बच्चों में कैंसर का पता चलते ही माता-पिता के मन में डर बैठ जाता है, लेकिन समय रहते अगर इसकी पहचान हो जाए, तो इलाज की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. बड़ों के मुकाबले बच्चों में होने वाले कैंसर के लक्षण भी आम बीमारियों जैसे लगते हैं, जिस वजह से इन पर ध्यान नहीं दिया जाता. इसलिए जरूरी है कि माता-पिता, शिक्षक और परिवार के लोग बच्चों में दिखने वाले छोटे-छोटे बदलावों को भी गंभीरता से लें.
लगातार बुखार आना, बिना कारण वजन कम होना, शरीर पर नीले निशान, गांठ बनना, आंखों में चमक या सिरदर्द और उल्टी जैसे कुछ शुरुआती चेतावनी संकेत हैं जो शरीर हमें पहले ही दे देता है. इन संकेतों को समझना और समय पर डॉक्टर से संपर्क करना ही बच्चे की जिंदगी बचा सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, बच्चों में होने वाले कैंसर का जल्दी पता चलना उनके बचने की संभावना को काफी हद तक बढ़ा देता है, चूंकि बचपन के कैंसर के कई लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण जैसे दिखते हैं, इसलिए माता-पिता और डॉक्टरों के लिए इसके शुरुआती चेतावनी संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है तो चलिए आपको बच्चों में कैंसर के कुछ प्रमुख शुरुआती संकेत के बारे में बताते हैं, जो इस प्रकार होते हैं.

बच्चों में कैंसर के ये 5 शुरुआती लक्षण-
- बिना वजह लगातार बुखार- यह बच्चों में सबसे आम कैंसर है. कैंसर सेल्स बोन मैरो में नॉर्मल सेल्स की जगह ले लेते हैं. इससे शरीर की इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है और शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता, इसलिए लगातार बुखार बना रहता है. साथ ही कैंसर सेल्स खुद ऐसे केमिकल्स (पायरोजन) छोड़ते हैं जो दिमाग के टेम्परेचर सेंटर को बढ़ा देते हैं.
- असामान्य गांठ या सूजन- लसिका ग्रंथियों में कैंसर सेल्स जमा होने से बिना दर्द वाली गिल्टियां बन जाती हैं. अगर 2 हफ्ते से ज्यादा है, बुखार और वजन कम होने के साथ है, तो तुरंत जांच जरूरी है. गांठ का मतलब है कैंसर सेल्स एक जगह इकट्ठा हो रहे हैं. समय पर इलाज न मिलने पर ये खून के जरिए फेफड़े, लीवर, दिमाग तक फैल सकते हैं.
- हड्डियों और जोड़ों में दर्द- ये कैंसर 10 से 18 साल के टीनएजर्स में सबसे ज्यादा होता है, जब हड्डियां तेजी से बढ़ रही होती हैं. कैंसर सेल्स हड्डी के अंदर तेजी से बढ़कर हड्डी को अंदर से कमजोर और खोखला कर देते हैं.
- बिना कारण वजन कम होना और थकान- कैंसर सेल्स बच्चों के खाने से मिलने वाली सारी कैलोरी और प्रोटीन खुद खा लेते हैं. बच्चा खा तो रहा है, लेकिन वजन बढ़ने की जगह घट रहा है. अगर बच्चे में यह लक्षण देखने को मिले, तो तुरंत जांच करवाएं. बच्चा खा तो रहा है, लेकिन वजन बढ़ने की जगह घट रहा है.
- आसानी से चोट लगना, खून बहना- बच्चों में ब्लड कैंसर (ल्यूकेमिया) या अन्य गंभीर बीमारियों के शुरुआती लक्षणों में आसानी से चोट लगना और खून बहना बहुत आम हैं. बोन मैरो (अस्थि मज्जा) में कैंसर कोशिकाओं के बढ़ने के कारण स्वस्थ प्लेटलेट्स का निर्माण रुक जाता है. प्लेटलेट्स खून का थक्का जमाने का काम करती हैं. इनकी कमी से शरीर में खून का थक्का नहीं बन पाता.
नोट- कैंसर शरीर में ऐसे केमिकल्स छोड़ता है जिससे भूख मर जाती है, जी मिचलाता है और मसल्स तेजी से टूटने लगते हैं. यदि इस तरह के लक्षण 2 सप्ताह से अधिक समय तक बने रहते हैं या फिर और ज्यादा बिगडने लगते हैं तो तुरंत जांच करवाएं और डॉक्टर से संपर्क करें.
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