Brain and Gut Connection: हमारा ब्रेन हमारे पूरे शरीर को चलाने का काम करता है. इसके संचालन से ही हम सारे काम करते हैं. वहीं बात करें आपके पेट यानि की गट हेल्थ की तो शायद ही कुछ लोगों को पता होगा कि हमारा ब्रेन और गट दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. अगर आपकी गट हेल्थ ठीक नहीं है तो इसका असर आपके ब्रेन पर भी पड़ता है.
अब आप सोचेंगे कि आखिर पेट और गट एक-दूसरे से कैसे कनेक्ट हो सकते हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी की ये दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इसी के साथ जुड़ी होती है हमारी सेक्स लाइफ भी. हमारी गट हेल्थ हमारे ब्रेन और यौन इच्छा पर कैसे असर डालती है इस सवाल का जवाब हमको दे रहे हैं डॉ. अमित मिगलानी ( Director & HOD - Gastroenterology, AIMS, Faridabad) से. उन्होंने गट और ब्रेन के बीच के कनेक्शन के बारे में बताया है साथ ही बताया कि ये कैसे हमारी सेक्स लाइफ पर भी प्रभाव डालता है.
ब्रेन और गट के बीच में क्या कनेक्शन है? (Connection Between Brain and Gut)
डॉ अमित मिगलानी ने कहा कि ब्रेन गट एक्सेस से ज्यादा हम इसे गट ब्रेन एक्सेस बोलेंगे. हम गट को पहले रखेंगे. हमारे जो गट में जो नर्वस हैं वो हमारे ब्रेन और स्पाइनल कॉर्ड में जितने न्यूरॉन्स हैं उससे भी ज्यादा है.
गट को Second Brain क्यों कहा जाता है?
लोग इसे एंट्रिक नर्वस सिस्टम कहते हैं जो हमारे इंटेस्टाइन का नर्वस सिस्टम है उसको सेकेंड ब्रेन भी कहा जाता है. हमारे फॉदर ऑफ मेडिसिन भी कहते हैं कि सारी समस्याएं पेट से ही होती हैं. कही ना कहीं हमारे इंटेस्टाइन में जो नर्वस सिस्टम है उस पर अगर असर पड़ता है.
Brain-Gut Connection क्या है?
उसके अगर न्यूरोट्रांसमीटर्स पर असर पड़ता है तो वो सीधा हमारे ब्रेन को सिग्नल देता है और ब्रेन से सिग्नल हमारी पूरी बॉडी पर जाता है. एक जरूरी हॉर्मोन होता है सेरोटोनिन हार्मोन जो कि 90 प्रतिशत इंटेस्टाइन में बनता है और ये जरूरी होता है हमारी भूख के लिए, हमारी स्लीप के लिए, हमारी बोन हेल्थ के लिए, हमारे मूड के लिए, हमारे घावों के भरने के लिए और हमारी सेक्सुअल डिजायर के लिए.
Serotonin Hormone का गट हेल्थ से क्या संबंध है?
90 प्रतिशत सेरोटोनिन हार्मोन इंटेस्टाइन में बनता है और फिर जाकर वो बाकी जगह एक्ट करता है. इसका मतलब है कि ऐसा कहा जा सकता है कि अगर आपका पेट ठीक नहीं है तो इसका असर हमारे ब्रेन पर भी पड़ता है.
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गट हेल्थ बेहतर रखने के लिए क्या करें?
- प्रोबायोटिक्स वाले फूड्स खाएं
- फाइबर युक्त डाइट लें
- पर्याप्त नींद लें
- स्ट्रेस कम करें
- नियमित एक्सरसाइज करें
- प्रोसेस्ड फूड कम खाएं
नर्वस होने पर पेट में गुड़-गुड़ क्यों होती है?
इसके साथ ही कई बार कुछ लोगों के साथ ऐसा होता है कि वो कुछ नया करने जा रहे होते हैं, या बाहर जा रहे होते हैं तो उनके पेट में गुड़-गुड़ होने लगती है और कई बार लोग बार-बार वाशरूम भागते हैं.
आपको बता दें कि ये भी गट और ब्रेन के बीच कनेक्शन की वजह से होता है. इस कनेक्शन को बोलते हैं फियर और फाइट. जब कोई डर होता है तो हमारे ब्रेन के अंदर एड्रिलीन रश और कोटिसो लेवल बढ़ जाता है. जब ये बढ़ जाते हैं तो इसका असर इंटेस्टाइन पर भी पड़ता है. इस वजह से पेट में दर्द होता है और वाशरूम जाने का मन करता है.
लू आपको एक प्राइवेट स्पेस देता है. ऐसे में आप सेफ फील करने के लिए लू जाते हैं क्योंकि वहां पर आपसे कोई मिलने नहीं आता है. इसलिए लोग वहां पर जाकर खुद को कॉम डाउन करते हैं.
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या गट हेल्थ का असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है?
हां, गट हेल्थ का सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ सकता है. हमारे पेट और दिमाग के बीच एक खास कनेक्शन होता है जिसे गट-ब्रेन एक्सिस कहा जाता है. जब गट में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ता है या पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं, तो इसका प्रभाव मूड, तनाव, चिंता और नींद पर भी पड़ सकता है.
गट को सेकेंड ब्रेन क्यों कहा जाता है?
गट को "सेकेंड ब्रेन" इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें मौजूद एंट्रिक नर्वस सिस्टम (Enteric Nervous System) लाखों न्यूरॉन्स से बना होता है. यह सिस्टम पाचन क्रिया को नियंत्रित करने के साथ-साथ दिमाग के साथ लगातार संवाद करता रहता है, इसलिए इसे दूसरा दिमाग भी कहा जाता है.
Serotonin शरीर में कहां बनता है?
सेरोटोनिन एक महत्वपूर्ण न्यूरोट्रांसमीटर है जो मूड, नींद, भूख और भावनाओं को प्रभावित करता है. शरीर का लगभग 90 प्रतिशत सेरोटोनिन आंतों (इंटेस्टाइन) में बनता है, जबकि थोड़ी मात्रा दिमाग में बनती है.
क्या तनाव होने पर पेट दर्द होना सामान्य है?
हां, तनाव या घबराहट के दौरान पेट में दर्द, गुड़-गुड़ होना या बार-बार वॉशरूम जाने की इच्छा होना सामान्य प्रतिक्रिया हो सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि तनाव के समय बढ़ने वाले हार्मोन, जैसे कोर्टिसोल और एड्रेनालिन, गट की कार्यप्रणाली को प्रभावित करते हैं.
क्या खराब गट हेल्थ सेक्सुअल डिजायर को प्रभावित कर सकती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, खराब गट हेल्थ का असर मूड, हार्मोनल संतुलन, ऊर्जा स्तर और सेरोटोनिन के उत्पादन पर पड़ सकता है. ये सभी कारक मिलकर सेक्सुअल डिजायर (यौन इच्छा) को प्रभावित कर सकते हैं. इसलिए बेहतर गट हेल्थ, ओवरऑल वेलनेस और यौन स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है.
एक्सपर्ट का संक्षिप्त बायो
डॉ. अमित मिगलानी एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के निदेशक एवं विभागाध्यक्ष हैं। उन्हें पेट, पाचन तंत्र और लिवर की बीमारियों के इलाज का 18 साल से अधिक अनुभव है। उन्होंने 40,000 से ज्यादा एंडोस्कोपी प्रक्रियाएं की हैं और ईआरसीपी, ईयूएस व अन्य आधुनिक एंडोस्कोपिक उपचारों के विशेषज्ञ हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे रिसर्च, ट्रेनिंग और मेडिकल शिक्षा में भी सक्रिय योगदान देते हैं।
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