Karwa Chauth Fast : करवाचौथ का व्रत कई महिलाएं पूरे दिन निर्जला रखती हैं. सुबह सरगी खाने के बाद शाम को चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद व्रत खोला जाता है. लंबे समय तक बिना पानी और भोजन के रहने के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में व्रत खोलते समय जल्दबाजी करना या एक साथ बहुत अधिक खाना या काफी पानी पीना सेहत पर भारी पड़ सकता है. इसलिए व्रत खोलने के बाद कुछ बातों का विशेष ध्यान रखा जाए. इस बारे में जानने के लिए हमने नारायणा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अजय नायर से बात की. यहां डॉक्टर से जानते हैं निर्जला व्रत को खोलते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
एक साथ बहुत सारा पानी पीने से बचें
पूरे दिन प्यासे रहने के बाद एक साथ बहुत अधिक पानी पीने के बजाय धीरे-धीरे पानी पिएं. इससे शरीर को दोबारा हाइड्रेट करने में मदद मिलती है. अगर पसीना अधिक आया हो या शरीर में पानी की कमी के लक्षण हों, तो जरूरत के अनुसार डिंक्स लें. हालांकि, सीवियर डिहाइड्रेशन की स्थिति में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं होता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी हो जाती है.
तुरंत भारी और तला-भुना खाना न खाएं
व्रत खोलते ही अधिक मात्रा में पूड़ी, पकौड़े, मिठाइयां या बहुत मसालेदार खाना खाने से बचें. लंबे समय तक खाली पेट रहने के बाद हैवी भोजन करने से पेट फूलना, एसिडिटी, मतली और पेट में असहजता हो सकती है. इसकी जगह हल्का और बैलेंस भोजन लें, जैसे- खिचड़ी, दाल, दही, फल या सामान्य घर का खाना खाएं. भोजन धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं.
चाय-कॉफी और मिठाइयों का अधिक सेवन न करें
व्रत खोलते ही खाली पेट तेज चाय या कॉफी पीने से कुछ लोगों को एसिडिटी, बेचैनी या धड़कन तेज होने की समस्या हो सकती है. इसी तरह एक साथ बहुत ज्यादा मिठाई खाने से भी असहजता हो सकती है. बेहतर है कि पहले पानी पिएं, कुछ हल्का खाएं और उसके बाद अपनी भूख और सहनशीलता के अनुसार खाना खाएं.
थकान के बावजूद तुरंत काम में न जुटें
दिनभर फास्ट रखने के बाद शरीर को आराम की जरूरत हो सकती है. व्रत खोलने के तुरंत बाद भारी काम, फास्ट एक्सरसाइज या बहुत अधिक फिजिकल वर्क करने से बचें. पर्याप्त आराम करें और शरीर की जरूरतों पर ध्यान दें.
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर व्रत खोलने के बाद लगातार चक्कर आना, बेहोशी, भ्रम, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.
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