How To Improve Digestion: आजकल कई लोग शिकायत करते हैं कि खाना खाने के बाद पेट भारी रहता है. गैस बनती है, कब्ज रहती है या फिर खाया-पिया शरीर को लगता ही नहीं. इसकी एक बड़ी वजह खराब डाइजेशन हो सकता है. डॉ. अमित मगलानी के मुताबिक अच्छी डाइट लेने के बावजूद अगर पाचन ठीक न हो. तो शरीर को जरूरी न्यूट्रीशन्स नहीं मिल पाते.
डॉ. अमित का कहना है कि पाचन को बेहतर बनाने के लिए महंगे या विदेशी फूड्स की जरूरत नहीं होती. रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर और खानपान में छोटे-छोटे बदलाव करके डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाया जा सकता है.
सबसे पहले शरीर को रखें हाइड्रेट
डॉ. अमित मगलानी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि डाइजेस्टिव सिस्टम को सही ढंग से काम करने के लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना जरूरी है. दिनभर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी पीने की कोशिश करें. गर्मियों में जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा और बढ़ाई जा सकती है. बेहतर होगा कि हर 2 से 3 घंटे में एक गिलास पानी जरूर पिएं. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और डाइजेशन की प्रोसेस भी बेहतर तरीके से काम करती है.
सीजनल फल और ताजी सब्जियां करें शामिल
रोजाना की डाइट में ताजे मौसमी फल, सलाद और हरी सब्जियां जरूर शामिल करें. डॉ. मंगलानी का कहना है कि महंगे विदेशी फलों की बजाय स्थानीय और मौसमी फल ज्यादा फायदेमंद होते हैं. इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं. जो डाइजेशन को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. जहां तक संभव हो ताजे फल खाएं और फ्रोजन फलों की बजाय ताजा विकल्प चुनें.
प्रोटीन भी है जरूरी
शरीर के लिए प्रोटीन भी उतना ही जरूरी है. अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो बैलेंस मात्रा में अंडा, मछली या चिकन ले सकते हैं. वहीं वेजिटेरियन लोग दालें, चना, राजमा, लोबिया और अन्य दालों को अपनी डाइट में शामिल करें. पर्याप्त प्रोटीन शरीर की मरम्मत और बेहतर स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है.

डाइजेस्टिव सिस्टम को सही ढंग से काम करने के लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना जरूरी है.
तेल, चीनी और जंक फूड रखें सीमित
बहुत ज्यादा तला-भुना खाना, प्रोसेस्ड फूड, पैकेज्ड स्नैक्स और अधिक चीनी का सेवन डाइजेशन पर बुरा असर डाल सकता है. इसलिए तेल का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें. जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड से जितना हो सके दूरी बनाएं. साथ ही मीठे और सिंपल शुगर वाली चीजों का सेवन भी कम करें.
खाने के प्रति रहें अलर्ट
उनकी सलाह देते है कि सिर्फ क्या खा रहे हैं, यही नहीं बल्कि कैसे खा रहे हैं, इस पर भी ध्यान दें. भोजन बैलेंस मात्रा में करें और रोजाना स्वस्थ खानपान की आदत अपनाएं. सही डाइट, पर्याप्त पानी और पौष्टिक भोजन डाइजेस्टिव सिस्टम को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.
डॉ. अमित मिगलानी को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और थेरेप्यूटिक एंडोस्कोपी के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक का अनुभव है.
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