किचन में मौजूद मेथी एक ऐसा मसाला है जो न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने बल्कि, सेहत को सुधाने में भी मददगार है. लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि अगर रोज सुबह खाली पेट मेथी दाने का पानी पीना शुरू कर दें, तो शरीर पर क्या बदलाव नजर आएगा. अगर नहीं, तो यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सैयद अहमद से जानें. डॉक्टर खान के मुताबिक, मेथी दाना कोई साधारण मसाला नहीं है, बल्कि यह आयुर्वेद और यूनानी दोनों में ही एक बेहतरीन दवा की तरह काम करता है. तो चलिए जानते हैं इसके फायदे और सेवन का तरीका.
मेथी का पानी पीने के फायदे-
1. डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल-
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान की वजह से डायबिटीज और बैड कोलेस्ट्रॉल की समस्या बहुत आम हो गई है. अगर आप ब्लड शुगर की समस्या से परेशान है, तो मेथी का पानी बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. डॉ. सैयद अहमद खान बताते हैं कि मेथी के दानों में घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होता है. यह पेट में जाकर कार्बोहाइड्रेट और शुगर के एब्जॉर्प्शन को धीमा कर देता है. इससे अचानक ब्लड शुगर बढ़ने का खतरा कम हो जाता है. साथ ही, यह नसों में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की सेहत को दुरुस्त रख सकता है.

2. यूरिक एसिड-
जोड़ों में दर्द या यूरिक एसिड बढ़ने पर मेथी का पानी सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकता है.
3. पाचन और गैस-
अगर आपको सुबह-सुबह पेट साफ न होने, कब्ज या ब्लोटिंग की शिकायत रहती है, तो यह पानी आपके पाचन तंत्र को एक्टिव कर सकता है.
4. फैटी लिवर-
मेथी का पानी शरीर में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है और लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ा सकता है.
5. जोड़ों और घुटनों का दर्द-
मेथी की तासीर गर्म होती है, जो वात दोष को कंट्रोल करके जोड़ों की जकड़न दूर कर सकती है.
मेथी का पानी बनाने का सही तरीका और सावधानियां-
मेथी का पानी बनाना बहुत ही आसान है. सबसे पहले रात को एक गिलास साफ पानी में एक छोटा चम्मच मेथी दाना भिगोकर रख दें. सुबह उठकर इस पानी को हल्का गुनगुना करें या बिना गर्म किए ही छानकर पी लें. आप चाहें तो भीगे हुए मेथी के दानों को चबाकर भी खा सकते हैं.
नोट- मेथी की तासीर गर्म होती है. इसलिए अगर किसी को बहुत ज्यादा एसिडिटी, पेट में जलन या गर्मी की शिकायत है, तो वे इसकी मात्रा थोड़ी कम रखें या अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका इस्तेमाल करें.
एक्सपर्ट के बारे में: डॉ. सैयद अहमद खान यूनानी चिकित्सा के वरिष्ठ विशेषज्ञ हैं. वे नई दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल के यूनानी मेडिकल सेंटर में पूर्व डिप्टी डायरेक्टर एवं हेड रह चुके हैं. वर्तमान में वे दरीयागंज स्थित सदर यूनानी क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और श्वसन रोगों, पाचन संबंधी समस्याओं तथा लाइफस्टाइल डिजीज के यूनानी उपचार में विशेष अनुभव रखते हैं.
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