बरसात के मौसम में जैसे ही पानी जमा होता है मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है. ज़रा सी लापरवाही हुई नहीं कि ये छोटे-छोटे जीव घर में अपनी फौज लेकर आ जाते हैं. मच्छर सिर्फ हमारी नींद ही खराब नहीं करते, बल्कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियां भी अपने साथ लाते हैं. ऐसे में खुद को और अपने परिवार को सेफ रखना बहुत जरूरी है.
अगर आप भी बाजार में मिलने वाले केमिकल वाले स्प्रे और लिक्विड का इस्तेमाल नहीं करना चाहते और ऐसे उपाय तलाश रहे हैं, जो बिना किसी नुकसान के इन्हें घर से भगा दें तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं.
मच्छरों के काटने से होने वाली सबसे खतरनाक बीमारियां- (Most dangerous mosquito-borne diseases)
1. मलेरिया-
मलेरिया एक नुकसानदायक और बड़े पैमाने पर फैली बीमारी है. मादा एनोफिलीज मच्छर इस बीमारी को फैलाती हैं, जिससे बुखार, सिरदर्द और कंपकंपी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ये लक्षण मच्छर के काटने के 10 से 15 दिन बाद शुरू होते हैं. मलेरिया के कुछ प्रकार जानलेवा भी हो सकते हैं. हर साल लगभग 247 मिलियन से ज्यादा लोगों में मलेरिया की पहचान की जाती है. मलेरिया के लिए लंबे इलाज की जरूरत होती है.
2. डेंगू-
यह वायरल इन्फेक्शन 100 देशों में फैला हुआ है, और बीमारी फैलाने वाले मच्छरों की वजह से हर साल लगभग 390 मिलियन लोग डेंगू से संक्रमित होते हैं. गंभीर मामलों में, डेंगू को कभी-कभी "हड्डी तोड़ बुखार" (break bone fever) भी कहा जाता है, क्योंकि इससे तेज सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, तेज बुखार, जी मिचलाना, थकान, पेट में तेज दर्द, उल्टी.
3. जिका-
यह वायरस अक्सर बिना किसी लक्षण के रहता है, लेकिन इससे मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, सिरदर्द, बुखार, चकत्ते और आंखों में इन्फेक्शन (conjunctivitis) हो सकता है. जो लोग गर्भावस्था के दौरान संक्रमित मच्छर के काटने का शिकार होते हैं, उनमें गर्भपात और समय से पहले बच्चे के जन्म का खतरा रहता है. बच्चों में जन्मजात विकृतियां भी हो सकती हैं,
4. पीत ज्वर-
एडीस और हीमोगोगस (Haemogogus) मच्छर की प्रजातियां इसके मुख्य वाहक हैं, और संक्रमित मादा मच्छर के काटने से सिरदर्द, बुखार, मांसपेशियों में दर्द और जी मिचलाना जैसे लक्षण हो सकते हैं. इस बीमारी का ये नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इस संक्रमण से पीलिया हो सकता है, जिसके कारण त्वचा और आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ जाता है.
5. चिकनगुनिया-
चिकनगुनिया वायरस एडीस एल्बोपिक्टस और एडीस एजिप्टी मच्छरों द्वारा लोगों में फैलता है. हालांकि चिकनगुनिया बीमारी का इनक्यूबेशन पीरियड 2-6 दिनों का होता है, लेकिन लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 4-7 दिन बाद दिखाई देने लगते हैं.
मच्छरों को भगाने के लिए अपनाएं ये तरीके-
1. नीम का तेल और कपूर-
नीम और कपूर दोनों ही चीजें हर घर में आसानी से मिल जाती हैं. नीम की महक मच्छरों को बिल्कुल पसंद नहीं होती. नीम के तेल में थोड़ा सा कपूर मिलाकर दीया जलाएं या इस तेल को अपने कमरे में छिड़क दें. इसकी तेज महक से मच्छर तुरंत घर से बाहर भाग जाते हैं.

2. लहसुन-
मच्छरों को भगाने के लिए लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं. लहसुन की कुछ कलियों को पीसकर पानी में उबाल लें. अब इस पानी को एक स्प्रे बोतल में भरकर घर के कोनों और खिड़कियों के पास छिड़क दें. लहसुन की महक से मच्छर आपके आसपास भी नहीं भटकेंगे.
3. नींबू और लौंग-
एक नींबू को बीच से आधा काट लें और उसके अंदर ढेर सारी लौंग गाड़ दें. अब इस नींबू को अपने कमरे के एक कोने में रख दें. इसकी खट्टी महक और लौंग की खुशबू मिलकर मच्छरों को कोसों दूर रखती है.
मच्छरों से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके-
- घर के आस-पास या गमलों में पानी बिल्कुल जमा न होने दें. रुका हुआ पानी मच्छरों का घर होता है.
- शाम के समय खिड़की और दरवाजे बंद रखें ताकि मच्छर बाहर से अंदर न आ सकें.
- सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करना सबसे सेफ और पुराना तरीका है.
- फुल बाजू के कपड़े पहनें ताकि मच्छर आपके शरीर की स्किन तक न पहुंच सकें.
किसे सबसे ज्यादा काटते हैं मच्छर-
फ्लोरिडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एफआईयू) के शोधकर्ताओं ने 119 लोगों पर यह अध्ययन किया. इसमें दुनिया की तीन ऐसी मच्छर प्रजातियों को शामिल किया गया, जो इंसानों में कई गंभीर बीमारियां फैला सकती हैं. शोधकर्ताओं ने देखा कि इन तीनों प्रजातियों को इंसानों की गंध और शरीर से निकलने वाले अलग-अलग रासायनिक संकेत किस तरह आकर्षित करते हैं.
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