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भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को देंगे नई रफ्तार, समुद्री सुरक्षा से लेकर नई तकनीक पर बढ़ेगा साथ

भारत और आस्ट्रेलिया अब क्वाड की सीमा से आगे रणनीतिक संबंधों को गहरा कर रहे हैं. राजनाथ सिंह ने आस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री के साथ मिलकर आज कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनाई.

भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को देंगे नई रफ्तार, समुद्री सुरक्षा से लेकर नई तकनीक पर बढ़ेगा साथ
राजनाथ सिंह ने आस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री के साथ रक्षा साझेदारी पर बात की.
  • भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग और नई सैन्य तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है
  • भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा उपकरणों और सेवाओं के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने के लिए नए समझौते पर काम शुरू करेंगे
  • दोनों देश क्वाड समूह के तहत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के लिए सहयोग जारी रखेंगे
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भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने का फैसला किया है. दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग और नई सैन्य तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. यह फैसला आज मानेकशॉ सेंटर में हुई भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों की वार्ता में लिया गया. बैठक की संयुक्त अध्यक्षता भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मॉल्स ने की. दोनों नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं. रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा है. उन्होंने इस साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई.

समुद्री सुरक्षा पर विशेष फोकस

बैठक में हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा पर विस्तार से चर्चा हुई. दोनों देशों ने समुद्र में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया. भारत और ऑस्ट्रेलिया एक संयुक्त समुद्री सुरक्षा रोडमैप तैयार कर रहे हैं. इससे दोनों देशों की नौसेनाओं और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा. दोनों पक्षों ने समुद्री गश्ती विमानों के जरिए निगरानी बढ़ाने पर भी सहमति जताई. समुद्र के भीतर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नई व्यवस्थाओं पर काम करने की बात भी कही गई. भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया की समुद्री सीमा सुरक्षा एजेंसी के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी.

ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मॉल्स.

ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मॉल्स.

हिंद महासागर में होगा संयुक्त अभ्यास

भारत और ऑस्ट्रेलिया जून 2026 में चेन्नई में संयुक्त खोज और बचाव अभ्यास आयोजित करेंगे. इसका उद्देश्य समुद्र में दुर्घटनाओं या आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता को मजबूत करना है. दोनों देशों ने सैन्य अभ्यासों और अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय के लिए नई व्यवस्थाएं विकसित करने पर भी सहमति जताई. साथ ही, एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और क्षेत्रों का उपयोग जारी रखने का फैसला किया गया. इससे दोनों सेनाओं को साथ काम करने का अधिक अनुभव मिलेगा.

रक्षा उद्योग में नई पहल

बैठक की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक रक्षा उद्योग से जुड़ी रही. भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा उपकरणों और रक्षा सेवाओं के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नए समझौते पर काम शुरू करेंगे. दोनों देशों का मानना है कि रक्षा उत्पादन में साझेदारी भविष्य के संबंधों का महत्वपूर्ण आधार बनेगी. ऑस्ट्रेलिया ने पिछले वर्ष भारत में अपना पहला रक्षा व्यापार मिशन भेजा था. दोनों पक्षों ने इसे सकारात्मक कदम बताया. अब रक्षा उद्योग से जुड़े संयुक्त कार्य समूह के माध्यम से नए अवसरों की तलाश की जाएगी.

नई तकनीकों पर साथ करेंगे रिसर्च

भारत और ऑस्ट्रेलिया भविष्य की सैन्य तकनीकों पर भी मिलकर काम करना चाहते हैं. बैठक में सेंसर तकनीक और अन्य उभरती रक्षा तकनीकों पर संयुक्त अनुसंधान की संभावनाओं पर चर्चा हुई. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 2026 में होने वाले रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है.

ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मॉल्स के साथ राजनाथ सिंह.

ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मॉल्स के साथ राजनाथ सिंह.

सैन्य अभ्यासों में बढ़ रही भागीदारी

दोनों देशों ने हाल के वर्षों में बढ़े सैन्य सहयोग पर संतोष जताया. ऑस्ट्रेलिया ने इस साल भारत के 'मिलन' नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया था. वहीं भारत ने ऑस्ट्रेलिया के 'काकाडू' सैन्य अभ्यास में भाग लिया. भारत 2027 में होने वाले ऑस्ट्रेलिया के बड़े सैन्य अभ्यास 'टैलिसमैन सेबर' में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगा. दोनों देशों ने सेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बढ़ते सहयोग का स्वागत किया.

क्वाड पर भी दिखी एकजुटता

बैठक में क्वाड समूह का भी जिक्र हुआ. इसमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं. दोनों देशों ने कहा कि वे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को खुला, सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री निगरानी, सूचना साझाकरण और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई. दोनों देशों का मानना है कि मजबूत साझेदारी से न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता को भी मजबूती मिलेगी.

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