तालाबों और पोखरों में खिलने वाले सुंदर फूल सिर्फ पानी की खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. हम बात कर रहे हैं कुमुदिनी (Water Lily) की, जिसे आम भाषा में कई लोग पानी का फूल भी कहते हैं. देखने में बेहद शांत और मनमोहक लगने वाली कुमुदिनी आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में बहुत समय से इस्तेमाल होती आ रही है. आइए बहुत ही आसान भाषा में जानते हैं कि कुमुदिनी हमारी सेहत के लिए कैसे फायदेमंद है.
कुमुदनी के फायदे-
1. तनाव और बेचैनी-
भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव आम बात है. कुमुदिनी के फूलों में ठंडक देने वाले गुण होते हैं जो दिमाग को शांत रखते हैं. अगर आपको बहुत ज्यादा घबराहट होती है, दिल की धड़कन अचानक तेज हो जाती है या फिर रात को नींद नहीं आती, तो इसका इस्तेमाल बहुत राहत दे सकता है.

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2. पेट और सीने की जलन-
अक्सर ज्यादा मसालेदार या तला-भुना खाने से पेट में जलन, एसिडिटी और सीने में चुभन होने लगती है. कुमुदिनी की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह पेट की गर्मी को शांत करती है. इसके सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और सीने की जलन या पेट की सूजन में आराम मिल सकता है.
3. बार-बार प्यास लगना-
कुछ लोगों को कितना भी पानी पीने के बाद भी बार-बार गला सूखने और तेज प्यास लगने की समस्या रहती है. ऐसे लोगों के लिए कुमुदिनी का इस्तेमाल किसी वरदान से कम नहीं है. इसके फूलों का शर्बत या काढ़ा बनाकर पीने से अत्यधिक प्यास लगने की दिक्कत दूर हो सकती है.
4. स्किन के लिए-
बढ़ता प्रदूषण और गलत खान-पान हमारी स्किन को बेजान बना देते हैं. कुमुदिनी में नेचुरल एंटी-ऑक्सीडेंट्स होते हैं जो स्किन से जुड़ी परेशानियों को दूर करते हैं. अगर शरीर पर कहीं सूजन है या लाल चकत्ते और जलन हो रही है, तो इसका लेप लगाने से स्किन को ठंडक मिलती है.
क्या कहती है रिसर्च-
रिसर्च के अनुसार, कुमुदिनी के पौधों में ऐसे खास तत्व (जैसे नम्फायॉल) पाए जाते हैं जो शरीर में इंसुलिन के लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं. इससे अचानक शुगर लेवल ऊपर-नीचे नहीं होता.
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