैसा ही करेंगे.
5. फैमिली टाइम बढ़ाएं: खाना खाते समय टीवी या मोबाइल बंद रखें और परिवार के साथ बैठकर खाना खाएं. इससे बच्चों की खाने की आदत सुधरती है.
6. बच्चों को समझाएं: उन्हें आसान भाषा में बताएं कि कौन सा खाना उनके शरीर के लिए अच्छा है और क्यों.

बच्चों का मोटापा सिर्फ एक दिखने वाली समस्या नहीं, बल्कि भविष्य की बड़ी बीमारी का संकेत है. स्क्रीन टाइम और जंक फूड की यह खतरनाक जोड़ी धीरे-धीरे बच्चों की सेहत को नुकसान पहुंचा रही है. लेकिन, अच्छी बात यह है कि थोड़ी समझदारी और सही आदतों से इसे रोका जा सकता है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

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